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कर्जमाफी कर सरकार ने पूरा किया सकंल्प
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:07 PM IST
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सिद्धार्थनगर। लंबे समय से कर्जमाफी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए सोमवार का दिन अविस्मरणीय भरा रहा। प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने जिला जेल के सामने स्थित मैदान में सजे मंच से जिले में इस योजना का आगाज किया। पहले चरण के लिए चिह्नित 11117 किसानों में 5 हजार को कर्जमाफी का प्रमाण पत्र दिया गया। शेष किसानों को तहसील स्तर पर समारोह में प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। बैंकों का कर्जा खत्म होने पर जहां अधिकांश किसान प्रफुल्लित रहे, वहीं मंत्री, विधायक व सरकार से जुड़े लोग इसे ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते रहे।
समारोह में मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि चुनाव से पहले पार्टी ने किसानों की कर्जमाफी का संकल्प लिया था और पहली कैबिनेट की बैठक में इसे पूरा भी कर दिया। यह माफी पार्टी, धर्म या जाति के आधार पर नहीं हुई है, पात्रता पूरा करने वाले हर किसान का कर्ज माफ हुआ है। सबका साथ-सबका विकास की सोच को सरकार साकार कर रही है। कहा कि हमें विरासत में खाली खजाना मिला था, केंद्र सरकार ने भी कर्जमाफी का पैसा देने से इनकार कर दिया, बावजूद योगी सरकार ने पहली कैबिनेट की बैठक में साढ़े 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी का फैसला लेकर साबित किया है कि हमारी कथनी-करनी में कोई फर्क नहीं है। गांव, गरीब, किसान, झोपड़ी का हर इंसान हमारी प्राथमिकता में है। जिले के 64571 किसानों का कर्ज माफ होना है। किन्हीं कारणों से कोई पात्र किसान वंचित रह गया है तो मायूस न हो, इसकी लिखित शिकायत करें, उसे भी लाभ दिया जाएगा। जिले में अपनी पहली जनसभा में प्रभारी मंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने भाजपा को 5 विधायक और एक सांसद दिया है। यह आपका अहसान है, इसे पार्टी कभी नहीं भूलेगी। बाढ़ हो या सूखा हर सुख-दुख में हम साथ खड़े रहेंगे। पांच वर्षों में इस पिछड़े जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। समारोह में सांसद जगदंबिका पाल ने पीएम ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया है, कर्जमाफी उसी की कड़ी है। इससे पहले बाढ़ राहत कार्य में भी सरकार ने संवेदनशील ढंग से कार्य किया है। इतनी मात्रा में राहत सामग्री दी गई, जितनी अब तक किसी सरकार ने नहीं दी थी। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने ओमप्रकाश, लक्ष्मीकांत, कन्हैया, राममिलन, सफीकुलनिशा, सीताराम, रामनरेष सहित दर्जनों किसानों को अपने हाथों प्रमाण पत्र दिया। इससे पहले प्रभारी मंत्री ने पं.दीनदयाल उपाध्याय चित्र प्रदर्शनी की शुरुआत की। माटी का धोधा टीम के आरके किशोर की टीम व नेहा श्रीवास्तव ने स्वागत गीत से अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह, इटवा के डॉ.सतीश द्विवेदी, सदर के श्यामधनी राही, कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि जोगेंद्र मिश्र सहित प्रभारी डीएम अनिल कुमार मिश्र, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्र, डीडी कृषि डॉ.पीके कन्नौजिया, जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, डीडीओ सुदामा प्रसाद, पीडी संत कुमार, लीड बैंक अधिकारी कल्पनाथ अनुरागी आदि मौजूद रहे। संचालन प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पांडेय ने किया।
अफसर-कर्मचारी पैसा मांगे तो करें शिकायत
