{"_id":"61e1b98792368b54211d71d3","slug":"shrawasti-srawasti-news-lko6134797191","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती/गिलौला। मकर संक्रांति का पर्व जिले में शुक्रवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। इस दौरान इकौना के सीताद्वार झील, गिलौला के मरीमाता मंदिर, सिरसिया के स्वर्ण प्रस्तरी आश्रम सहित राप्ती के विभिन्न तटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान लोगों ने दान भी किया। मकर संक्रांति का त्योहार जिले में शुक्रवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी सहित कई प्राचीन तालाबों में आस्था की डुबकी लगाई। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर लोग इकौना के सीताद्वार झील के साथ ही गिलौला के झारखंडी महादेव, सदाशिव मंदिर, मरीमाता मंदिर, सिरसिया के विभूतिनाथ, स्वर्ण प्रस्तरी आश्रम व जमुनहा के जगपतिनाथ सहित राप्ती नदी के विभिन्न तटों व प्राचीन तालाबों में स्नानदान कर पुण्य के भागी बने।
इस दौरान जहां लोगों के घरों में खिचड़ी बनाई गई। वहीं, लोगों ने गरीबों को चावल व उड़द के साथ ही नमक, घी, काला तिल व खिचड़ी का दान भी दिया। इस मौके पर गिलौला के कृष्ण लली सरस्वती शिशु मंदिर व दंदौली गांव में सामाजिक समरसता सह खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान खिचड़ी भोज कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग शामिल रहे। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक राजीव कुमार पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर रेखा पर होते हैं। ऐसे में खिचड़ी भोज का आयोजन किया जाता है। यह सबसे सुपाच्य होता है तभी बीमारियों में भी चिकित्सक खिचड़ी का सेवन करने की सलाह देते हैं। बासुकीनाथ मिश्रा ने कहा कि हिंदू धर्म में खिचड़ी का अपना महत्व है।
विज्ञापन
इस दौरान जहां लोगों के घरों में खिचड़ी बनाई गई। वहीं, लोगों ने गरीबों को चावल व उड़द के साथ ही नमक, घी, काला तिल व खिचड़ी का दान भी दिया। इस मौके पर गिलौला के कृष्ण लली सरस्वती शिशु मंदिर व दंदौली गांव में सामाजिक समरसता सह खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान खिचड़ी भोज कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग शामिल रहे। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक राजीव कुमार पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर रेखा पर होते हैं। ऐसे में खिचड़ी भोज का आयोजन किया जाता है। यह सबसे सुपाच्य होता है तभी बीमारियों में भी चिकित्सक खिचड़ी का सेवन करने की सलाह देते हैं। बासुकीनाथ मिश्रा ने कहा कि हिंदू धर्म में खिचड़ी का अपना महत्व है।
विज्ञापन