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5100 दीयों की रोशनी से जगमग हुई बौद्ध तपोस्थली
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कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार देर शाम दीपक की रोशनी से जगमगा उठी। बुद्ध पूर्णिमा पर यंग बोधि सत्व सोसाइटी की ओर से दीपोत्सव कार्यक्रम किया गया। जिसमें शामिल होने तपोस्थली पहुंचे अनुयायियों ने देर शाम सहेट महेट सहित तपोस्थली के विभिन्न जगहों पर 5100 दीप जलाए।
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा पर यंग बोधिसत्व सोसायटी की ओर से दीपोत्सव कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में बौद्ध भिक्षु देवेंद्र थेरो तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य राजकीय महामाया महाविद्यालय इकौना धर्मेंद्र कुमार गुप्ता तथा जेतवन इंटर कॉलेज के प्राचार्य पवन कुमार सिंह बौद्ध मौजूद रहे। दीपोत्सव के दौरान अनुयायियों ने गंध कुटी, आनंद बोधि, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, आनंद कुटी, राहुल कुटी, सूर्य कुंड, संघाराम बुद्ध विहार में 5100 दीप जलाया, जिससे समूची तपोस्थली दीपक की रोशनी से जगमगा उठी।
इस दौरान देवेंद्र थेरो कहा कि दीप जलाने की यह व्यवस्था आज की नहीं है। यह पुरातन है। दीप यज्ञ से हमारे वातावरण शुद्ध होते हैं। हमें प्रकाश उत्सव से यह ज्ञान मिलता है कि हम हमेशा प्रकाश मान रहे, जिससे हम अंधकार से प्रकाश की तरफ उन्मुख होते रहे। जिस प्रकार से अंधकार को मिटाने के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है। उसी तरह हमारे अंदर में छिपे अहंकार रूपी शक्ति को मिटाने के लिए प्रकाश रूपी शक्ति को संजोना आवश्यक है। तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है। प्राचार्य राजकीय महामाया महाविद्यालय ने कहाकि हमें अपने अंदर छिपे ज्ञान को प्रकाश की तरह समाज में दिखना चाहिए, जिससे समाज को एक नई ऊर्जा मिल सके और हमारे आने वाली पीढ़ी को एक नया मार्गदर्शन मिल सके। इस मौके पर दुष्यंत कुमार, अशोक कुमार शाक्य, आचार्य देवमणि पांडे, जनार्दन राजभर, विजय कुमार प्रजापति, गौतमी भिक्षुणी सहित केंद्र की छात्राएं तथा उपासक मौजूद रहे।
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बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा पर यंग बोधिसत्व सोसायटी की ओर से दीपोत्सव कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में बौद्ध भिक्षु देवेंद्र थेरो तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य राजकीय महामाया महाविद्यालय इकौना धर्मेंद्र कुमार गुप्ता तथा जेतवन इंटर कॉलेज के प्राचार्य पवन कुमार सिंह बौद्ध मौजूद रहे। दीपोत्सव के दौरान अनुयायियों ने गंध कुटी, आनंद बोधि, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, आनंद कुटी, राहुल कुटी, सूर्य कुंड, संघाराम बुद्ध विहार में 5100 दीप जलाया, जिससे समूची तपोस्थली दीपक की रोशनी से जगमगा उठी।
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इस दौरान देवेंद्र थेरो कहा कि दीप जलाने की यह व्यवस्था आज की नहीं है। यह पुरातन है। दीप यज्ञ से हमारे वातावरण शुद्ध होते हैं। हमें प्रकाश उत्सव से यह ज्ञान मिलता है कि हम हमेशा प्रकाश मान रहे, जिससे हम अंधकार से प्रकाश की तरफ उन्मुख होते रहे। जिस प्रकार से अंधकार को मिटाने के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है। उसी तरह हमारे अंदर में छिपे अहंकार रूपी शक्ति को मिटाने के लिए प्रकाश रूपी शक्ति को संजोना आवश्यक है। तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है। प्राचार्य राजकीय महामाया महाविद्यालय ने कहाकि हमें अपने अंदर छिपे ज्ञान को प्रकाश की तरह समाज में दिखना चाहिए, जिससे समाज को एक नई ऊर्जा मिल सके और हमारे आने वाली पीढ़ी को एक नया मार्गदर्शन मिल सके। इस मौके पर दुष्यंत कुमार, अशोक कुमार शाक्य, आचार्य देवमणि पांडे, जनार्दन राजभर, विजय कुमार प्रजापति, गौतमी भिक्षुणी सहित केंद्र की छात्राएं तथा उपासक मौजूद रहे।
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