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शोहरतगढ़ से अटल जी को था गहरा लगाव
siddharthnagar
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:46 PM IST
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Atal Bihari Vajpayee
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शोहरतगढ़। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को शोहरतगढ़ से गहरा लगाव था। 1955-56 में वह कई बार यहां आए और जनसंघ कार्यकर्ता स्व. रघुनाथ जायसवाल के आवास पर सभा की। 1956 में उन्होंने दो बार जनसंघ कार्यकर्ता शिवशंकर उमर के आवास पर रात्रि विश्राम किया था।
बलरामपुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने शोहरतगढ़ के पड़ाव बाजार में सभा को संबोधित किया था।अटल जी के साथ बलरामपुर में चुनाव प्रचार करने वाले वार्ड नंबर तीन निवासी राधेश्याम ज्ञानी (85) ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में ही वाजपेयी राजनीति में सक्रिय हो गए थे। उनकी सोच औरों से अलग थी। उन्होंने अपनी बेजोड़ लेखनी से देशवासियों को अपनी ओर आकर्षित किया।
नगर के वार्ड नंबर सात शास्त्रीनगर निवासी शिवशंकर उमर ने बताया कि 1956 में शोहरतगढ़ बस्ती जिले में था। इस दौरान अटल जी ने रघुनाथ जायसवाल के आवास पर कई बार सभा की थी। दो बार उनके आवास पर भी रात्रि विश्राम किया था। 1992 में शोहरतगढ़ के छतहरी स्टेडियम में भी वाजपेयी जी ने जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि अटल जी के निधन से देश को जो क्षति हुई है उसकी भरपाई नहीं हो सकती।
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बलरामपुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने शोहरतगढ़ के पड़ाव बाजार में सभा को संबोधित किया था।अटल जी के साथ बलरामपुर में चुनाव प्रचार करने वाले वार्ड नंबर तीन निवासी राधेश्याम ज्ञानी (85) ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में ही वाजपेयी राजनीति में सक्रिय हो गए थे। उनकी सोच औरों से अलग थी। उन्होंने अपनी बेजोड़ लेखनी से देशवासियों को अपनी ओर आकर्षित किया।
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नगर के वार्ड नंबर सात शास्त्रीनगर निवासी शिवशंकर उमर ने बताया कि 1956 में शोहरतगढ़ बस्ती जिले में था। इस दौरान अटल जी ने रघुनाथ जायसवाल के आवास पर कई बार सभा की थी। दो बार उनके आवास पर भी रात्रि विश्राम किया था। 1992 में शोहरतगढ़ के छतहरी स्टेडियम में भी वाजपेयी जी ने जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि अटल जी के निधन से देश को जो क्षति हुई है उसकी भरपाई नहीं हो सकती।
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