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Shravasti News: 11 किमी की दूरी से बचने के लिए ककरदरी व नेपाल के लोग करते हैं नाव का सफर

Mon, 03 Nov 2025 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Mon, 03 Nov 2025 01:21 AM IST
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To avoid the 11 km distance, people from Kakradari and Nepal travel by boat.
 ककरदरी गांव के निकट रविवार को नाव से नदी पार करने जा रहे लोग। - संवाद
श्रावस्ती। तराई के जमुनहा विकासखंड में नेपाल सीमा स्थित ककरदरी गांव के 4000 से अधिक लोग 11 किमी की दूरी से बचने के लिए नाव का प्रयोग करते हैं। यही नहीं, सीमा से सटे नेपाल के भी दर्जन भर से अधिक गांवों के लोग नाव के सहारे खरीदारी के लिए जमुनहा बाजार जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार राप्ती पर पुल बनाने की मांग की गई है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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जमुनहा विकासखंड का ककरदरी गांव भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। ककरदरी के एक ओर नेपाल है तो दूसरी ओर राप्ती नदी है। ककरदरी गांव जंगल से घिरा है। यहां के 4000 से अधिक लोग व सीमा से सटे नेपाल के भगवानपुर, मटेहिया, सरबराजपुरवा, पांडेयपुरवा, हुलासपुरवा, जमुनहा गांव, नरैनापुर, सोनबरसा, पिपरहवा, जमुनी व गंगापुर आदि गांवों के 30 हजार से अधिक लोग जमुनहा बाजार जाने के लिए ककरदरी घाट पहुंचते हैं।
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सभी नाव के सहारे राप्ती नदी पार कर तीन किलोमीटर की दूरी तय कर जमुनहा बजार पहुंचते हैं और खरीदारी के बाद नाव के सहारे ही अपने गांव लौटते हैं। ऐसे में किसी भी समय तराई में भी बहराइच के भरथापुर गांव जैसा दर्दनाक नाव हादसा हो सकता है।
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पुल बनवाने की मांग पर ध्यान नहीं दे रहे जनप्रतिनिधि
ककरदरी समेत नेपाली गांव के लोग समय व दूरी बचाने के लिए नाव का प्रयोग करते हैं। ककरदरी गांव निवासी जगतराम, राम सुरेश, कलेश कुमार, रामचंदरर, राम लाल व मोहित गुप्ता आदि ने बताया कि नाव से नदी पार करने के बाद मात्र तीन किमी दूरी पर ही जमुनहा बाजार पड़ता है।

सड़क से जमुनहा बजार जाने के लिए चार किमी लंबा ककरदरी जंगल पार करना पड़ता है। जंगल पार करने के बाद राप्ती बैराज के पास से कानीबोझी-भिनगा मार्ग होते हुए 10 किलोमीटर की दूरी तय कर हम लोग जमुनहा बाजार पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र का प्रमुख बाजार जमुनहा है, ऐसे में प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग नदी पार कर जमुनहा जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाइक व साइकिल भी नाव व लाद लेते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों तक से पुल बनवाने की मांग की गई है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा।





पहाड़ों पर बारिश के बाद अचानक बढ़ जाता है राप्ती का जलस्तर
बहराइच के भरथापुर में नाव हादसे का मुख्य कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से नाव के अनियंत्रित होने को बताया जा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल राप्ती नदी का भी है। राप्ती नदी भी ककरदरी गांव के पास नेपाल से ही आती है। नेपाल के पहाड़ों पर बारिश होने या बैराज से पानी छोड़े जाने पर यहां भी अचानक राप्ती का जलस्तर बढ़ जाता है।
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