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मिठवल ब्लाक प्रमुख की कुर्सी छिनी
Updated Wed, 05 Jul 2017 06:39 PM IST
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पथरा (सिद्धार्थनगर)। सदर के बाद अब मिठवल के ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी भी छिन गई है। बुधवार को गहमागहमी के बीच बीडीसी सदस्यों ने प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। मतदान में शामिल कुल 103 सदस्यों में से 60 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट किए, जबकि 35 वोट विपक्ष में पड़े। आठ मतों को रद्द घोषित कर दिया गया। दो सदस्य अनुपस्थित रहे। मतगणना के बाद प्रमुख विरोधी खेमा झूम उठा। एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। उधर, प्रमुख ने मतदान में धांधली का आरोप लगाया है।
जनवरी 2016 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में नूरजहां सपा प्रत्याशी के रूप में मिठवल ब्लॉक से निर्विरोध प्रमुख निर्वाचित हुई थीं। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही यहां प्रमुख की कुर्सी डगमगाने लगी थी। पिछले माह अपना दल युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी के नेतृत्व में बहुमत के सदस्यों ने डीएम को शपथ पत्र सौंप कर अविश्वास प्रस्ताव लाने की इच्छा जताई थी। डीएम ने इस पर चर्चा के लिए 5 जुलाई की तिथि तय की थी। बुधवार को सुबह 11 बजे एडीएम बाबूराम की मौजूदगी में प्रस्ताव पर चर्चा आरंभ हुई। सदस्यों ने एक स्वर में प्रमुख पर विकास कार्यों में अनियमितता, सदस्यों के हितों की अनदेखी सहित कई गंभीर आरोप लगाया। प्रमुख ने आरोपों को खारिज किया। करीब दो घंटे तक चर्चा के बाद कोई निष्कर्ष न निकलने पर अपराह्न एक बजे से गुप्त मतदान शुरू हुआ। शाम चार बजे तक चले मतदान में कुल 103 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें 60 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिए। 35 सदस्यों ने विपक्ष में मतदान किया। एडीएम बाबूराम के परिणाम घोषित करते ही सदस्य खुशी से झूम उठे।
अनुपस्थित रहे दो सदस्य
मिठवल ब्लॉक में 106 बीडीसी सदस्य का पद है। इसमें एक पद अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के चलते रिक्त है। 105 निर्वाचित प्रतिनिधियों में से 103 ने ही अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही में हिस्सा लिया। छितौनी से शोहराब व सेहरी की सुधा सिंह अनुपस्थित रहीं।
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परिणाम एक नजर में:
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में : 60 वोट
विपक्ष में पड़े : 35 वोट
रद्द घोषित : 08 वोट
प्रस्ताव पास होते ही झूमे समर्थक
बड़े अंतर से ब्लाक प्रमुख पद पर अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही समर्थक खुशी से झूम उठे। अपना दल युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी की अगुवाई में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर गले लगाया और बधाइयां दी। हेमंत ने आम सदस्यों की जीत करार दिया। कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने जबरन प्रमुख की कुर्सी हथिया ली थी। किसी भी अन्य प्रत्याशी को नामांकन भी नहीं करने दिया गया था। सपा सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटा था, यह अविश्वास उसी का परिणाम है। खुशी मनाने वालों में डॉ.दशरथ चौधरी, पूर्व प्रमुख मेवाती चौधरी, अपना दल जिलाध्यक्ष आत्माराम पटेल, अनिल यादव, उपेंद्र सिंह, कपिलदेव चौधरी, निशा चौधरी, लालबहादुर, शमशुल होदा, मिथिलेश भारती आदि शामिल रहे।
सत्ता के दबाव में हुई धांधली : नूरजहां
अपदस्थ प्रमुख नूरजहां ने मतदान में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध ढंग से बीडीसी सदस्य की बजाए कंपेनियन (प्रतिनिधि) वोट दिलवाए गए। करीब 15 कंपेनियन वोट पड़े हैं। शासन सत्ता के दबाव में प्रशासन ने धांधली कराई है। इसकी शिकायत उच्चस्तर पर करेंगी।
अब आगे क्या...
