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Shravasti News: कुछ को मिली यूरिया, तो कई किसान लौटे बैरंग
Fri, 22 Aug 2025 01:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:26 AM IST
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सहकारी समिति कल्याणपुर में खाद के लिए बैठीं महिलाएं। -संवाद
श्रावस्ती/वीरपुर/गिरंट बाजार। जिले में यूरिया के लिए किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसे में कहीं पर समिति में ताला लटक रहा है तो कहीं पर किसानों को लंबी-लंबी लाइन में घंटो खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी अभिलेख बीते वर्ष से 27 प्रतिशत अधिक खाद के वितरण का हवाला दे रहे हैं।
धान की फसल की टॉप ड्रेसिंग करनी हो या फिर गन्ना व मक्के में यूरिया का छिड़काव करना हो, सभी का समय धीरे-धीरे निकलता जा रहा है। भूमि की नमी समाप्त होने पर किसानों को उर्वरक डालने के लिए दोबारा सिंचाई करनी पड़ेगी।
किसानों का दिन समितियों पर उर्वरक के लिए लाइन लगाने में ही बीत रहा है। इसके बावजूद समय से उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। इकौना क्षेत्र के सहकारी समिति कल्याणपुर में बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से ही उर्वरक लेने वालों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान महिलाएं भी अपनी बारी की प्रतिक्षा करती नजर आईं।
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सुबह 10 बजे समिति का ताला खुलते ही धक्का-मुक्की के हालात बन गए। इस पर स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला और लोगों को जोत बही के अनुसार उर्वरक का वितरण किया गया। सचिव माधवराव ने बताया कि 450 बोरी यूरिया आई थी, जिसका वितरण कर दिया गया है। शेष किसानों को अगले दिन आने के लिए कहा गया है।
उधर, जमुनहा क्षेत्र के हरदत्त नगर गिरंट स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में सुबह 11 बजे तक ताला लटका रहा। सचिव आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि अपने सहयोगी को समिति की जिम्मेदारी सौंपकर मैं उर्वरक लेने के लिए चिचड़ी स्थित गोदाम पर आया हूं। 600 बोरी यूरिया मिली है, जिसे शुक्रवार को वितरित किया जाएगा।
उपकृषि निदेशक सुरेंद्र चंद्र चौधरी ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष 7368 मीट्रिक टन अधिक यूरिया का वितरण किया गया है। जिले में 24,741 मीट्रिक टन के सापेक्ष 24,525 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 99.13 प्रतिशत है। इसमें 20728 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। 3386 मीट्रिक टन यूरिया इस समय उपलब्ध है। विगत वर्ष 31 अगस्त 2024 तक 13360 मैट्रिक टन यूरिया उर्वरक का वितरण किया गया था।
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धान की फसल की टॉप ड्रेसिंग करनी हो या फिर गन्ना व मक्के में यूरिया का छिड़काव करना हो, सभी का समय धीरे-धीरे निकलता जा रहा है। भूमि की नमी समाप्त होने पर किसानों को उर्वरक डालने के लिए दोबारा सिंचाई करनी पड़ेगी।
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किसानों का दिन समितियों पर उर्वरक के लिए लाइन लगाने में ही बीत रहा है। इसके बावजूद समय से उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। इकौना क्षेत्र के सहकारी समिति कल्याणपुर में बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से ही उर्वरक लेने वालों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान महिलाएं भी अपनी बारी की प्रतिक्षा करती नजर आईं।
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सुबह 10 बजे समिति का ताला खुलते ही धक्का-मुक्की के हालात बन गए। इस पर स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला और लोगों को जोत बही के अनुसार उर्वरक का वितरण किया गया। सचिव माधवराव ने बताया कि 450 बोरी यूरिया आई थी, जिसका वितरण कर दिया गया है। शेष किसानों को अगले दिन आने के लिए कहा गया है।
उधर, जमुनहा क्षेत्र के हरदत्त नगर गिरंट स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में सुबह 11 बजे तक ताला लटका रहा। सचिव आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि अपने सहयोगी को समिति की जिम्मेदारी सौंपकर मैं उर्वरक लेने के लिए चिचड़ी स्थित गोदाम पर आया हूं। 600 बोरी यूरिया मिली है, जिसे शुक्रवार को वितरित किया जाएगा।
उपकृषि निदेशक सुरेंद्र चंद्र चौधरी ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष 7368 मीट्रिक टन अधिक यूरिया का वितरण किया गया है। जिले में 24,741 मीट्रिक टन के सापेक्ष 24,525 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 99.13 प्रतिशत है। इसमें 20728 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। 3386 मीट्रिक टन यूरिया इस समय उपलब्ध है। विगत वर्ष 31 अगस्त 2024 तक 13360 मैट्रिक टन यूरिया उर्वरक का वितरण किया गया था।