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Shravasti News: अगले सप्ताह शुरू हो रहा सत्र, शिक्षा का मंदिर बदहाल
Thu, 26 Jun 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 26 Jun 2025 12:48 AM IST
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प्राथमिक विद्यालय राजपुर खुर्द में जलभराव।
श्रावस्ती। नया शिक्षा सत्र मंगलवार से प्रारंभ हो रहा है। जहां निजी विद्यालय दुल्हन की तरह सजाए जा रहे हैं, वहीं परिषदीय विद्यालय व उनमें संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में वीरानी छाई है। देखा जाए तो विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति 15 जून से ही अनिवार्य कर दी गई थी। इसके बावजूद न तो परिसर की सफाई हुई और न ही समस्याओं का समाधान हुआ।
जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग नित्य नए प्रयोग कर रहा है। वहीं, शिक्षक उच्च अधिकारियों के आदेश की अनदेखी भी कर रहे हैं। ऐसे एक नहीं कई उदाहरण हैं। ऐसे में जब मंगलवार से विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रारंभ हो रहा है। तब शिक्षकों की अनदेखी छात्रों पर भारी पड़ सकती है। छह दिन बाद शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है इसके बावजूद कई विद्यालयों में न तो सफाई हुई न ही परिसर में झाड़ियों की छटाई हुई।
यही नहीं कई विद्यालयों के गेट पर भी झाड़ियां उगी होने के कारण सिर्फ छात्रों ही नहीं शिक्षकों का भी विद्यालय में जा पाना संभव नहीं है। इससे परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी अछूते नहीं हैं। यही नहीं कई विद्यालय परिसर नीचा होने के कारण आए दिन होने वाली बारिश का पानी कई-कई दिनों तक जमा रहता है। ऐसे में न सिर्फ विद्यालय आने वाले बच्चों को विषैले जीव-जंतुओं का खतरा हो सकता है, बल्कि संक्रामक रोग फैलने की भी आशंका रहेगी। ऐसा ही कुछ गिलौला के राजापुर खुर्द व सिरसिया के घोघवाकला सहित अन्य विद्यालयों में देखा जा सकता है।
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जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग नित्य नए प्रयोग कर रहा है। वहीं, शिक्षक उच्च अधिकारियों के आदेश की अनदेखी भी कर रहे हैं। ऐसे एक नहीं कई उदाहरण हैं। ऐसे में जब मंगलवार से विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रारंभ हो रहा है। तब शिक्षकों की अनदेखी छात्रों पर भारी पड़ सकती है। छह दिन बाद शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है इसके बावजूद कई विद्यालयों में न तो सफाई हुई न ही परिसर में झाड़ियों की छटाई हुई।
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यही नहीं कई विद्यालयों के गेट पर भी झाड़ियां उगी होने के कारण सिर्फ छात्रों ही नहीं शिक्षकों का भी विद्यालय में जा पाना संभव नहीं है। इससे परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी अछूते नहीं हैं। यही नहीं कई विद्यालय परिसर नीचा होने के कारण आए दिन होने वाली बारिश का पानी कई-कई दिनों तक जमा रहता है। ऐसे में न सिर्फ विद्यालय आने वाले बच्चों को विषैले जीव-जंतुओं का खतरा हो सकता है, बल्कि संक्रामक रोग फैलने की भी आशंका रहेगी। ऐसा ही कुछ गिलौला के राजापुर खुर्द व सिरसिया के घोघवाकला सहित अन्य विद्यालयों में देखा जा सकता है।

प्राथमिक विद्यालय राजपुर खुर्द में जलभराव।
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