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जर्जर सड़कों पर आवागमन हुआ दुश्वार

Mon, 17 Feb 2020 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2020 10:36 PM IST
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Traffic on shabby roads became bad
श्रावस्ती। जिले में मुख्य मार्गों को गड्ढा मुक्त बनाने के नाम पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, इसके बावजूद समस्या ज्यों की त्यों बनी है। वहीं भिनगा राजपुर मोड़ मार्ग का हाल बदहाल है। भिनगा जंगल के अंटा तिराहे से राजपुर मोड़ तक इस मार्ग पर वाहनों का चलना भी दूभर बना हुआ। क्षतिग्रस्त मार्ग व पटरियां दुर्घटना का कारण बन रही है। सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत कागजों में प्रति वर्ष दो बार हो रही है, जबकि हकीकत एकदम विपरीत होने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
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इंडोनेपाल सीमा क्षेत्र से सटे सिरसिया विकास क्षेत्र के गांवों को मुख्यालय भिनगा से जोड़ने वाला राजपुर भिनगा मार्ग करीब बारह किलोमीटर जंगल के मध्य से होकर गुजरा है। भिनगा जंगल के अंटा तिराहे से राजपुर मोड़ तक करीब पंद्रह किलोमीटर यह मार्ग बदहाल है। बरसात के दिनों में कई कई दिन तक यह मार्ग केन नाले में आने वाली बाढ़ के कारण डूबा रहता है। इससे बरसात के मौसम में इस मार्ग पर आवागमन भी बाधित होता रहता है।
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एसएसबी के सुइया बीओपी, गुज्जरगौरीह सहित अन्य बीओपी व अनुसूचित जनजाति थारु बाहुल्य गांव को जोड़ने वाले इस मार्ग पर बसों का संचालन भी होता है। इसके बावजूद मार्ग का हाल खराब है। अंटा तिराहे से राजपुर मोड़ तक मार्ग की दोनों पटरियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। वहीं केन नाले पर बना पुल भी नीचा होने के कारण बरसात में कई दिनों तक डूबा रहता है। इस मार्ग की प्रतिवर्ष कई बार मरम्मत भी कराई जाती है, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च भी होते हैं, लेकिन यह कार्य सिर्फ खानापूर्ति ही रहता है।
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इसके चलते मरम्मत के कुछ दिन बाद ही मार्ग बदहाल हो जाता है। करीब 25 वर्ष पूर्व बनी इस सड़क का उच्चीकरण न कर ठेकेदार सिर्फ गड्ढे में गिट्टी व तारकोल डालकर लीपापोती कर जिम्मेदारी से मुक्ति ले रहे हैं। इससे मार्ग पर जहां वाहनों का आवागमन प्रभावित होता है, वहीं आय दिन दुर्घटनाएं भी हो रहती हैं। सीमा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं, और न ही अधिकारी।
भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग रेहली विशुनपुर के निकट बाढ़ के दौरान अक्सर कट जाता है। इस पर निरंतर मांग व आश्वासन के बाद भी पुल का निर्माण नहीं कराया जा रहा है, और न ही जगह जगह जर्जर हो चुके इस मार्ग की मरम्मत ही हो रही है। फोरलेन की पटरियां पुलिस लाइंस से लक्ष्मननगर के मध्य कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इसकी भी मरम्मत नहीं हो रही है।
भिनगा सेमरी मार्ग, खरगौरा सेमरी मार्ग पूरी तरह से जर्जर है। इसकी पटरियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। मार्ग पर बनी पुलिया व डिप भी जर्जर हो चुकी है। ऐसा ही हाल सिसवा भंगहा मार्ग, तिलकपुर बनघुसरा मोड़ मार्ग, भिनगा परसा मार्ग, जमुनहा कानीबोझी सहित अन्य मार्ग का भी हैं। जिन्हें गड्ढा मुक्त न कराए जाने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय ने बताया कि क्षतिग्रस्त व जर्जर मार्गों की मरम्मत के लिए अधिशासी अभियंता लोक निर्माण को स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने के लिए निर्देशित किया गया था। शासन से पैसा मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी। रही बात गुणवत्ता की तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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