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सूची में शामिल पर 407 को आवास का इंतजार
Sat, 13 Apr 2019 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। हर गरीब के सिर पर छत हो और वह पक्के मकान में बसर कर सके। लिहाजा सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अति गरीब परिवारों को आवास मुहैया करा रही है। मगर जिले में कुल 407 ऐसे गरीब परिवार हैं, जिन्हें आवास देने के लिए चिह्नित तो कर लिया गया है। लेकिन विभागीय लेटलताफी से उन्हें छत नहीं मिल पा रहा है। जबकि जनप्रतिनिधि गरीबों को प्रधानमंत्री आवास दिए जाने का ढिंढोरा पीट रहे हैं।
विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो जिले में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 9877 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास के लिए चिह्नित करते हुए उनका नाम सूची में शामिल किया गया। आवास निर्माण के लिए लाभार्थियों को तीन किस्तों में धनराशि दी जाती है। इसमें लाभार्थियों को हर किस्त में 40-40 हजार रुपये दिए जाते है। साथ ही संबंधित विभाग का अधिकारी मौके पर जाकर कार्य की प्रगति के आधार पर धनराधि आवंटित करता है। आकड़ों पर गौर करें तो जिले में अभी 407 ऐसे लाभार्थी शेष हैं जो सूची में तो थे। मगर विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें छत नहीं मिल सका है। ऐसे में लाभार्थियों को आवास के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता की बात सामने आ रही है। जबकि केंद्र व प्रदेश दोनों की सरकारें गरीबों की आवास मुहैया कराने को लेकर गंभीर है। बावजूद इसके लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। पीडी संत कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास तेजी से बनवाए जा रहे है। जो आवास नहीं बने है। उन्हें जल्द से जल्द बनवा दिया जाएगा।
आवास में धांधली का मामला आ चुका है सामने
प्रधानमंत्री आवास योजना में उन्हीं परिवारों को लाभ दिया जाता है, जो आवास के पात्र हों। जिनके पास सिर ढकने के लिए छत न हो। मगर जिले में खेसरहा ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना एक ही गांव में 50 से अधिक अपात्र व्यक्तियों के आवास दिए जाने का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की गई। इसके बाद जिले के आलाधिकारी ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
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विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो जिले में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 9877 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास के लिए चिह्नित करते हुए उनका नाम सूची में शामिल किया गया। आवास निर्माण के लिए लाभार्थियों को तीन किस्तों में धनराशि दी जाती है। इसमें लाभार्थियों को हर किस्त में 40-40 हजार रुपये दिए जाते है। साथ ही संबंधित विभाग का अधिकारी मौके पर जाकर कार्य की प्रगति के आधार पर धनराधि आवंटित करता है। आकड़ों पर गौर करें तो जिले में अभी 407 ऐसे लाभार्थी शेष हैं जो सूची में तो थे। मगर विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें छत नहीं मिल सका है। ऐसे में लाभार्थियों को आवास के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता की बात सामने आ रही है। जबकि केंद्र व प्रदेश दोनों की सरकारें गरीबों की आवास मुहैया कराने को लेकर गंभीर है। बावजूद इसके लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। पीडी संत कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास तेजी से बनवाए जा रहे है। जो आवास नहीं बने है। उन्हें जल्द से जल्द बनवा दिया जाएगा।
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आवास में धांधली का मामला आ चुका है सामने
प्रधानमंत्री आवास योजना में उन्हीं परिवारों को लाभ दिया जाता है, जो आवास के पात्र हों। जिनके पास सिर ढकने के लिए छत न हो। मगर जिले में खेसरहा ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना एक ही गांव में 50 से अधिक अपात्र व्यक्तियों के आवास दिए जाने का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की गई। इसके बाद जिले के आलाधिकारी ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
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