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शहर में बिजली के मीटरों में चिप से हो रहा खेल
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 01 Dec 2018 09:07 PM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर में बिजली के मीटरों में चिप से खेल हो रहा है। निगम का मानना है कि शहर के 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं के यहां मीटर में चिप लगा है। इससे बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर में पिछले दो माह के भीतर 30 ऐसे मामले निगम के सामने आ भी चुके हैं। जिनके खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है। इन सबके बावजूद लोग मीटर में चिप लगाने से डर नहीं रहे हैं।
सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी बिजली चोरी का मामला रुक नहीं रहा है। अब तक जहां कटिया कनेक्शन कर बिजली चोरी की बात सामने आती थी, वहीं अब लोग बिजली के मीटर में चिप लगाकर बिजली चोरी कर रहे हैं। यह खेल पिछले दो सालों से शहर में चल रहा है, लेकिन अब तक निगम चिप लगाने वाले सरगना तक नहीं पहुंच पाया है। सूत्रों की माने तो इस खेल में निगम के कुछ लोग भी शामिल हैं। जिनके शह पर मीटर में चिप लगाया जा रहा है। शहर के 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों में बिजली चिप लगाने की बात भी सामने आ चुकी है। इतना ही नहीं निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर के बड़े और रसूखदार घरों में भी बिजली के मीटर में चिप लगाए गए हैं, लेकिन निगम उन पर हाथ इसलिए नहीं डाल पा रहा है, क्योंकि वहां पर राजनीतिक दबाव अधिकारियों पर आ जाता है। निगम ने दो माह के भीतर शहर के 30 ऐसे लोगों पर केस भी दर्ज करा चुकी है, जो बिजली मीटर में चिप लगाकर बिजली चोरी कर रहे थे। इन मामलों में निगम ने लाखों रुपये जुर्माने के तौर पर भी वसूले हैं। अधिशासी अभियंता पीएन प्रसाद ने बताया कि शहर के कई घरों में बिजली के मीटर में चिप लगाने की बात अब तक सामने आ चुकी है। यह खेल पिछले दो सालों से चल रहा था। हर माह करीब 15 से 20 मामले सामने भी आ रहे है। इन पर केस भी दर्ज कराया जा रहा है। रही बात विभागीय अधिकारियों के मिलीभगत की तो यह बिल्कुल गलत है। प्राइवेट लाइनमैन ही इन कामों को अंजाम दे रहे है।
बस्ती और गोरखपुर में लगाते हैं चिप
विभाग के अधिकारियों की माने तो मीटर में एक विशेष प्रकार का माइक्रो चिप लगाया जाता है, जो बिजली के मीटर को स्लो कर देता है। इस कारण मीटर रीडिंग हर माह बेहद कम आता है। यह चिप विशेष मशीन से ही पकड़ी जाती है। सामान्य स्तर पर निगम के लोग भी चिप नहीं पकड़ पाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि अवकाश दिन ही प्राइवेट लाइनमैन के जरिए लोग चिप लगवाते हैं। जिससे की पकड़ में न आ सके।
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बाईपास से भी हो रही बिजली की चोरी
अधिकारियों ने बताया कि मीटर में चिप लगाने से जहां बिजली की चोरी हो रही है। वहीं, बाईपास के जरिए भी बिजली चोरी का खेल खेला जा रहा है। इस काम में भी प्राइवेट लाइनमैन की भूमिका संदिग्ध है। बताया जाता है कि एक बाईपास से दो घरों में कनेक्शन देने का खेल खेला जा रहा है। ठंडक में यह खेल जमकर खेला जाता है।
शहर से लेकर गांव तक में फैला है नेटवर्क
बिजली मीटर के चिप लगाने का खेल शहर से लेकर गांव तक फैला है। शहर में यह संख्या अच्छी खासी है। इसके अलावा शोहरतगढ़, बांसी, डुमरियागंज, उसका और बढ़नी जैसे नगर पंचायतों में भी चिप लगाने की बात सामने आ चुकी है।
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सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी बिजली चोरी का मामला रुक नहीं रहा है। अब तक जहां कटिया कनेक्शन कर बिजली चोरी की बात सामने आती थी, वहीं अब लोग बिजली के मीटर में चिप लगाकर बिजली चोरी कर रहे हैं। यह खेल पिछले दो सालों से शहर में चल रहा है, लेकिन अब तक निगम चिप लगाने वाले सरगना तक नहीं पहुंच पाया है। सूत्रों की माने तो इस खेल में निगम के कुछ लोग भी शामिल हैं। जिनके शह पर मीटर में चिप लगाया जा रहा है। शहर के 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों में बिजली चिप लगाने की बात भी सामने आ चुकी है। इतना ही नहीं निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर के बड़े और रसूखदार घरों में भी बिजली के मीटर में चिप लगाए गए हैं, लेकिन निगम उन पर हाथ इसलिए नहीं डाल पा रहा है, क्योंकि वहां पर राजनीतिक दबाव अधिकारियों पर आ जाता है। निगम ने दो माह के भीतर शहर के 30 ऐसे लोगों पर केस भी दर्ज करा चुकी है, जो बिजली मीटर में चिप लगाकर बिजली चोरी कर रहे थे। इन मामलों में निगम ने लाखों रुपये जुर्माने के तौर पर भी वसूले हैं। अधिशासी अभियंता पीएन प्रसाद ने बताया कि शहर के कई घरों में बिजली के मीटर में चिप लगाने की बात अब तक सामने आ चुकी है। यह खेल पिछले दो सालों से चल रहा था। हर माह करीब 15 से 20 मामले सामने भी आ रहे है। इन पर केस भी दर्ज कराया जा रहा है। रही बात विभागीय अधिकारियों के मिलीभगत की तो यह बिल्कुल गलत है। प्राइवेट लाइनमैन ही इन कामों को अंजाम दे रहे है।
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बस्ती और गोरखपुर में लगाते हैं चिप
विभाग के अधिकारियों की माने तो मीटर में एक विशेष प्रकार का माइक्रो चिप लगाया जाता है, जो बिजली के मीटर को स्लो कर देता है। इस कारण मीटर रीडिंग हर माह बेहद कम आता है। यह चिप विशेष मशीन से ही पकड़ी जाती है। सामान्य स्तर पर निगम के लोग भी चिप नहीं पकड़ पाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि अवकाश दिन ही प्राइवेट लाइनमैन के जरिए लोग चिप लगवाते हैं। जिससे की पकड़ में न आ सके।
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बाईपास से भी हो रही बिजली की चोरी
अधिकारियों ने बताया कि मीटर में चिप लगाने से जहां बिजली की चोरी हो रही है। वहीं, बाईपास के जरिए भी बिजली चोरी का खेल खेला जा रहा है। इस काम में भी प्राइवेट लाइनमैन की भूमिका संदिग्ध है। बताया जाता है कि एक बाईपास से दो घरों में कनेक्शन देने का खेल खेला जा रहा है। ठंडक में यह खेल जमकर खेला जाता है।
शहर से लेकर गांव तक में फैला है नेटवर्क
बिजली मीटर के चिप लगाने का खेल शहर से लेकर गांव तक फैला है। शहर में यह संख्या अच्छी खासी है। इसके अलावा शोहरतगढ़, बांसी, डुमरियागंज, उसका और बढ़नी जैसे नगर पंचायतों में भी चिप लगाने की बात सामने आ चुकी है।