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संक्रमण के प्रति जागरूक करने वाले ही हो रहे संक्रमित

Sun, 25 Apr 2021 11:28 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 11:28 PM IST
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Those who become aware of the infection are getting infected.
श्रावस्ती। संक्रमण के प्रति लोगों को गांव गांव जाकर जागरूक करने वाले अधिकारी खुद ही संक्रमित हो रहे हैं। अब तक तीस फीसदी अधिकारी संक्रमण की चपेट में आने से होम क्वारंटीन में जा चुके हैं। हालात यही रहा तो प्रशासन के पास मतगणना कराने के लिए भी अधिकारी नहीं बचेंगे।
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कोरोना संक्रमण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को न्याय पंचायत का प्रभारी बनाया गया था। सभी न्याय पंचायत पर दो-दो अधिकारी नामित थे। यह प्रक्रिया अभी हाल में भी प्रारंभ की गई थी। लेकिन कुछ ही दिन में लोगों को जागरूक करने वाले अधिकारी ही संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अभी तक प्रतिदिन कभी एक तो कभी दो अधिकारी अपने विभागीय ग्रुप पर स्वयं के कोरोना संक्रमित होने की सूचना डाल रहे थे, लेकिन विगत दो दिनों से ऐसी सूचनाएं आम हो गई हैं।
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प्रतिदिन चार से पांच अधिकारी संक्रमित होकर या तो किसी अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, या फिर होम क्वरंटीन हो रहे हैं। रविवार को भी ऐसे कई अधिकारी संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। हालत यह है कि अब जिले के लगभग 30 प्रतिशत से अधिक अधिकारी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यदि कर्मचारियों को भी जोड़ दिया जाए तो संक्रमितों की संख्या 60 फिसदी के पार पहुंच जाएगी। ऐसे में संभव है कि मतगणना तक जिले में कार्य करने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी ही न मिल पाएं।
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नौकरी नई है तो मजबूरी
संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए लगाए गए एक अधिकारी ने बताया कि मेरी नौकरी अभी नई है। इस लिए मेरी मजबूरी है। नहीं तो मेडिकल लेकर घर बैठ जाता। यह तो अपनी जान जोखिम में डालने वाली बात है। जब हवा से संक्रमण फैल रहा है तो हम उससे कैसे बच सकते हैं। वैसे भी ग्रामीण इलाकों में लोग मानने को तैयार नहीं हैं। चुनाव के बाद हालात ज्यादा गंभीर हो चुके हैं। अब हम लोग गांव गांव घूम कर केवल संक्रिमितों से ही मिल रहे हैं। रही बात गांव में मास्क पर चालान की तो गांव में लोगों की जेब में पांच रुपये नहीं हैं तो एक हजार रुपये कहां से देंगे। ऐसे में चाहे उन्हें जेल में ही डाल दिया जाए, लेकिन वह पैसा देने के लिए तैयार नहीं हैं।
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