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सज रहे ठाकुरद्वारा, आज जन्मेंगे कृष्ण कन्हैया
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श्रावस्ती। राजर्षि ठाकुरद्वारा भिनगा सहित अधिकांश ठाकुरद्वारों व लोगों के घरों में आज मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। जिसके लिए हर कोई अपने अपने तरीके से तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा रहा। वहीं त्योहार को देखते हुए बाजारों में भी रौनक नजर आई।
भादों मास की अष्टमी के मध्य रात देवकी नंदन श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। ऐसे में आज मंगलवार मध्य रात अष्टमी तिथि मिलने के कारण राजर्षि ठाकुरद्वारा भिनगा सहित ठाकुरद्वारा राधा कृष्णजी महराज सिविल लाइन, तीन शिवाला मंदिर, संतोषी माता मंदिर सहित जिले के अधिकांश ठाकुरद्वारा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वहीं रिजर्व पुलिस लाइन भिनगा में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा गया। ऐसे में बाजारों में में झांकी सजाने के लिए झालर आदि सामानों की बिक्री को लेकर खूब रौनक रही।
वहीं इकौना के कटराबाजार में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। जिसका समापन श्रीकृष्ण की छठी के साथ किया जाएगा। इस दौरान जन्माष्टमी महोत्सव में सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए कार्यक्रम के अंतिम दिन शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। यह जानकारी मंदिर के पुजारी बाबा जवाहिर दास ने दी है।
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इस बार जनमाष्टमी पर एक विशेष योग बन रहा है। 12 अगस्त पर कृतिका नक्षत्र लगेगा। साथ ही चंद्रमा मेष राशि और सूर्य कर्क राशि में रहेंगे। कृतिका नक्षत्र और राशियों की इस स्थिति वृद्धि योग बना रही है। ऐसे में अगर बुधवार की रात को बताए गए मुहूर्त में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाए तो उससे दोगुना फल प्राप्त होगा।
वैसे अष्टमी तिथि मंगलवार सुबह 9:06 बजे से शुरू हो जाएगी। यह तिथि 12 अगस्त सुबह 11:16 मिनट तक रहेगी। वैष्णव जन्माष्टमी के लिए 12 अगस्त का शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे हैं। 11 अगस्त को सूर्योदय के बाद ही अष्टमी तिथि शुरू होगी। इस दिन यह तिथि पूरे दिन और रात में रहेगी। भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में नक्षत्र और तिथि का यह संयोग इस बार एक दिन पर नहीं बन रहा है। ऐसे में इस बार दो दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
- पंडित शेर बहादुर तिवारी
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भादों मास की अष्टमी के मध्य रात देवकी नंदन श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। ऐसे में आज मंगलवार मध्य रात अष्टमी तिथि मिलने के कारण राजर्षि ठाकुरद्वारा भिनगा सहित ठाकुरद्वारा राधा कृष्णजी महराज सिविल लाइन, तीन शिवाला मंदिर, संतोषी माता मंदिर सहित जिले के अधिकांश ठाकुरद्वारा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वहीं रिजर्व पुलिस लाइन भिनगा में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा गया। ऐसे में बाजारों में में झांकी सजाने के लिए झालर आदि सामानों की बिक्री को लेकर खूब रौनक रही।
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वहीं इकौना के कटराबाजार में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। जिसका समापन श्रीकृष्ण की छठी के साथ किया जाएगा। इस दौरान जन्माष्टमी महोत्सव में सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए कार्यक्रम के अंतिम दिन शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। यह जानकारी मंदिर के पुजारी बाबा जवाहिर दास ने दी है।
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इस बार जनमाष्टमी पर एक विशेष योग बन रहा है। 12 अगस्त पर कृतिका नक्षत्र लगेगा। साथ ही चंद्रमा मेष राशि और सूर्य कर्क राशि में रहेंगे। कृतिका नक्षत्र और राशियों की इस स्थिति वृद्धि योग बना रही है। ऐसे में अगर बुधवार की रात को बताए गए मुहूर्त में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाए तो उससे दोगुना फल प्राप्त होगा।
वैसे अष्टमी तिथि मंगलवार सुबह 9:06 बजे से शुरू हो जाएगी। यह तिथि 12 अगस्त सुबह 11:16 मिनट तक रहेगी। वैष्णव जन्माष्टमी के लिए 12 अगस्त का शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे हैं। 11 अगस्त को सूर्योदय के बाद ही अष्टमी तिथि शुरू होगी। इस दिन यह तिथि पूरे दिन और रात में रहेगी। भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में नक्षत्र और तिथि का यह संयोग इस बार एक दिन पर नहीं बन रहा है। ऐसे में इस बार दो दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
- पंडित शेर बहादुर तिवारी