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फोरलेन पर डेढ़ घंटे बाधित रहा आवागमन
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दिकौली मोड़ के निकट फॅॅॅरलेन जामकर प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : SRAWASTI
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तुलसीपुर (श्रावस्ती)। भाकियू कार्यकर्ताओं ने छह सूत्री मांगों को लेकर दिकौली मोड़ पर शनिवार को फोर लेन जामकर प्रदर्शन किया। इसके चलते फोरलेन पर करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर पहुंचे एसडीएम के समझाने के बाद कार्यकर्ता माने। तब जाकर आवागमन बहाल हुआ।
नहर विभाग द्वारा सोनवा थाने में विगत दिनों तहरीर देकर कर्मचारियों को बंधक बनाने के मामले में भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा, पवन वर्मा, लवकुश वर्मा व किसान गुड्डू वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस बात को लेकर खार खाए भाकियू कार्यकर्ता आए दिन फोरलेन जामकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिनकी मुख्य मांग यूनियन कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेना है।
इसी बात को लेकर शनिवार को पुन: भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोनवा थाना क्षेत्र के दिकौली मोड़ स्थित फोरलेन जाम कर कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए। ऐसे में फोरलेन पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना के बाद प्रभारी निरीक्षक सोनवा सुरेंद्र कुमार शर्मा के साथ उपजिलाधिकारी जमुनहा शौरभ शुक्ला व सीओ इकौना एमपी शर्मा के समझाने के बाद सभी किसान दिकौली मोड़ स्थिति रैनबसेरा में बैठ गए। इस दौरान उनके द्वारा एसडीएम को डीएम को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें जिले में संचालित सभी माइनर व रजबहों के नाम, तैनात अधिकारियों व अभियंताओं के नाम व मोबाइल नंबर, सफाई व मरम्मत की प्रमाणित प्रति सहित अन्य मांग शामिल रहीं।
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बिना अनुमति बार-बार आवागमन बाधित कर रहे कार्यकर्ता
भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा बौद्ध परिपथ व फोरलेन सहित जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर आए दिन प्रदर्शन किया जाता है। इसके चलते जहां मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहता है। वहीं लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं धरना-प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ता एंबुलेंस सहित अन्य छोटे वाहनों को भी नहीं जाने देते। ऐसे में लोगों को भारी असुविधा होती है। इसके बावजूद न तो प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही यूनियन कार्यकर्ता चिह्नित स्थान पर अपना धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे आमजन में यूनियन के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है। आमजन का मानना है कि भाकियू अब व्यक्ति विशेष का संगठन बन कर रह गया है। जो अपने निजी स्वार्थ में जन सुविधाओं को नजरअंदाज कर रहा है। वहीं इस बारे में एडीएम कमलेश चंद्र का कहना है कि भिनगा में जिला पंचायत का मैदान धरना-प्रदर्शन के लिए चिह्नित है। ऐसे में जिसे धरना-प्रदर्शन करना है वह मार्ग पर आवागमन बाधित न कर चिह्नित स्थान पर शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन कर सकता है।
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नहर विभाग द्वारा सोनवा थाने में विगत दिनों तहरीर देकर कर्मचारियों को बंधक बनाने के मामले में भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा, पवन वर्मा, लवकुश वर्मा व किसान गुड्डू वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस बात को लेकर खार खाए भाकियू कार्यकर्ता आए दिन फोरलेन जामकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिनकी मुख्य मांग यूनियन कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेना है।
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इसी बात को लेकर शनिवार को पुन: भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोनवा थाना क्षेत्र के दिकौली मोड़ स्थित फोरलेन जाम कर कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए। ऐसे में फोरलेन पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना के बाद प्रभारी निरीक्षक सोनवा सुरेंद्र कुमार शर्मा के साथ उपजिलाधिकारी जमुनहा शौरभ शुक्ला व सीओ इकौना एमपी शर्मा के समझाने के बाद सभी किसान दिकौली मोड़ स्थिति रैनबसेरा में बैठ गए। इस दौरान उनके द्वारा एसडीएम को डीएम को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें जिले में संचालित सभी माइनर व रजबहों के नाम, तैनात अधिकारियों व अभियंताओं के नाम व मोबाइल नंबर, सफाई व मरम्मत की प्रमाणित प्रति सहित अन्य मांग शामिल रहीं।
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बिना अनुमति बार-बार आवागमन बाधित कर रहे कार्यकर्ता
भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा बौद्ध परिपथ व फोरलेन सहित जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर आए दिन प्रदर्शन किया जाता है। इसके चलते जहां मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहता है। वहीं लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं धरना-प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ता एंबुलेंस सहित अन्य छोटे वाहनों को भी नहीं जाने देते। ऐसे में लोगों को भारी असुविधा होती है। इसके बावजूद न तो प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही यूनियन कार्यकर्ता चिह्नित स्थान पर अपना धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे आमजन में यूनियन के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है। आमजन का मानना है कि भाकियू अब व्यक्ति विशेष का संगठन बन कर रह गया है। जो अपने निजी स्वार्थ में जन सुविधाओं को नजरअंदाज कर रहा है। वहीं इस बारे में एडीएम कमलेश चंद्र का कहना है कि भिनगा में जिला पंचायत का मैदान धरना-प्रदर्शन के लिए चिह्नित है। ऐसे में जिसे धरना-प्रदर्शन करना है वह मार्ग पर आवागमन बाधित न कर चिह्नित स्थान पर शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन कर सकता है।