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इकौना क्षेत्र के गांवों में अब भी भरा है पानी
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श्रावस्ती। जमुनहा क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने से क्षेत्र के गांवों में भरा बाढ़ का पानी निकल रहा है। वहीं, इकौना तहसील क्षेत्र के गांवों में अब भी पानी भर रहा है। कछार में बसे करीब 132 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। इनमें से अधिकांश टापू बने हुए हैं। खेतों व सड़कों का अंदाजा लगा पाना मुश्किल बना हुआ है। भिनगा-इकौना मार्ग पूरी तरह जलमग्न है। राप्ती बैराज पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 128.35 मीटर मापा गया जो खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, बौद्ध तपोस्थली सहित कटरा बाजार अब भी पानी से लबालब है।
कटरा, खरगूपुर, खरगौरा बस्ती, चक्रभंडार, खरगौरा गनेश, भोजपुर, गनेशीजोत, शिवाजोत, मुजहनिया, गनेशपुर, नारायनजोत, किढ़िहौना, सेमरी तरहर, लक्ष्मनपुर गोढ़पुरवा, धर्मपुर, बेलकर, चिचड़ी, मोहम्मदपुर राजा, मझौवा सुमाल, इटवरिया, कोडऱी केवट, कुम्हारगढ़ी, जगररवल गढ़ी, सेमगढ़ा, रामपुर कटेल, कोलाभार मजगवा, पटखौली कला, पुरुषोत्तमपुर, रघुनाथपुर, भरथापुर, बगनहा, रामपुर त्रिभौना, रामपुर लोहरातारा, रमनगरा, भवानी नगर, प्रहलादा, विशुनापुर, ठेंगरहना, कसियापुर, कल्यानपुर, रमनगरा, लखाही खास, रघुनाथपुर, खरकहिया, किशुनपुर चंदन भारी, भुतहा, मलौना खसियारी, लैबुड़वा, लालपुर खदरा, इमिलिया, लोहरातारा, मनिकौरा कोडऱी,मनिकाकोट, अंधरपुरवा, मनोहरापुर, हजरिया, कोटवा, दहावर कला, गौहनिया, रामगढ़ी, मधनगर, सेहनिया, केरवनिया, कोडऱी खुर्द, नारायनपुर, भवानी नगर, नीबाभारी, नकहा धर्मनगर, सुल्तानजोत, टिकुइया, कोकल, बरंगा, नेवादा भोजपुर, अशरफ नगर, शाहपुर कला, अलीनगर धर्मनगर, बेलरी, गंगाभागड़, लालबोझा दर्वेश गांव, कलकलवा, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया, संगमपुरवा सहित करीब 135 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
भिनगा तहसील में करीब चौदह वर्ष पूर्व करीब 85 हजार रुपये खर्च कर मोटर बोट मंगाई गई थी। इसका उपयोग बाढ़ के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को करना था। इससे डीएम व अन्य अधिकारियों को प्रभावित गांवों में जाकर लोगों की मदद करनी थी। भकला पुल के निकट राप्ती नदी में ट्रायल भी कराया गया था। इसके बाद इसे भिनगा तहसील में बने लेखपाल आवास के सामने सुरक्षित रखवाया गया था जहां से आज तक इसे नहीं उठाया गया। तब से अब तक जिले में कई बार भयंकर बाढ़ आ चुकी है, लेकिन इसका प्रयोग नहीं हुआ।
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बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्वयं सेवी संगठन भी आगे आ रहे हैं। बहराइच के दवा व्यवसायियों ने लखाही खास में भोजन कैंप लगा कर आसपास के बाढ़ पीड़ितों को भोजन व बच्चों को बिस्किट वितरित किया। ाष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से करीब एक हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए लंच पैकेट तैयार करवा कर वितरण किया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र भी प्रभावित गांवों में जाकर मदद कर रहे हैं।
राप्ती के कछार में बसे जोगिया व भलुहिया गांव में कई लोग घरों की छतों पर डेरा जमाए हुए हैं। बरसात के कारण विगत दो दिनों से खाना नहीं बना। ऐसे में भूख से व्याकुल लोगों के लिए एनडीआरएफ टीम दूत बनकर पहुंची। टीम की ओर से लंच पैकेट पाकर लोगों की आंखों से आंसू आ गए। कई लोगों को टीम ने सुरक्षित स्थान पर भी पहुंचाया।
