{"_id":"619e7d0aad4f1662207bbc11","slug":"shrawasti-srawasti-news-lko6059452135","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाम होते ही ठहर जाती जिंदगी, भोर का रहता इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाम होते ही ठहर जाती जिंदगी, भोर का रहता इंतजार
विज्ञापन
श्रावस्ती। देर शाम से ही जिले के सभी मुख्य व संपर्क मार्ग सूने हो जाते हैं। आपात स्थिति में कहीं जाने व महानगरों से आने वाले लोगों को आवागमन के लिए भोर का इंतजार करना पड़ता है। देखा जाए तो सभी मार्गों पर निगम की न सही प्राइवेट बसों की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन देर शाम से संचालन रुक जाने के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई गुना अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
जिले में बौद्ध परिपथ को निर्विवाद छोड़ दिया जाए तो फोरलेन सहित जमुनहा, लक्ष्मनपुर, मथुरा बाजार, जोखवा बाजार, तालबघौड़ा, संतलिया, कानीबोझी, परसा डेहरिया व बाबागंज मार्ग सहित सिरसिया तुलसीपुर बलरामपुर पर यात्रियों को प्राइवेट बसों का ही सहारा है। देखा जाए तो भिनगा बहराइच संबंद्ध मार्गों पर 94 प्राईवेट बसों की परमिट जारी की गई है। इनमें से मौजूदा समय मात्र 52 बसों का ही संचालन हो रहा है। शेष 42 बसें या तो वाहन स्वामियों द्वारा उनकी परमिट सरेंडर कर दी गईं हैं या फिर टैक्स का पैसा न होने के कारण उसका संचालन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, बहराइच-जमुनहा संबद्ध मार्गों पर 38 बसों का परमिट है। इनका संचालन किया जा रहा है। ये बसें बहराइच से रात नौ बजे अंतिम बार चलती हैं।
इसके बाद बहराइच से आने के लिए कोई प्राइवेट बस सेवा नहीं है। वहीं, लक्ष्मनपुर, तालबघौड़ा व सिरसिया से भिनगा के लिए अंतिम बस साढ़े छह बजे चली जाती है। इसके बाद कोई बस नहीं है। यही हाल जमुनहा मार्ग का भी है। जमुनहा से बहराइच के लिए अंतिम बस छह बजे निकलती है जबकि बाबागंज से मल्हीपुर के लिए साढ़े छह बजे, संतलिया से बहराइच के लिए साढ़े चार बजे बस चली जाती है जबकि बहराइच से दोनों मार्गों पर पहली बस सुबह सवा छह बजे संचालित होती है। सिरसिया से तुलसीपुर-बलरामपुर के लिए शाम साढ़े चार बजे व तुलसीपुर से सिरसिया के लिए आखिरी बस साढ़े छह बजे चली आती है। यदि इसके बीच में कहीं आना जाना हो तो उसे निजी वाहनों का ही सहारा लेना पड़ता है। वह भी बुक करा कर ही ले जाया जा सकता है।
विज्ञापन
भिनगा संबद्ध मार्ग पर बहराइच से भिनगा के लिए 52 बसें संचालित होती हैं। इनमें से भिनगा पहुंचने के बाद 10 बस सिरसिया, दस बस लक्ष्मनपुर, दस बस तेंदुआ रतनपुर व दस बस मथुरा बाजार व जोखवा बाजार जाती है जबकि चार बस परसा चली जाती हैं। यही वापस भी होती है। शेष बसें भिनगा तक ही संचालित होती हैं। वहीं, जमुनहा संबद्ध मार्ग पर बहराइच से 38 बसें चलती हैं जिनमें से मल्हीपुर से बाबागंज के लिए आठ, संतलिया के लिए पांच, कानीबोझी परसा के लिए चार बसें संचालित होती हैं।
भिनगा से लक्ष्मननगर इकौना बाया गिलौला, भिनगा से इकौना बाया सेमरी, भिनगा से बदला बाया बरदेहरा, बहराइच से भंगहा तक बसों के संचालन के लिए 94 परमिट मौजूद हैं, लेकिन वाहन स्वामियों के आपसी विवाद के कारण इन मार्गों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है जबकि बेचईपुरवा से लक्ष्मनपुर बाजार, चिल्हरिया मोड़ से राजपुर मोड़, बरदेहरा से बदला चौराहा, लक्ष्मननगर गिलौला, भिनगा इकौना मार्ग पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है।
बहराइच से भिनगा के लिए आखिरी बस 11 बजे आती थी जो रात रुकने के बाद सुबह छह बजे बहराइच जाती थी जो दो दिनों से बंद है। रात नौ बजे के बाद भिनगा आने के लिए दिल्ली व कानपुर से आने वाली बस का ही सहारा रहता है जो सुबह चार व साढ़े चार बजे बहराइच से भिनगा के लिए चलती है। यदि कहीं जाम की समस्या हो तो यह बस भी समय से नहीं पहुंचती।