समारोह में प्रभारी मंत्री ने सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी प्रशासन पर जोर दिया। मंच से किसानों का आह्वान किया कि फसल नुकसान का सर्वे, प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन कराने, मुआवजा, पेंशन सहित किसी भी योजना का लाभ दिलाने के बदले कोई पैसा मांगता है तो उसे मत देना। ऐसे लोगों के बारे में शिकायत करें। हमें हर माह यहां आना है। संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समारोह के बाद प्रभारी मंत्री के इस बयान की लोगों में खूब चर्चा रही। लोग कहते सुने गए कि अब कर्मचारी पैसा मांगें, तुरंत मंत्री को बता दूंगा।
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खूब फिसली जुबान
समारोह स्थल पर भाषण के दौरान जनप्रतिनिधियों की जुबान खूब फिसली। सदर विधायक श्यामधनी राही भाषण दे रहे थे, तभी प्रभारी मंत्री का काफिला पहुंच गया। विधायक ने माननीय मंत्री चेतन राम कहकर संबोधित किया तो लोग खिलखिला उठे। इनके बाद आए शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह भी संबोधन के दौरान मंच पर बैठे लोगों का नाम लेते समय डुमरियागंज विधायक कहा, अचानक उनके मौजूद न होने की याद आई तो बात संभालते हुए कहा कि डुमरियागंज विधायक नहीं आए हैं। सांसद जगदंबिका पाल ने चेतन चौहान को हॉकी का अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी कहा, हालांकि अगले ही पल इसमें संशोधन कर क्रिकेट खिलाड़ी कहा। इससे पहले सांसद प्रतिनिधि राजमणि पांडेय डॉ. सतीश द्विवेदी को चतुर्वेदी कह चुके थे।
उपेक्षित रहे एडीएम व एसडीएम
समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह उपेक्षित नजर आए। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम और एसडीएम भी पूरी तरह किनारे ही रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, एसडीएम शोहरतगढ़ सत्यप्रकाश सिंह, बांसी के प्रदुम्न सिंह पत्रकार दीर्घा में ही बैठे रहे। एडीएम न्यायिक गुरु प्रसाद गुप्त भी कुछ देर बैठे रहे। बाद में कहीं चले। मंच पर प्रभारी डीएम अनिल कुमार मिश्र के साथ अतिथियों के स्वागत के लिए डीडीओ, पीडी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी को आमंत्रित किया गया, लेकिन एडीएम, एसडीएम का किसी ने जिक्र भी नहीं किया। इसे लेकर चर्चाएं होती रहीं।
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समारोह में मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि चुनाव से पहले पार्टी ने किसानों की कर्जमाफी का संकल्प लिया था और पहली कैबिनेट की बैठक में इसे पूरा भी कर दिया। यह माफी पार्टी, धर्म या जाति के आधार पर नहीं हुई है, पात्रता पूरा करने वाले हर किसान का कर्ज माफ हुआ है। सबका साथ-सबका विकास की सोच को सरकार साकार कर रही है। कहा कि हमें विरासत में खाली खजाना मिला था, केंद्र सरकार ने भी कर्जमाफी का पैसा देने से इनकार कर दिया, बावजूद योगी सरकार ने पहली कैबिनेट की बैठक में साढ़े 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी का फैसला लेकर साबित किया है कि हमारी कथनी-करनी में कोई फर्क नहीं है। गांव, गरीब, किसान, झोपड़ी का हर इंसान हमारी प्राथमिकता में है। जिले के 64571 किसानों का कर्ज माफ होना है। किन्हीं कारणों से कोई पात्र किसान वंचित रह गया है तो मायूस न हो, इसकी लिखित शिकायत करें, उसे भी लाभ दिया जाएगा। जिले में अपनी पहली जनसभा में प्रभारी मंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने भाजपा को 5 विधायक और एक सांसद दिया है। यह आपका अहसान है, इसे पार्टी कभी नहीं भूलेगी। बाढ़ हो या सूखा हर सुख-दुख में हम साथ खड़े रहेंगे। पांच वर्षों में इस पिछड़े जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। समारोह में सांसद जगदंबिका पाल ने पीएम ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया है, कर्जमाफी उसी की कड़ी है। इससे पहले बाढ़ राहत कार्य में भी सरकार ने संवेदनशील ढंग से कार्य किया है। इतनी मात्रा में राहत सामग्री दी गई, जितनी अब तक किसी सरकार ने नहीं दी थी। