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तपती दोपहर में छाया भी तलाशने लगी छांव
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श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म है। सुबह से ही सूरज की किरणें मानो आग उगल रही हों। इस बीच चलने वाली गर्म हवाओं के कारण उमस काफी बढ़ गई है। छाया भी छांव की तलाश करने लगी है। सहालग के इस दौर में पड़ रही भीषण उमस भरी गर्मी से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। सुबह 11 बजे से चार बजे तक चाहे मुख्य मार्ग हो या बाजार सब सूने-सूने दिखाई दे रहे हैं।
जिले में सहालग का दौर जारी है। लोगों के घरों में होने वाले मांगलिक आयोजनों में शामिल होने के लिए मित्र व रिश्तेदार बेताब हैं। एक-एक दिन में कई-कई लोगों के यहां कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए लोग दिन, रात व दोपहर की परवाह किए बगैर आ-जा रहे हैं। ऐसे में जिले में पड़ रही भीषण उमस भरी गर्मी व तपती दोपहर लोगों की राह रोक रही है।
सुबह 11 बजे के बाद से आग उगल रही सूरज की किरणें लोगों की राह रोक रही हैं। ऐसे में दो पहिया वाहन व साइकिल सवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सहालग के कारण प्राइवेट बसों व चौपहिया वाहनों के बुकिंग में चले जाने से मार्गों पर वाहनों की किल्लत भी बढ़ी है। बसों व छोटे वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर लाई व ले जाई जा रही हैं। इससे महिलाओं व विशेषकर बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में प्राइवेट बसें मार्ग किनारे से ही संचालित हो रही हैं जहां सिर छिपाने के लिए न तो टिनशेड हैं और न ही कहीं छायादार वृक्ष हैं। चाहे भिनगा का दहाना बस अड्डा हो या ईदगाह, कोई व्यवस्था नहीं है। यही स्थिति सिरसिया, लक्ष्मनपुर, जोखवा बाजार, मथुरा बाजार, तालबघौड़ा, जमुनहा, बदला, बरदेहरा व लक्ष्मननगर सहित इकौना, गिलौला, कटरा व अन्य स्टैंडों की भी है। ऐसे में लोग भीषण उमस भरी गर्मी व चिलचिलाती धूप में मार्ग किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार कर रहे हैं। इस पर ध्यान न दिए जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है।
तराई में बृहस्पतिवार रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में अचानक बादल छा गए। इस दौरान चली तेज धूल भरी हवा के कारण कुछ देर के लिए मौसम सुहाना हो गया। इस बीच बादलों की गरज-चमक देख लोग बरसात की आस में आसमान की ओर निहारने लगे, लेकिन बादलों के दगा दे जाने व मौसम सामान्य हो जाने के कारण अचानक उमस काफी बढ़ गई। इस बीच हुई बिजली कटौती से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।
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जिले में सहालग का दौर जारी है। लोगों के घरों में होने वाले मांगलिक आयोजनों में शामिल होने के लिए मित्र व रिश्तेदार बेताब हैं। एक-एक दिन में कई-कई लोगों के यहां कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए लोग दिन, रात व दोपहर की परवाह किए बगैर आ-जा रहे हैं। ऐसे में जिले में पड़ रही भीषण उमस भरी गर्मी व तपती दोपहर लोगों की राह रोक रही है।
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सुबह 11 बजे के बाद से आग उगल रही सूरज की किरणें लोगों की राह रोक रही हैं। ऐसे में दो पहिया वाहन व साइकिल सवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सहालग के कारण प्राइवेट बसों व चौपहिया वाहनों के बुकिंग में चले जाने से मार्गों पर वाहनों की किल्लत भी बढ़ी है। बसों व छोटे वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर लाई व ले जाई जा रही हैं। इससे महिलाओं व विशेषकर बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में प्राइवेट बसें मार्ग किनारे से ही संचालित हो रही हैं जहां सिर छिपाने के लिए न तो टिनशेड हैं और न ही कहीं छायादार वृक्ष हैं। चाहे भिनगा का दहाना बस अड्डा हो या ईदगाह, कोई व्यवस्था नहीं है। यही स्थिति सिरसिया, लक्ष्मनपुर, जोखवा बाजार, मथुरा बाजार, तालबघौड़ा, जमुनहा, बदला, बरदेहरा व लक्ष्मननगर सहित इकौना, गिलौला, कटरा व अन्य स्टैंडों की भी है। ऐसे में लोग भीषण उमस भरी गर्मी व चिलचिलाती धूप में मार्ग किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार कर रहे हैं। इस पर ध्यान न दिए जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है।
तराई में बृहस्पतिवार रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में अचानक बादल छा गए। इस दौरान चली तेज धूल भरी हवा के कारण कुछ देर के लिए मौसम सुहाना हो गया। इस बीच बादलों की गरज-चमक देख लोग बरसात की आस में आसमान की ओर निहारने लगे, लेकिन बादलों के दगा दे जाने व मौसम सामान्य हो जाने के कारण अचानक उमस काफी बढ़ गई। इस बीच हुई बिजली कटौती से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।