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Shravasti News: श्रीलंका के अनुयायियों ने जेतवन में की प्रार्थना
Sat, 02 Aug 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:10 AM IST
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जेतवन परिसर में मौजूद अनुयायी व भिक्षु। -संवाद
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को श्रीलंका से आए अनुयायियों से गुलजार रही। अनुयायियों ने तपोस्थली स्थित जेतवन परिसर में भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में प्रार्थना की।
भिक्षु देवानंद ने कहा कि अध्यात्म मनुष्य का दुख दूर नहीं करता बल्कि केवल यह जानकारी देता है की संसार में हर वस्तु व अवस्था परिवर्तनशील है। इसलिए दुख की अवस्था भी बीतेगी और सुख आएगा। इसी अटल सत्य को जानना सच्चा ज्ञान है और यही दुख का निवारण भी करता है। गौतम बुद्ध ने मनुष्य के बहुत से दुखों का कारण उसके स्वयं का अज्ञान और मिथ्या दृष्टि बताया है। इस मौके पर काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
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भिक्षु देवानंद ने कहा कि अध्यात्म मनुष्य का दुख दूर नहीं करता बल्कि केवल यह जानकारी देता है की संसार में हर वस्तु व अवस्था परिवर्तनशील है। इसलिए दुख की अवस्था भी बीतेगी और सुख आएगा। इसी अटल सत्य को जानना सच्चा ज्ञान है और यही दुख का निवारण भी करता है। गौतम बुद्ध ने मनुष्य के बहुत से दुखों का कारण उसके स्वयं का अज्ञान और मिथ्या दृष्टि बताया है। इस मौके पर काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
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