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पछुआ हवा ने किया बेहाल, पांच डिग्री पहुंचा पारा
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श्रावस्ती में ठंड से बचने को बच्चे व खुद को गर्म कपड़ों में लपेटे महिला।
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व लगातार चल रही तेज पछुआ हवा के कारण तराई में मौसम का मिजाज ठंडा हो गया है। सोमवार की देर शाम शुरू हुआ घने कोहरा का दौर दूसरे दिन मंगलवार की दोपहर तक छाया रहा। तापमान पांच डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ऐसे में लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। वहीं घने कोहरे के कारण वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
जिले में पूस की रात गरीबों पर भारी पड़ रही है। करीब सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर हवाओं से लोगों का हाल बेहाल है। मंगलवार को मौसम का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आर्द्रता 78 प्रतिशत रही। पश्चिमोत्तर हवाओं से जिले में मौसम का मिजाज लगातार ठंडा होता जा रहा है। दोपहर बाद छाई धुंध व शाम को अचानक शुरू हुआ कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
जिले में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश हैं। ऐसे में लोगों को ठंड से परेशान देखा जा रहा है। वहीं तहसील प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी स्थान पर अलाव नहीं जलवाया गया है। इससे मजदूरी पेशा व गरीबों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि अभी तापमान और नीचे गिर सकता है। लोगों को चाहिए कि वह एहतियात बरतें।
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ठंड में बच्चों और बुजुर्गों का रखें ख्याल
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कहते हैं कि नवजात बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता पूर्ण विकसित नहीं होती। उन्हें सर्दी, जुकाम, बंद नाक, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, गले और कान में इनफेक्शन जैसी समस्याएं जल्दी हो जाती हैं। ऐसे में सर्दी में बच्चों गुनगुने पानी से नहलाएं। ज्यादा मौसम खराब हो तो गीले कपड़े से पूरे शरीर को पोंछ दें। तेज हवा में बच्चों के कान ढक कर रखें। निमोनिया के लक्षण बच्चों की उम्र के अनुसार भिन्न होती है। बुखार, ठंड लगना, खांसी आना, नाक में परेशानी होना, शिशु की सांस तेजी से चलना, उल्टी, सीने में दर्द होना, पेट में दर्द होना, दूध न पीना जैसे संकेत मिलने पर परिवारीजन चिकित्सक से संपर्क करें। वहीं सर्दियों में वृद्ध ज्यादा वसा वाली चीजें ना खाएं, नमक का सेवन कम करें। ताजा सब्जियां और दलिया का सेवन करें। मीठा अधिक खाने से बचें। थोड़ा व्यायाम जरूर करें। शरीर को ढक कर रखें।
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जिले में पूस की रात गरीबों पर भारी पड़ रही है। करीब सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर हवाओं से लोगों का हाल बेहाल है। मंगलवार को मौसम का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आर्द्रता 78 प्रतिशत रही। पश्चिमोत्तर हवाओं से जिले में मौसम का मिजाज लगातार ठंडा होता जा रहा है। दोपहर बाद छाई धुंध व शाम को अचानक शुरू हुआ कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
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जिले में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश हैं। ऐसे में लोगों को ठंड से परेशान देखा जा रहा है। वहीं तहसील प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी स्थान पर अलाव नहीं जलवाया गया है। इससे मजदूरी पेशा व गरीबों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि अभी तापमान और नीचे गिर सकता है। लोगों को चाहिए कि वह एहतियात बरतें।
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ठंड में बच्चों और बुजुर्गों का रखें ख्याल
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कहते हैं कि नवजात बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता पूर्ण विकसित नहीं होती। उन्हें सर्दी, जुकाम, बंद नाक, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, गले और कान में इनफेक्शन जैसी समस्याएं जल्दी हो जाती हैं। ऐसे में सर्दी में बच्चों गुनगुने पानी से नहलाएं। ज्यादा मौसम खराब हो तो गीले कपड़े से पूरे शरीर को पोंछ दें। तेज हवा में बच्चों के कान ढक कर रखें। निमोनिया के लक्षण बच्चों की उम्र के अनुसार भिन्न होती है। बुखार, ठंड लगना, खांसी आना, नाक में परेशानी होना, शिशु की सांस तेजी से चलना, उल्टी, सीने में दर्द होना, पेट में दर्द होना, दूध न पीना जैसे संकेत मिलने पर परिवारीजन चिकित्सक से संपर्क करें। वहीं सर्दियों में वृद्ध ज्यादा वसा वाली चीजें ना खाएं, नमक का सेवन कम करें। ताजा सब्जियां और दलिया का सेवन करें। मीठा अधिक खाने से बचें। थोड़ा व्यायाम जरूर करें। शरीर को ढक कर रखें।