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Shravasti News: पहली ही बारिश में धंसने लगा करोड़ों से बना गिलौला बाईपास
Fri, 24 Jul 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:35 PM IST
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गिलौला बाइपास पर बना गड्ढा
गिलौला। बौद्ध परिपथ पर गिलौला कस्बे में लगने वाले जाम की समस्या से निजात के दिलाने के लिए तिलकपुर मोड़ स्थित नहर पटरी के किनारे बाईपास बनवाया गया है। करोड़ों खर्च कर बनाया गया बाईपास पहली ही बारिश नहीं झेल पाया है और जगह-जगह से बाईपास की साइड धंसने लगी है। इससे लोगों को हादसे की आशंका सता रही है। वहीं, राहगीर निर्माण में अनियमितता का आरोप लगा रहे हैं।
गिलौला कस्बे में तिलकपुर से मोहमदापुर तक लगभग चार किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया गया है। इसे बनाने में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और लगभग पांच महीने पहले बाईपास को कार्यदाई संस्था ने एनएचएआई को हैंडओवर किया है। ऐसे में लगभग पांच महीने में ही बाईपास जगह-जगह धंसने लगा है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। राहगीर कार्यदाई संस्था द्वारा निर्माण में मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। राहगीर केशवराम, निर्मल यादव, शोभित, शुभम शुक्ला आदि ने बताया कि साइड में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो रात के समय बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। राहगीरों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों को जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
कार्यदायाी संस्था के इंजीनियर आशीष कुमार ने बताया कि बाईपास एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया गया है। ऐसे में अब एनएचएआई की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वह अब कार्यदाई संस्था भी छोड़ दिए हैं।
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गिलौला कस्बे में तिलकपुर से मोहमदापुर तक लगभग चार किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया गया है। इसे बनाने में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और लगभग पांच महीने पहले बाईपास को कार्यदाई संस्था ने एनएचएआई को हैंडओवर किया है। ऐसे में लगभग पांच महीने में ही बाईपास जगह-जगह धंसने लगा है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। राहगीर कार्यदाई संस्था द्वारा निर्माण में मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। राहगीर केशवराम, निर्मल यादव, शोभित, शुभम शुक्ला आदि ने बताया कि साइड में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो रात के समय बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। राहगीरों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों को जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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कार्यदायाी संस्था के इंजीनियर आशीष कुमार ने बताया कि बाईपास एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया गया है। ऐसे में अब एनएचएआई की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वह अब कार्यदाई संस्था भी छोड़ दिए हैं।

गिलौला बाइपास पर बना गड्ढा
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