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नगर विकास समेत 11 विभागों को नहीं मिला धन
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नगर विकास समेत 11 विभागों को नहीं मिला धन
जिला योजना के प्रस्ताव पर शासन से आवंटित होना था धन
उद्यान, उच्च शिक्षा, भूमि सुधार आदि ने शामिल नहीं कराई थी कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। नगरीय क्षेत्र में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने समेत बाढ़ नियंत्रण जैसे विभिन्न कार्यों के लिए शासन की तरफ से वित्तीय वर्ष 2018-19 में धन नहीं मिला है। वहीं इस वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना को लेकर जिला योजना की बैठक नहीं हो पाई है। इससे 11 विभागों के कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर इस वर्ष कोई कार्य नहीं होगा।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिला योजना की संस्तुति के बाद शासन को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में कई विभागों की महत्वपूर्ण कार्यों के क्रियान्वयन संबंधी अपनी कार्ययोजना ही शामिल नहीं कराई। इसका नतीजा रहा कि इन विभागों को शासन की तरफ से कोई धन आवंटित नहीं हुआ। यहां तक कि बाढ़ प्रभावित इस जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए भी कोई धन नहीं मिल सका। वहीं नगरीय क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना के तहत हैंडपंपों की स्थापना, मरम्मत व रिबोर के लिए कोई धन नहीं मिल सका है। इसके साथ ही उद्यान विभाग के राज्य औद्योगिक मिशन योजना, भूमि विकास एवं जल संसाधन, भूमि सुधार के तहत सीलिंग भूमि आवंटियों को आर्थिक सहायता, निजी लघु सिंचाई, रेशम उद्योग, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, सेवायोजन और पुष्टाहार आदि कार्यक्रमों के लिए शासन के तरफ से कोई धन नहीं सका। इस कारण इन महत्वपूर्ण योजनाओं पर इस वर्ष कोई कार्य नहीं हो सकेगा।
विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ी योजनाएं
विभिन्न विभागों से जुड़े 48 कार्यक्रमों के लिए विभागों की तरफ से कार्ययोजना बनाकर जिला योजना की बैठक में अनुमोदित कराकर शासन को भेजा जाता है। जहां से इन प्रस्तावों के सापेक्ष धन आवंटित होता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में संबंधित विभागों के जिम्मेदारों की तरफ से जिला योजना के माध्यम से शासन को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में अपनी कार्ययोजनाएं ही शामिल नहीं कराई गई। इसका नतीजा महत्वपूर्ण कार्यों से जिले के लोग महरूम रहेंगे।
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बाढ़ नियंत्रण और आपदा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए अलग से बजट की व्यवस्था है। जिला योजना के लिए शासन की ओर से निर्धारित बजट के अनुसार अन्य विभागों को बजट आवंटित किए जाते हैं।
डीएम, कुणाल सिल्कू
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जिला योजना के प्रस्ताव पर शासन से आवंटित होना था धन
उद्यान, उच्च शिक्षा, भूमि सुधार आदि ने शामिल नहीं कराई थी कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। नगरीय क्षेत्र में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने समेत बाढ़ नियंत्रण जैसे विभिन्न कार्यों के लिए शासन की तरफ से वित्तीय वर्ष 2018-19 में धन नहीं मिला है। वहीं इस वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना को लेकर जिला योजना की बैठक नहीं हो पाई है। इससे 11 विभागों के कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर इस वर्ष कोई कार्य नहीं होगा।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिला योजना की संस्तुति के बाद शासन को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में कई विभागों की महत्वपूर्ण कार्यों के क्रियान्वयन संबंधी अपनी कार्ययोजना ही शामिल नहीं कराई। इसका नतीजा रहा कि इन विभागों को शासन की तरफ से कोई धन आवंटित नहीं हुआ। यहां तक कि बाढ़ प्रभावित इस जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए भी कोई धन नहीं मिल सका। वहीं नगरीय क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना के तहत हैंडपंपों की स्थापना, मरम्मत व रिबोर के लिए कोई धन नहीं मिल सका है। इसके साथ ही उद्यान विभाग के राज्य औद्योगिक मिशन योजना, भूमि विकास एवं जल संसाधन, भूमि सुधार के तहत सीलिंग भूमि आवंटियों को आर्थिक सहायता, निजी लघु सिंचाई, रेशम उद्योग, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, सेवायोजन और पुष्टाहार आदि कार्यक्रमों के लिए शासन के तरफ से कोई धन नहीं सका। इस कारण इन महत्वपूर्ण योजनाओं पर इस वर्ष कोई कार्य नहीं हो सकेगा।
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विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ी योजनाएं
विभिन्न विभागों से जुड़े 48 कार्यक्रमों के लिए विभागों की तरफ से कार्ययोजना बनाकर जिला योजना की बैठक में अनुमोदित कराकर शासन को भेजा जाता है। जहां से इन प्रस्तावों के सापेक्ष धन आवंटित होता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में संबंधित विभागों के जिम्मेदारों की तरफ से जिला योजना के माध्यम से शासन को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में अपनी कार्ययोजनाएं ही शामिल नहीं कराई गई। इसका नतीजा महत्वपूर्ण कार्यों से जिले के लोग महरूम रहेंगे।
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बाढ़ नियंत्रण और आपदा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए अलग से बजट की व्यवस्था है। जिला योजना के लिए शासन की ओर से निर्धारित बजट के अनुसार अन्य विभागों को बजट आवंटित किए जाते हैं।
डीएम, कुणाल सिल्कू