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संस्थागत प्रसव कराकर योजनाओं का लाभ लें महिलाएं
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गिलौला में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। गर्भवती को चाहिए कि वह एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में रहे, ताकि उनकी उचित देखभाल हो सके। इससे मां व बच्चे को कुपोषण से दूर रखने में सहायता मिलेगी। घर के बजाए संस्थागत प्रसव कराकर योजनाओं का लाभ लें।
यह बातें शुक्रवार को ब्लॉक सभागार गिलौला में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित स्वास्थ्य गोष्ठी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहीं। इस दौरान सभी ने हम सब ने ठाना है कुपोषण को मिटाना है का नारा भी बुलंद किया।
गोष्ठी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिले को कुपोषण मुक्त कर मातृ व शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यकर्ताओं ने लड़का व लड़की की सही उम्र में शादी करने तथा उन्हें पौष्टिक आहार लेने तथा परिवार नियोजन अपनाने की बात कही।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता माया जायसवाल ने की। इस दौरान मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने श्रावस्ती को कुपोषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की बात भी कही।
कुपोषण का मुख्य कारण बाल विवाह, कम उम्र में मां बनना तथा खान पान पर ध्यान न देना है। यदि मां कुपोषित रही तो होने वाला बच्चा भी कुपोषित होगा। इससे उसका समुचित विकास न होने से वह विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जाएगा। - माया जायसवाल
माता पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के साथ ही उन्हें उचित शिक्षा दिलाएं। सही उम्र में ही उनकी शादी करें। ऐसा हुआ तो कुपोषण की आधी समस्या समाप्त हो जाएगी। स्वस्थ माता पिता से होने वाली संतान भी स्वस्थ होगी। - तारावती
बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में बाधक बनती है। माता पिता को चाहिए कि वह हम दो हमारे दो की नीति अपनाएं। सीमित परिवार रहा तो उन्हें उचित देखभाल व बेहतर शिक्षा भी दिलाई जा सकेगी। इससे घर के सभी सदस्य कुपोषण से भी दूर रहेंगे। - नीलम
देश से कुपोषण को मिटाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। गर्भवती को चाहिए कि वह अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर कार्यकर्ता से पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी लें, तथा समय समय पर टीकाकरण कराएं। - मालती
पांच वर्ष तक के बच्चों को नियमित आंगनबाड़ी केंद्र भेजे। वहां उन्हें पौष्टिक आहार देने के साथ ही उठने बैठने व प्रारंभिक शिक्षा भी मिलेगी। इससे बच्चे बड़े होकर स्वस्थ व निरोगी होंगे। कुपोषण मुक्त होने से समाज तेजी से विकास की ओर बढ़ेगा। - गीता
आज के समय में लड़का व लड़की में भेद करना अपराध है। दोनों को समान प्यार दुलार व शिक्षा दिलाने के साथ ही उनका सही समय पर विवाह कराया जाए। ऐसा होने पर जहां वह स्वस्थ व निरोगी होंगे। वहीं उनसे होने वाली संतान भी स्वस्थ बनेगी। - कांती मिश्रा
इस समय आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रकार के कैंपों का आयोजन हो रहा है। ऐसे में गर्भवती व पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र जाना चाहिए, ताकि उन्हें समय समय पर योजनाओं की जानकारी हो सके, व उनका लाभ भी मिल सके। - अनीता
गर्भवती को चाहिए कि वह अपनी एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में रहे, ताकि उनकी उचित देखभाल हो सके। इससे कुपोषण को दूर करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ संस्थागत प्रसव कराकर सरकार की योजनाओं का लाभ लें। - किरन
कुपोषण एक गंभीर समस्या है। इसे दूर करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। हम संकल्प लेते हैं कि कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई जंग में न सिर्फ स्वयं सहयोग करेंगे, बल्कि लोगों को भी जागरूक कर इसके खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। - मधु मालती
बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य ही विकास का आधार है। देश व प्रदेश सहित जिले के चहुंमुखी विकास के लिए हमें अपने बच्चों को शिक्षित बनाना होगा। साथ ही बिना भेद भाव लड़का व लड़की की उचित देखभाल कर उन्हें खुला आसमान देना होगा। - आराधना
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यह बातें शुक्रवार को ब्लॉक सभागार गिलौला में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित स्वास्थ्य गोष्ठी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहीं। इस दौरान सभी ने हम सब ने ठाना है कुपोषण को मिटाना है का नारा भी बुलंद किया।
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गोष्ठी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिले को कुपोषण मुक्त कर मातृ व शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यकर्ताओं ने लड़का व लड़की की सही उम्र में शादी करने तथा उन्हें पौष्टिक आहार लेने तथा परिवार नियोजन अपनाने की बात कही।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता माया जायसवाल ने की। इस दौरान मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने श्रावस्ती को कुपोषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की बात भी कही।
कुपोषण का मुख्य कारण बाल विवाह, कम उम्र में मां बनना तथा खान पान पर ध्यान न देना है। यदि मां कुपोषित रही तो होने वाला बच्चा भी कुपोषित होगा। इससे उसका समुचित विकास न होने से वह विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जाएगा। - माया जायसवाल
माता पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के साथ ही उन्हें उचित शिक्षा दिलाएं। सही उम्र में ही उनकी शादी करें। ऐसा हुआ तो कुपोषण की आधी समस्या समाप्त हो जाएगी। स्वस्थ माता पिता से होने वाली संतान भी स्वस्थ होगी। - तारावती
बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में बाधक बनती है। माता पिता को चाहिए कि वह हम दो हमारे दो की नीति अपनाएं। सीमित परिवार रहा तो उन्हें उचित देखभाल व बेहतर शिक्षा भी दिलाई जा सकेगी। इससे घर के सभी सदस्य कुपोषण से भी दूर रहेंगे। - नीलम
देश से कुपोषण को मिटाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। गर्भवती को चाहिए कि वह अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर कार्यकर्ता से पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी लें, तथा समय समय पर टीकाकरण कराएं। - मालती
पांच वर्ष तक के बच्चों को नियमित आंगनबाड़ी केंद्र भेजे। वहां उन्हें पौष्टिक आहार देने के साथ ही उठने बैठने व प्रारंभिक शिक्षा भी मिलेगी। इससे बच्चे बड़े होकर स्वस्थ व निरोगी होंगे। कुपोषण मुक्त होने से समाज तेजी से विकास की ओर बढ़ेगा। - गीता
आज के समय में लड़का व लड़की में भेद करना अपराध है। दोनों को समान प्यार दुलार व शिक्षा दिलाने के साथ ही उनका सही समय पर विवाह कराया जाए। ऐसा होने पर जहां वह स्वस्थ व निरोगी होंगे। वहीं उनसे होने वाली संतान भी स्वस्थ बनेगी। - कांती मिश्रा
इस समय आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रकार के कैंपों का आयोजन हो रहा है। ऐसे में गर्भवती व पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र जाना चाहिए, ताकि उन्हें समय समय पर योजनाओं की जानकारी हो सके, व उनका लाभ भी मिल सके। - अनीता
गर्भवती को चाहिए कि वह अपनी एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में रहे, ताकि उनकी उचित देखभाल हो सके। इससे कुपोषण को दूर करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ संस्थागत प्रसव कराकर सरकार की योजनाओं का लाभ लें। - किरन
कुपोषण एक गंभीर समस्या है। इसे दूर करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। हम संकल्प लेते हैं कि कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई जंग में न सिर्फ स्वयं सहयोग करेंगे, बल्कि लोगों को भी जागरूक कर इसके खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। - मधु मालती
बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य ही विकास का आधार है। देश व प्रदेश सहित जिले के चहुंमुखी विकास के लिए हमें अपने बच्चों को शिक्षित बनाना होगा। साथ ही बिना भेद भाव लड़का व लड़की की उचित देखभाल कर उन्हें खुला आसमान देना होगा। - आराधना