UP : 'यीशू का लहू सब पापों से शुद्ध करता है...तुम लोग भी ईसाई बन जाओ'; ऐसा बोलकर करते थे धर्म परिवर्तन
श्रावस्ती में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यीशू के नाम पर ईसाई बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा है। इस दौरान कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं।
विस्तार
श्रावस्ती की ग्राम पंचायत भयापुरवा में धर्मांतरण चल रहा था। पुलिस ने इसका पर्दाफाश किया है। सोमवार को पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। साथ ही मौके से भारी मात्रा में ईसाई धर्म की पुस्तकें व अन्य सामग्री बरामद की है।हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भयापुरवा में बड़े स्तर पर हो रहे धर्मांतरण की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए एसपी राहुल भाटी ने बताया कि मुख्य आरोपी भयापुरवा निवासी राजेश व कुंदन को गिरफ्तार किया है।
उनके पास से ईसाई धर्म का 10 बाइबिल ग्रंथ हिंदी भाषा में, तीन धार्मिक गीत संग्रह, दो पोस्टर, 197 लाइसेंस कार्ड, 198 इमैनुअल मिनीस्ट्री परिचय पत्र, 484 बैपटिज्म सर्टिफिकेट, 140 इमैनुअल मिनीस्ट्री, 20 विभिन्न बैंको के पासबुक की छायाप्रति, 39 एसके मिनीस्ट्रीज आरएमएस रजिस्ट्रेशन फार्म, एक जाति प्रमाण, दो सामान्य निवास प्रमाण पत्र, एक आय प्रमाण पत्र, तीन मार्कशीट, दो पैन कार्ड व 31 आधार कार्ड बरामद हुआ है। दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
बेहतर जीवन का प्रलोभन देते थे
जब पुलिस ने गांव में दबिश दी तो तंबू-कनात के नीचे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा दिखे। एक युवक धर्मग्रंथ पढ़ते हुए लोगों को धर्म बदलने के लिये प्रेरित करता नजर आया। वहीं, एक अन्य युवक लोगों को बेहतर जीवन शैली, दैवीय प्रसाद प्राप्त होने का मनोवैज्ञानिक दबाव बनाता दिखा। दोनों युवक धार्मिक पोस्टर दिखाकर 'यीशू का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है...तुम लोग भी ईसाई समुदाय में शामिल हो जाओ। प्रभू ईसा मसीह में विश्वास करो आदि कहते सुने गए।'
आभूषण, अनाज का भी देते थे लालच
पकड़े गए युवक राजेश कुमार व कुंदन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो लोगों को आभूषण, धन, अनाज, खाद्य सामग्री आदि का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। राजेश कुमार ने बताया कि उसका भाई शाखा व चाचा का लड़का रवि घूम-घूम कर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के कहते थे।
साथ ही गरीब लोगों को चिन्हित कर उन्हें गांव लाया जाता है, जहां उसके पिता लोगों को प्रेरित करते हैं। बताते चलें कि भयापुरवा के जिन लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था, वो सभी महावत जाति के हैं और गरीब हैं।