एडीएम बाबूराम के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख के अपदस्थ होने की रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। शासन स्तर पर इसके चुनाव के लिए नए सिरे से प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। नए प्रमुख के चुनाव तक विकास कार्यों के संचालन के लिए डीएम की ओर से संचालन समिति का गठन किया जा सकता है।
अब बढ़नी जीतने की तैयारी
सपा सरकार में जिले के सभी 14 ब्लॉकों में सपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई थी। सत्ता परिवर्तन के बाद कइयों की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। सदर ब्लाक प्रमुख शफीक अहमद को अपदस्थ कर सत्ताधारी दल ने इसकी शुरुआत की थी और मिठवल में दूसरी जीत हासिल की है। अब उनका पूरा जोर बढ़नी ब्लाक के लिए लग गया है। यहां दो तिहाई सदस्य मौजूदा प्रमुख के खिलाफ डीएम को शपथ पत्र सौंप चुके हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर 10 जुलाई को चर्चा होनी है। भाजपा-अपना दल गठबंधन के कार्यकर्ता यहां भी प्रमुख को अपदस्थ कर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए हर संभव कोशिश में जुट गए हैं।
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जनवरी 2016 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में नूरजहां सपा प्रत्याशी के रूप में मिठवल ब्लॉक से निर्विरोध प्रमुख निर्वाचित हुई थीं। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही यहां प्रमुख की कुर्सी डगमगाने लगी थी। पिछले माह अपना दल युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी के नेतृत्व में बहुमत के सदस्यों ने डीएम को शपथ पत्र सौंप कर अविश्वास प्रस्ताव लाने की इच्छा जताई थी। डीएम ने इस पर चर्चा के लिए 5 जुलाई की तिथि तय की थी। बुधवार को सुबह 11 बजे एडीएम बाबूराम की मौजूदगी में प्रस्ताव पर चर्चा आरंभ हुई। सदस्यों ने एक स्वर में प्रमुख पर विकास कार्यों में अनियमितता, सदस्यों के हितों की अनदेखी सहित कई गंभीर आरोप लगाया। प्रमुख ने आरोपों को खारिज किया। करीब दो घंटे तक चर्चा के बाद कोई निष्कर्ष न निकलने पर अपराह्न एक बजे से गुप्त मतदान शुरू हुआ। शाम चार बजे तक चले मतदान में कुल 103 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें 60 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिए। 35 सदस्यों ने विपक्ष में मतदान किया। एडीएम बाबूराम के परिणाम घोषित करते ही सदस्य खुशी से झूम उठे।
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अनुपस्थित रहे दो सदस्य
मिठवल ब्लॉक में 106 बीडीसी सदस्य का पद है। इसमें एक पद अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के चलते रिक्त है। 105 निर्वाचित प्रतिनिधियों में से 103 ने ही अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही में हिस्सा लिया। छितौनी से शोहराब व सेहरी की सुधा सिंह अनुपस्थित रहीं।
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परिणाम एक नजर में:
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में : 60 वोट
विपक्ष में पड़े : 35 वोट
रद्द घोषित : 08 वोट
प्रस्ताव पास होते ही झूमे समर्थक
बड़े अंतर से ब्लाक प्रमुख पद पर अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही समर्थक खुशी से झूम उठे। अपना दल युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी की अगुवाई में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर गले लगाया और बधाइयां दी। हेमंत ने आम सदस्यों की जीत करार दिया। कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने जबरन प्रमुख की कुर्सी हथिया ली थी। किसी भी अन्य प्रत्याशी को नामांकन भी नहीं करने दिया गया था। सपा सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटा था, यह अविश्वास उसी का परिणाम है। खुशी मनाने वालों में डॉ.दशरथ चौधरी, पूर्व प्रमुख मेवाती चौधरी, अपना दल जिलाध्यक्ष आत्माराम पटेल, अनिल यादव, उपेंद्र सिंह, कपिलदेव चौधरी, निशा चौधरी, लालबहादुर, शमशुल होदा, मिथिलेश भारती आदि शामिल रहे।
सत्ता के दबाव में हुई धांधली : नूरजहां
अपदस्थ प्रमुख नूरजहां ने मतदान में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध ढंग से बीडीसी सदस्य की बजाए कंपेनियन (प्रतिनिधि) वोट दिलवाए गए। करीब 15 कंपेनियन वोट पड़े हैं। शासन सत्ता के दबाव में प्रशासन ने धांधली कराई है। इसकी शिकायत उच्चस्तर पर करेंगी।
अब आगे क्या...
एडीएम बाबूराम के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख के अपदस्थ होने की रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। शासन स्तर पर इसके चुनाव के लिए नए सिरे से प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। नए प्रमुख के चुनाव तक विकास कार्यों के संचालन के लिए डीएम की ओर से संचालन समिति का गठन किया जा सकता है।
अब बढ़नी जीतने की तैयारी
सपा सरकार में जिले के सभी 14 ब्लॉकों में सपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई थी। सत्ता परिवर्तन के बाद कइयों की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। सदर ब्लाक प्रमुख शफीक अहमद को अपदस्थ कर सत्ताधारी दल ने इसकी शुरुआत की थी और मिठवल में दूसरी जीत हासिल की है। अब उनका पूरा जोर बढ़नी ब्लाक के लिए लग गया है। यहां दो तिहाई सदस्य मौजूदा प्रमुख के खिलाफ डीएम को शपथ पत्र सौंप चुके हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर 10 जुलाई को चर्चा होनी है। भाजपा-अपना दल गठबंधन के कार्यकर्ता यहां भी प्रमुख को अपदस्थ कर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए हर संभव कोशिश में जुट गए हैं।