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स्कूल भवन जर्जर, खुले में पढ़ रहे बच्चे
siddharthnagar
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:02 PM IST
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ग्राम पंचायत दहियाड़ के टोला लौसा के प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर है। ऐसे में यहां के बच्चों को खुले में पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाया जाता ।
- फोटो : अमर उजाला
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शोहरतगढ़। विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत दहियाड़ के टोला लौसा में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पेड़ की छांव में पढ़ने को मजबूर हैं। कारण कि स्कूल का भवन जर्जर है। बारिश के वक्त यहां पठन पाठन बंद रहता है।
प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक लाल बहादुर ने बताया कि विद्यालय का भवन जर्जर है और बरसात में पानी का रिसाव होने के कारण बच्चे घर चले जाते है। साफ मौसम में बच्चों को मैदान में पढ़ाया जाता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों ने यही राय दी कि बच्चों को मैदान में ही पढ़ाया जाना सुरक्षित और उचित होगा। गांव के अभिभावक संजय, रामसरण, शिवसरण, अनवर अली, हजरत अली, कल्लू, रहमत अली, रामप्रकाश, असगर अली, राजमन, राममिलन, अर्जुन ने बताया कि विद्यालय की जर्जर स्थिति को देख हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में अपने पाल्यों को कमरे के अंदर पढने के लिए कैसे भेजें। इसलिए विद्यालय के शिक्षक, बच्चों को मैदान में ही पेड़ के नीचे पढ़ा रहे हैं।
छात्र मुकेश, अरुण, फैय्याज, राजकुमार, दिलशाद, स्नेहलता, आरती, नंदनी, सुशील, राहुल, अंजली, साहिदा, पवन, मीनाक्षी, दीक्षा, अंकित, सुमन ने बताया कि बारिश के दौरान विद्यालय के छत से प्लास्टर टूटकर हम लोगों के बगल में आ गया। हम सब बच्चे भयभीत होकर घर को चले गए और अपने अभिभावकों को घटना के बारे में बताया। तब से साफ मौसम में मैदान में ही पढ़ाई कर रहे हैं और बारिश के मौसम में विद्यालय नहीं आते है। यहां पढ़ने वालों बच्चों की संख्या 74 है। प्रधान अनीता चौधरी ने बताया कि बरसात बाद जर्जर विद्यालय भवन को ध्वस्त करवाकर नया भवन बनवाया जाएगा। बीईओ रमेश चंद्र मौर्य ने बताया कि ऐसा मामला है तो स्थिति गंभीर है। विद्यालय की मरम्मत प्रधान द्वारा करायी जानी है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक लाल बहादुर ने बताया कि विद्यालय का भवन जर्जर है और बरसात में पानी का रिसाव होने के कारण बच्चे घर चले जाते है। साफ मौसम में बच्चों को मैदान में पढ़ाया जाता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों ने यही राय दी कि बच्चों को मैदान में ही पढ़ाया जाना सुरक्षित और उचित होगा। गांव के अभिभावक संजय, रामसरण, शिवसरण, अनवर अली, हजरत अली, कल्लू, रहमत अली, रामप्रकाश, असगर अली, राजमन, राममिलन, अर्जुन ने बताया कि विद्यालय की जर्जर स्थिति को देख हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में अपने पाल्यों को कमरे के अंदर पढने के लिए कैसे भेजें। इसलिए विद्यालय के शिक्षक, बच्चों को मैदान में ही पेड़ के नीचे पढ़ा रहे हैं।
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छात्र मुकेश, अरुण, फैय्याज, राजकुमार, दिलशाद, स्नेहलता, आरती, नंदनी, सुशील, राहुल, अंजली, साहिदा, पवन, मीनाक्षी, दीक्षा, अंकित, सुमन ने बताया कि बारिश के दौरान विद्यालय के छत से प्लास्टर टूटकर हम लोगों के बगल में आ गया। हम सब बच्चे भयभीत होकर घर को चले गए और अपने अभिभावकों को घटना के बारे में बताया। तब से साफ मौसम में मैदान में ही पढ़ाई कर रहे हैं और बारिश के मौसम में विद्यालय नहीं आते है। यहां पढ़ने वालों बच्चों की संख्या 74 है। प्रधान अनीता चौधरी ने बताया कि बरसात बाद जर्जर विद्यालय भवन को ध्वस्त करवाकर नया भवन बनवाया जाएगा। बीईओ रमेश चंद्र मौर्य ने बताया कि ऐसा मामला है तो स्थिति गंभीर है। विद्यालय की मरम्मत प्रधान द्वारा करायी जानी है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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