बरसात के कारण पांच दिन से गिलौला कस्बा, चंद्रावा, गुरदासपुर व चका मलावा आदि गांवों में पानी जमा था। प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिली तो परेशान लोगों ने सरयू नहर की पटरी काट दी। अब गांवों का पानी निकल रहा है।
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कटरा, खरगूपुर, खरगौरा बस्ती, चक्रभंडार, खरगौरा गनेश, भोजपुर, गनेशीजोत, शिवाजोत, मुजहनिया, गनेशपुर, नारायनजोत, किढ़िहौना, सेमरी तरहर, लक्ष्मनपुर गोढ़पुरवा, धर्मपुर, बेलकर, चिचड़ी, मोहम्मदपुर राजा, मझौवा सुमाल, इटवरिया, कोडऱी केवट, कुम्हारगढ़ी, जगररवल गढ़ी, सेमगढ़ा, रामपुर कटेल, कोलाभार मजगवा, पटखौली कला, पुरुषोत्तमपुर, रघुनाथपुर, भरथापुर, बगनहा, रामपुर त्रिभौना, रामपुर लोहरातारा, रमनगरा, भवानी नगर, प्रहलादा, विशुनापुर, ठेंगरहना, कसियापुर, कल्यानपुर, रमनगरा, लखाही खास, रघुनाथपुर, खरकहिया, किशुनपुर चंदन भारी, भुतहा, मलौना खसियारी, लैबुड़वा, लालपुर खदरा, इमिलिया, लोहरातारा, मनिकौरा कोडऱी,मनिकाकोट, अंधरपुरवा, मनोहरापुर, हजरिया, कोटवा, दहावर कला, गौहनिया, रामगढ़ी, मधनगर, सेहनिया, केरवनिया, कोडऱी खुर्द, नारायनपुर, भवानी नगर, नीबाभारी, नकहा धर्मनगर, सुल्तानजोत, टिकुइया, कोकल, बरंगा, नेवादा भोजपुर, अशरफ नगर, शाहपुर कला, अलीनगर धर्मनगर, बेलरी, गंगाभागड़, लालबोझा दर्वेश गांव, कलकलवा, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया, संगमपुरवा सहित करीब 135 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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भिनगा तहसील में करीब चौदह वर्ष पूर्व करीब 85 हजार रुपये खर्च कर मोटर बोट मंगाई गई थी। इसका उपयोग बाढ़ के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को करना था। इससे डीएम व अन्य अधिकारियों को प्रभावित गांवों में जाकर लोगों की मदद करनी थी। भकला पुल के निकट राप्ती नदी में ट्रायल भी कराया गया था। इसके बाद इसे भिनगा तहसील में बने लेखपाल आवास के सामने सुरक्षित रखवाया गया था जहां से आज तक इसे नहीं उठाया गया। तब से अब तक जिले में कई बार भयंकर बाढ़ आ चुकी है, लेकिन इसका प्रयोग नहीं हुआ।
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बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्वयं सेवी संगठन भी आगे आ रहे हैं। बहराइच के दवा व्यवसायियों ने लखाही खास में भोजन कैंप लगा कर आसपास के बाढ़ पीड़ितों को भोजन व बच्चों को बिस्किट वितरित किया। ाष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से करीब एक हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए लंच पैकेट तैयार करवा कर वितरण किया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र भी प्रभावित गांवों में जाकर मदद कर रहे हैं।
राप्ती के कछार में बसे जोगिया व भलुहिया गांव में कई लोग घरों की छतों पर डेरा जमाए हुए हैं। बरसात के कारण विगत दो दिनों से खाना नहीं बना। ऐसे में भूख से व्याकुल लोगों के लिए एनडीआरएफ टीम दूत बनकर पहुंची। टीम की ओर से लंच पैकेट पाकर लोगों की आंखों से आंसू आ गए। कई लोगों को टीम ने सुरक्षित स्थान पर भी पहुंचाया।
बरसात के कारण पांच दिन से गिलौला कस्बा, चंद्रावा, गुरदासपुर व चका मलावा आदि गांवों में पानी जमा था। प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिली तो परेशान लोगों ने सरयू नहर की पटरी काट दी। अब गांवों का पानी निकल रहा है।