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टीम लोगों को घर-घर खिलाएगी फाइलेरिया की दवा
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कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करती डीएम।
- फोटो : SRAWASTI
्रावस्ती। जिले में 17 फरवरी से 29 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। इसकी कार्ययोजना बनाने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समन्वय समिति की बैठक की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि दो वर्ष से ऊपर कोई भी बच्चा अथवा अन्य व्यक्ति दवा खाने से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को निर्देशित किया।
बैठक में जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने कहा कि जन सामान्य को फाइलेरिया रोग से बचाव व सुरक्षित करने के लिए 17 फरवरी से 29 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए टीम का गठन किया गया है। यह टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाया जाने वाला माइक्रो प्लान आशा केंद्रित एवं शहरी इलाकों में माइक्रो प्लान एएनएम केंद्रित रहेगा।
इस अभियान से पूर्व पूरे जिले का नाइट ब्लड सर्वे होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे रक्त पट्टिकाएं क्रास जांच के लिए मुख्यालय भेजी जा सकें। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों व सभासदों का सहयोग लेने की सलाह दी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी को फाइलेरिया रोग की औसत डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) एवं एल्बेंडाजॉल की एक खुराक का सेवन वर्ष में एक बार निर्धारित वर्ग के अनुसार खिलाया जाना है।
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दो वर्ष से कम के बच्चों को यह खुराक नहीं देना है। दो साल से अधिक व पांच वर्ष से कम को डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) एवं एल्बेंडाजॉल की एक-एक गोली देनी है। पांच वर्ष से अधिक व 15 वर्ष से कम के बच्चों को डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) की दो व एल्बेंडाजॉल की एक गोली, 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) की तीन व एल्बेंडाजॉल की एक गोली दी जाएगी। इस मौके पर एसीएमओ सहित सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।
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बैठक में जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने कहा कि जन सामान्य को फाइलेरिया रोग से बचाव व सुरक्षित करने के लिए 17 फरवरी से 29 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए टीम का गठन किया गया है। यह टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाया जाने वाला माइक्रो प्लान आशा केंद्रित एवं शहरी इलाकों में माइक्रो प्लान एएनएम केंद्रित रहेगा।
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इस अभियान से पूर्व पूरे जिले का नाइट ब्लड सर्वे होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे रक्त पट्टिकाएं क्रास जांच के लिए मुख्यालय भेजी जा सकें। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों व सभासदों का सहयोग लेने की सलाह दी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी को फाइलेरिया रोग की औसत डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) एवं एल्बेंडाजॉल की एक खुराक का सेवन वर्ष में एक बार निर्धारित वर्ग के अनुसार खिलाया जाना है।
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दो वर्ष से कम के बच्चों को यह खुराक नहीं देना है। दो साल से अधिक व पांच वर्ष से कम को डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) एवं एल्बेंडाजॉल की एक-एक गोली देनी है। पांच वर्ष से अधिक व 15 वर्ष से कम के बच्चों को डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) की दो व एल्बेंडाजॉल की एक गोली, 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को डाई मिथायल कार्बामेजीन साइट्रेट (डीईसी) की तीन व एल्बेंडाजॉल की एक गोली दी जाएगी। इस मौके पर एसीएमओ सहित सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।