द प्राइवेट बस आपरेटर्स एसोसिएशन भिनगा बहराइच संबद्ध मार्ग के अध्यक्ष गिरधारी लाल पांडे बताते हैं कि हमारे पास भिनगा बहराइच संबद्ध मार्ग सहित बरदेहरा बदला, गिलौला व इकौना मार्ग की परमिट है। कई बार हमने चलाने का प्रयास भी किया। लेकिन स्थानीय यात्रियों द्वारा पूरा किराया न देने व बस स्टाफ के साथ लड़ाई झगड़ा कर लिए जाने के कारण बसों का संचालन नहीं कराया जा सका। हमारा प्रयास है कि ठंडक समाप्त होने के बाद इन मार्गों पर बसों का संचालन प्रारंभ कराया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में बौद्ध परिपथ को निर्विवाद छोड़ दिया जाए तो फोरलेन सहित जमुनहा, लक्ष्मनपुर, मथुरा बाजार, जोखवा बाजार, तालबघौड़ा, संतलिया, कानीबोझी, परसा डेहरिया व बाबागंज मार्ग सहित सिरसिया तुलसीपुर बलरामपुर पर यात्रियों को प्राइवेट बसों का ही सहारा है। देखा जाए तो भिनगा बहराइच संबंद्ध मार्गों पर 94 प्राईवेट बसों की परमिट जारी की गई है। इनमें से मौजूदा समय मात्र 52 बसों का ही संचालन हो रहा है। शेष 42 बसें या तो वाहन स्वामियों द्वारा उनकी परमिट सरेंडर कर दी गईं हैं या फिर टैक्स का पैसा न होने के कारण उसका संचालन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, बहराइच-जमुनहा संबद्ध मार्गों पर 38 बसों का परमिट है। इनका संचालन किया जा रहा है। ये बसें बहराइच से रात नौ बजे अंतिम बार चलती हैं।
विज्ञापन
इसके बाद बहराइच से आने के लिए कोई प्राइवेट बस सेवा नहीं है। वहीं, लक्ष्मनपुर, तालबघौड़ा व सिरसिया से भिनगा के लिए अंतिम बस साढ़े छह बजे चली जाती है। इसके बाद कोई बस नहीं है। यही हाल जमुनहा मार्ग का भी है। जमुनहा से बहराइच के लिए अंतिम बस छह बजे निकलती है जबकि बाबागंज से मल्हीपुर के लिए साढ़े छह बजे, संतलिया से बहराइच के लिए साढ़े चार बजे बस चली जाती है जबकि बहराइच से दोनों मार्गों पर पहली बस सुबह सवा छह बजे संचालित होती है। सिरसिया से तुलसीपुर-बलरामपुर के लिए शाम साढ़े चार बजे व तुलसीपुर से सिरसिया के लिए आखिरी बस साढ़े छह बजे चली आती है। यदि इसके बीच में कहीं आना जाना हो तो उसे निजी वाहनों का ही सहारा लेना पड़ता है। वह भी बुक करा कर ही ले जाया जा सकता है।
विज्ञापन
भिनगा संबद्ध मार्ग पर बहराइच से भिनगा के लिए 52 बसें संचालित होती हैं। इनमें से भिनगा पहुंचने के बाद 10 बस सिरसिया, दस बस लक्ष्मनपुर, दस बस तेंदुआ रतनपुर व दस बस मथुरा बाजार व जोखवा बाजार जाती है जबकि चार बस परसा चली जाती हैं। यही वापस भी होती है। शेष बसें भिनगा तक ही संचालित होती हैं। वहीं, जमुनहा संबद्ध मार्ग पर बहराइच से 38 बसें चलती हैं जिनमें से मल्हीपुर से बाबागंज के लिए आठ, संतलिया के लिए पांच, कानीबोझी परसा के लिए चार बसें संचालित होती हैं।
भिनगा से लक्ष्मननगर इकौना बाया गिलौला, भिनगा से इकौना बाया सेमरी, भिनगा से बदला बाया बरदेहरा, बहराइच से भंगहा तक बसों के संचालन के लिए 94 परमिट मौजूद हैं, लेकिन वाहन स्वामियों के आपसी विवाद के कारण इन मार्गों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है जबकि बेचईपुरवा से लक्ष्मनपुर बाजार, चिल्हरिया मोड़ से राजपुर मोड़, बरदेहरा से बदला चौराहा, लक्ष्मननगर गिलौला, भिनगा इकौना मार्ग पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है।
बहराइच से भिनगा के लिए आखिरी बस 11 बजे आती थी जो रात रुकने के बाद सुबह छह बजे बहराइच जाती थी जो दो दिनों से बंद है। रात नौ बजे के बाद भिनगा आने के लिए दिल्ली व कानपुर से आने वाली बस का ही सहारा रहता है जो सुबह चार व साढ़े चार बजे बहराइच से भिनगा के लिए चलती है। यदि कहीं जाम की समस्या हो तो यह बस भी समय से नहीं पहुंचती।
द प्राइवेट बस आपरेटर्स एसोसिएशन भिनगा बहराइच संबद्ध मार्ग के अध्यक्ष गिरधारी लाल पांडे बताते हैं कि हमारे पास भिनगा बहराइच संबद्ध मार्ग सहित बरदेहरा बदला, गिलौला व इकौना मार्ग की परमिट है। कई बार हमने चलाने का प्रयास भी किया। लेकिन स्थानीय यात्रियों द्वारा पूरा किराया न देने व बस स्टाफ के साथ लड़ाई झगड़ा कर लिए जाने के कारण बसों का संचालन नहीं कराया जा सका। हमारा प्रयास है कि ठंडक समाप्त होने के बाद इन मार्गों पर बसों का संचालन प्रारंभ कराया जाएगा।