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बिजली कटौती के नए रोस्टर से ग्रामीण परेशान
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श्रावस्ती। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही विद्युत आपूर्ति से उपभोक्ता बेहाल हैं। अघोषित बिजली कटौती से जूझ रहे उपभोक्ताओं की नए रोस्टर ने मुश्किलें और बढ़ा दी है। खेती किसानी के इस मौसम में पूरे दिन आपूर्ति बाधित रहने से जहां किसान परेशान हैं। वहीं बिजली के सहारे संचालित कार्य भी बाधित हो रहे हैं। इसका असर लोगों के दैनिक कार्यों पर भी दिखने लगा है।
ग्रामीण क्षेत्रों को आठ घंटा दिन व आठ घंटे रात में विद्युत आपूर्ति देने का रोष्टर है। इसके बदले में उपभोक्ताओं को दस से बारह घंटे ही आपूर्ति नसीब हो रही थी। वहीं पावर कॉर्पोरेशन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति देने के लिए नया रोस्टर जारी किया गया है। इसके तहत सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक बिजली कटौती हो रही है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में बिजली के सहारे होने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खेती किसानी के मौसम में कटौती के कारण किसान खेतों का पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। जिन किसानों ने सरसों व गेहूं आदि की बोआई कर दी है उन्हें खेत की सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिजली के सहारे संचालित कार्य प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों में 90 फीसदी जन सेवा केंद्र बिजली के सहारे ही संचालित हो रहे हैं। जहां सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक लोग विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन करने आते हैं। ऐसे में जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं जन सेवा केंद्र संचालक भी परेशान हैं। यही स्थिति बिजली के सहारे चलने वाले स्पेलर, पालेसर, आटा चक्की, मसाला चक्की आदि का भी है। दिन में आपूर्ति बाधित होने से लोगों को रात में जाग कर काम करना पड़ रहा है। वहीं इसका व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित दुकानें भी अछूती नहीं हैं।
बिजली आपूर्ति का रोस्टर पावर कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों से निर्धारित होता है। वहां से मिलने वाले कोड के अनुसार ही कटौती की जाती है। उपभोक्ताओं की इस समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जो भी निर्णय होना है वह वहीं से होगा। - रमा शंकर मौर्य, अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
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ग्रामीण क्षेत्रों को आठ घंटा दिन व आठ घंटे रात में विद्युत आपूर्ति देने का रोष्टर है। इसके बदले में उपभोक्ताओं को दस से बारह घंटे ही आपूर्ति नसीब हो रही थी। वहीं पावर कॉर्पोरेशन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति देने के लिए नया रोस्टर जारी किया गया है। इसके तहत सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक बिजली कटौती हो रही है।
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इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में बिजली के सहारे होने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खेती किसानी के मौसम में कटौती के कारण किसान खेतों का पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। जिन किसानों ने सरसों व गेहूं आदि की बोआई कर दी है उन्हें खेत की सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिजली के सहारे संचालित कार्य प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों में 90 फीसदी जन सेवा केंद्र बिजली के सहारे ही संचालित हो रहे हैं। जहां सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक लोग विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन करने आते हैं। ऐसे में जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं जन सेवा केंद्र संचालक भी परेशान हैं। यही स्थिति बिजली के सहारे चलने वाले स्पेलर, पालेसर, आटा चक्की, मसाला चक्की आदि का भी है। दिन में आपूर्ति बाधित होने से लोगों को रात में जाग कर काम करना पड़ रहा है। वहीं इसका व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित दुकानें भी अछूती नहीं हैं।
बिजली आपूर्ति का रोस्टर पावर कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों से निर्धारित होता है। वहां से मिलने वाले कोड के अनुसार ही कटौती की जाती है। उपभोक्ताओं की इस समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जो भी निर्णय होना है वह वहीं से होगा। - रमा शंकर मौर्य, अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन