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100 मीटर की सड़क बन गई है डेंजर जोन
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:35 PM IST
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कहने के लिए वह सिर्फ 100 मीटर की सड़क है, मगर एक सप्ताह में इस सड़क पर तीन जानें जा चुकी है। यह तो सिर्फ शुरुआत है, सर्दी में आए दिन यहां हादसे होते हैं।
पिछले वर्ष करीब आधा दर्जन लोग सड़क हादसे के शिकार हुए थे। डेंजर जोन में तब्दील हुई यह सड़क है सड़वा चौराहे से रगड़गंज नहर चौराहे तक की। इटवा-डुमरियागंज मुख्य मार्ग पर स्थि यह प्वाइंट सुरक्षित यातायात के लिए चुनौती बन गया है, मगर जिम्मेदार इससे अनजान बने हुए है।
बस्ती से डुमरियागंज, इटवा, बढ़नी होते हुए नेपाल बार्डर को जोड़ने वाली यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग की श्रेणी में है। लिहाजा आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिन-रात वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। सड़क पर स्थित घनी आबादी वाले कई स्थान ऐसे हैं, जहां न तो कोई संकेतांक लगे हैं और न ही स्पीड कंट्रोल के लिए ब्रेकर या कोई अन्य विकल्प है। नतीजा वाहन चालक तेज रफ्तार से हाईवे पर फर्राटे भरते चले जा रहे हैं और राहगीरों को असमय काल के गाल में पहुंचा रहे हैं।
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पिछले एक सप्ताह की स्थिति पर गौर करें तो इस मार्ग पर 100 मीटर की दूरी में ही दो हादसों में तीन लोग जान गंवा चुके हैं। ठंड मौसम के साथ कोहरा लगातार घना होता जा रहा है। ऐसे में इस मार्ग पर हादसों की संख्या में इजाफा होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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पिछले वर्ष करीब आधा दर्जन लोग सड़क हादसे के शिकार हुए थे। डेंजर जोन में तब्दील हुई यह सड़क है सड़वा चौराहे से रगड़गंज नहर चौराहे तक की। इटवा-डुमरियागंज मुख्य मार्ग पर स्थि यह प्वाइंट सुरक्षित यातायात के लिए चुनौती बन गया है, मगर जिम्मेदार इससे अनजान बने हुए है।
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बस्ती से डुमरियागंज, इटवा, बढ़नी होते हुए नेपाल बार्डर को जोड़ने वाली यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग की श्रेणी में है। लिहाजा आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिन-रात वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। सड़क पर स्थित घनी आबादी वाले कई स्थान ऐसे हैं, जहां न तो कोई संकेतांक लगे हैं और न ही स्पीड कंट्रोल के लिए ब्रेकर या कोई अन्य विकल्प है। नतीजा वाहन चालक तेज रफ्तार से हाईवे पर फर्राटे भरते चले जा रहे हैं और राहगीरों को असमय काल के गाल में पहुंचा रहे हैं।
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पिछले एक सप्ताह की स्थिति पर गौर करें तो इस मार्ग पर 100 मीटर की दूरी में ही दो हादसों में तीन लोग जान गंवा चुके हैं। ठंड मौसम के साथ कोहरा लगातार घना होता जा रहा है। ऐसे में इस मार्ग पर हादसों की संख्या में इजाफा होने की आशंका भी जताई जा रही है।