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डीएम व सीडीओ ने पतिझिया में किया श्रमदान
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पतिझिया गांव में ग्रामीणों को जल संचयन की जानकारी देते व श्रमदान करते डीएम व सीडीओ
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। पतिझिया में शनिवार को डीएम व सीडीओ ने श्रमदान किया। प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानों को भेजे गए पत्र को पढ़कर सुनाया भी। इसके साथ ही जल संचयन योजना को गंभीरता से लागू करने व उससे होने वाले फायदों की जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों को डीएम ने शपथ भी दिलाई कि वे हर हाल में बरसात के पानी को संचित करेंगे।
पतिझिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम ओपी आर्य ने कहा कि जल संरक्षण आज की मुख्य आवश्यकता है। यदि हम लोग अभी से नहीं चेते तो धीरे-धीरे पानी का सतह नीचे गिरने के साथ ही पेड़, पौधों व मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडे़गा। जल संरक्षण से लोगों को आसानी से पेयजल व सिंचाई सुविधाएं मुहैया होंगी। साथ ही गिरते भूगर्भ जलस्तर को रोकने में मदद मिलेगी। जल संरक्षण से ही जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है।
ग्राम प्रधान अपने खंड विकास अधिकारियों से विचार-विमर्श कर मनरेगा के माध्यम से तालाब खुदवाएं। इससे गांव में जल संरक्षण भी होगा, साथ ही स्थानीय मजदूरों को रोजगार भी मिलेगा। गांव में भूजल स्तर में सुधार व निकट भविष्य में जलापूर्ति, भूजल स्तर को ऊपर उठाने एवं वर्षा जल संचयन के लिए सभी घरों में वर्षा जल संचयन ढांचा बनाने के लिए प्रधानमंत्री जल संचयन योजना का शुभारंभ किया गया है।
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जल जीवन के लिये सबसे अहम प्राकृतिक संसाधन है। वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दशकों में यह विश्व के कई क्षेत्रों में एक गंभीर अभाव की स्थिति में चला जायेगा। आज दुनिया भर में पानी की कमी का कारण सूखा, सिंचाई की बढ़ती मांग, औद्योगिक मांग, प्रदूषण, जल संसाधनों के प्रयोग में कमी और जल की व्यर्थ बर्बादी और गैर जिम्मेदाराना रवैया है।
सीडीओ अवनीश राय ने कहा कि बढ़ती घरेलू, औद्योगिक और कृषि से संबंधित कार्यों की मांग की पूर्ति के कारण पानी की उपलब्ध मात्रा में कमी हो रही है। यह स्थिति भविष्य में और गंभीर हो सकती है। कुछ दशकों में देश में सिंचाई का विस्तार करने का प्रयास किया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि हमारी जल संपदा का अत्यधिक दोहन हुआ है। बढ़ते शहरीकरण व औद्योगीकरण ने पानी की मांग बढ़ा दी है। देश के कई भागों में जल का भारी अभाव हो गया है। इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि हम जल को संरक्षित रखें और उसका दुरुपयोग होने से बचाएं।
इस दौरान निर्माणाधीन तालाब के बगल ही संचालित गोशाला का भी डीएम व सीडीओ ने निरीक्षण किया। ग्राम पतिझिया में प्रधानमंत्री जल संचयन अभियान के तहत डीएम व सीडीओ ने श्रमदान कर लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। साथ ही ग्राम वासियों को प्रधानमंत्री द्वारा ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र को भी पढ़कर जल संचयन की शपथ दिलायी। इस मौके पर डीसी मनरेगा उपेंद्र पाठक, जिला समन्वयक राज कुमार त्रिपाठी, हरिगेंद्र वर्मा, ग्राम प्रधान सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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पतिझिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम ओपी आर्य ने कहा कि जल संरक्षण आज की मुख्य आवश्यकता है। यदि हम लोग अभी से नहीं चेते तो धीरे-धीरे पानी का सतह नीचे गिरने के साथ ही पेड़, पौधों व मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडे़गा। जल संरक्षण से लोगों को आसानी से पेयजल व सिंचाई सुविधाएं मुहैया होंगी। साथ ही गिरते भूगर्भ जलस्तर को रोकने में मदद मिलेगी। जल संरक्षण से ही जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है।
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ग्राम प्रधान अपने खंड विकास अधिकारियों से विचार-विमर्श कर मनरेगा के माध्यम से तालाब खुदवाएं। इससे गांव में जल संरक्षण भी होगा, साथ ही स्थानीय मजदूरों को रोजगार भी मिलेगा। गांव में भूजल स्तर में सुधार व निकट भविष्य में जलापूर्ति, भूजल स्तर को ऊपर उठाने एवं वर्षा जल संचयन के लिए सभी घरों में वर्षा जल संचयन ढांचा बनाने के लिए प्रधानमंत्री जल संचयन योजना का शुभारंभ किया गया है।
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जल जीवन के लिये सबसे अहम प्राकृतिक संसाधन है। वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दशकों में यह विश्व के कई क्षेत्रों में एक गंभीर अभाव की स्थिति में चला जायेगा। आज दुनिया भर में पानी की कमी का कारण सूखा, सिंचाई की बढ़ती मांग, औद्योगिक मांग, प्रदूषण, जल संसाधनों के प्रयोग में कमी और जल की व्यर्थ बर्बादी और गैर जिम्मेदाराना रवैया है।
सीडीओ अवनीश राय ने कहा कि बढ़ती घरेलू, औद्योगिक और कृषि से संबंधित कार्यों की मांग की पूर्ति के कारण पानी की उपलब्ध मात्रा में कमी हो रही है। यह स्थिति भविष्य में और गंभीर हो सकती है। कुछ दशकों में देश में सिंचाई का विस्तार करने का प्रयास किया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि हमारी जल संपदा का अत्यधिक दोहन हुआ है। बढ़ते शहरीकरण व औद्योगीकरण ने पानी की मांग बढ़ा दी है। देश के कई भागों में जल का भारी अभाव हो गया है। इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि हम जल को संरक्षित रखें और उसका दुरुपयोग होने से बचाएं।
इस दौरान निर्माणाधीन तालाब के बगल ही संचालित गोशाला का भी डीएम व सीडीओ ने निरीक्षण किया। ग्राम पतिझिया में प्रधानमंत्री जल संचयन अभियान के तहत डीएम व सीडीओ ने श्रमदान कर लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। साथ ही ग्राम वासियों को प्रधानमंत्री द्वारा ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र को भी पढ़कर जल संचयन की शपथ दिलायी। इस मौके पर डीसी मनरेगा उपेंद्र पाठक, जिला समन्वयक राज कुमार त्रिपाठी, हरिगेंद्र वर्मा, ग्राम प्रधान सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।