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इलाज के दौरान बच्ची की मौत, लापरवाही काआरोप
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:28 PM IST
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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत
उल्टी-दस्त से पीड़ित नाजुक स्थिति में सीएचसी इटवा से रेफर हुई थी बच्ची
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
कहा, इस मामले में डीएम से भी करेंगे शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आई बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र स्थित धोबहा पठानडीह गांव निवासी शिवपूजन की बच्ची मंजू (7) कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद शुक्रवार की सुबह उसे इलाज के लिए सीएचसी इटवा ले गए।
शिवपूजन ने बताया कि वहां डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद वह बच्ची को लेकर जिला अस्पताल आए। बच्ची को ड्रिप लगाकर डॉक्टर ने पर्ची लिखकर दवा लाने को कहा। आसपास दवा नहीं मिली तो वह मार्केट में दवा लेने चला गया। इस दौरान काफी देर हो गई और जब वह अस्पताल पहुंचा तो बच्ची की मौत हो चुकी थी। आरोप लगाया कि अगर अस्पताल में दवा उपलब्ध होती तो बच्ची की जान बच सकती थी। इसे लेकर परिजनों ने डीएम से शिकायत करने की बात भी कही है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि अभी वह बाहर हैं। घटना की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। लापरवाही बरती गई है तो कार्रवाई होगी।
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उल्टी-दस्त से पीड़ित नाजुक स्थिति में सीएचसी इटवा से रेफर हुई थी बच्ची
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
कहा, इस मामले में डीएम से भी करेंगे शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आई बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र स्थित धोबहा पठानडीह गांव निवासी शिवपूजन की बच्ची मंजू (7) कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद शुक्रवार की सुबह उसे इलाज के लिए सीएचसी इटवा ले गए।
शिवपूजन ने बताया कि वहां डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद वह बच्ची को लेकर जिला अस्पताल आए। बच्ची को ड्रिप लगाकर डॉक्टर ने पर्ची लिखकर दवा लाने को कहा। आसपास दवा नहीं मिली तो वह मार्केट में दवा लेने चला गया। इस दौरान काफी देर हो गई और जब वह अस्पताल पहुंचा तो बच्ची की मौत हो चुकी थी। आरोप लगाया कि अगर अस्पताल में दवा उपलब्ध होती तो बच्ची की जान बच सकती थी। इसे लेकर परिजनों ने डीएम से शिकायत करने की बात भी कही है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि अभी वह बाहर हैं। घटना की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। लापरवाही बरती गई है तो कार्रवाई होगी।
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