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने ओमप्रकाश, लक्ष्मीकांत, कन्हैया, राममिलन, सफीकुलनिशा, सीताराम, रामनरेष सहित दर्जनों किसानों को अपने हाथों प्रमाण पत्र दिया। इससे पहले प्रभारी मंत्री ने पं.दीनदयाल उपाध्याय चित्र प्रदर्शनी की शुरुआत की। माटी का धोधा टीम के आरके किशोर की टीम व नेहा श्रीवास्तव ने स्वागत गीत से अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह, इटवा के डॉ.सतीश द्विवेदी, सदर के श्यामधनी राही, कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि जोगेंद्र मिश्र सहित प्रभारी डीएम अनिल कुमार मिश्र, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्र, डीडी कृषि डॉ.पीके कन्नौजिया, जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, डीडीओ सुदामा प्रसाद, पीडी संत कुमार, लीड बैंक अधिकारी कल्पनाथ अनुरागी आदि मौजूद रहे। संचालन प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पांडेय ने किया।
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अफसर-कर्मचारी पैसा मांगे तो करें शिकायत
समारोह में प्रभारी मंत्री ने सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी प्रशासन पर जोर दिया। मंच से किसानों का आह्वान किया कि फसल नुकसान का सर्वे, प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन कराने, मुआवजा, पेंशन सहित किसी भी योजना का लाभ दिलाने के बदले कोई पैसा मांगता है तो उसे मत देना। ऐसे लोगों के बारे में शिकायत करें। हमें हर माह यहां आना है। संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समारोह के बाद प्रभारी मंत्री के इस बयान की लोगों में खूब चर्चा रही। लोग कहते सुने गए कि अब कर्मचारी पैसा मांगें, तुरंत मंत्री को बता दूंगा।
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खूब फिसली जुबान
समारोह स्थल पर भाषण के दौरान जनप्रतिनिधियों की जुबान खूब फिसली। सदर विधायक श्यामधनी राही भाषण दे रहे थे, तभी प्रभारी मंत्री का काफिला पहुंच गया। विधायक ने माननीय मंत्री चेतन राम कहकर संबोधित किया तो लोग खिलखिला उठे। इनके बाद आए शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह भी संबोधन के दौरान मंच पर बैठे लोगों का नाम लेते समय डुमरियागंज विधायक कहा, अचानक उनके मौजूद न होने की याद आई तो बात संभालते हुए कहा कि डुमरियागंज विधायक नहीं आए हैं। सांसद जगदंबिका पाल ने चेतन चौहान को हॉकी का अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी कहा, हालांकि अगले ही पल इसमें संशोधन कर क्रिकेट खिलाड़ी कहा। इससे पहले सांसद प्रतिनिधि राजमणि पांडेय डॉ. सतीश द्विवेदी को चतुर्वेदी कह चुके थे।
उपेक्षित रहे एडीएम व एसडीएम
समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह उपेक्षित नजर आए। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम और एसडीएम भी पूरी तरह किनारे ही रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, एसडीएम शोहरतगढ़ सत्यप्रकाश सिंह, बांसी के प्रदुम्न सिंह पत्रकार दीर्घा में ही बैठे रहे। एडीएम न्यायिक गुरु प्रसाद गुप्त भी कुछ देर बैठे रहे। बाद में कहीं चले। मंच पर प्रभारी डीएम अनिल कुमार मिश्र के साथ अतिथियों के स्वागत के लिए डीडीओ, पीडी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी को आमंत्रित किया गया, लेकिन एडीएम, एसडीएम का किसी ने जिक्र भी नहीं किया। इसे लेकर चर्चाएं होती रहीं।