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मौरंग की जगह बालू व दोयम दर्जे की ईंट से हो रहा निर्माण
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श्रावस्ती। सरयू नहर खंड छह कार्यालय की बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य अनियमितताओं की भेंट चढ़ रहा है। निर्माण के लिए मौरंग के बजाए घाघरा नदी का बालू इस्तेमाल किया जा रहा है। यहीं नहीं बी क्लास की ईंट से चिनाई की जा रही है। इस अनियमितता को कोई देख न ले, इसलिए चिनाई व प्लास्टर का काम एक साथ किया जा रहा है। यह सब तब हो रहा है, जब इस कार्य के लिए कार्यदायी संस्था स्वयं सरयू नहर खंड छह है। कार्यालय को सुरक्षित करने के लिए लगभग दो सौ मीटर बाउंड्रीवॉल का निर्माण लगभग साढ़े तीस लाख रुपये की लागत से हो रहा है।
सरयू नहर खंड छह कार्यालय का निर्माण भिनगा के पुलिस लाइन व जिला पंचायत के पीछे हो रहा है। निर्माणाधीन कार्यालय को सुरक्षित करने के लिए लगभग दो सौ मीटर क्षेत्र में चारों ओर बाउंड्रीवॉल का निर्माण होना था। इसके लिए जिस विभाग का कार्यालय है, वह स्वयं ही कार्यदायी संस्था है। इसके लिए कुछ दिन पूर्व निकाले गए टेंडर में विभाग ने ही लिखा था कि बाउंड्रीवॉल का निर्माण क्लास ए की ईट के साथ चिनाई व प्लास्टर का कार्य मौरंग से किया जाएगा।
अब जब बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जा रहा है तो शर्तों के विपरीत कार्य हो रहा है। मौके पर बी क्लास ईट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं ईट जोड़ाई के लिए मौरंग के बजाए घाघरा नदी के बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस अनियमितता की किसी को जानकारी न हो, इस लिए जितनी भी ईट की चिनाई की जाती है, उतने को तत्काल प्लास्टर कर दिया जाता है। प्लास्टर भी घाघरा के बालू से ही किया जा रहा है। ऐसे में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में बने रही बाउंड्रीवॉल कितने दिनों तक खड़ी रहेगी, इसके बारे में कुछ कहना भी मुश्किल है।
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चिनाई से लेकर प्लास्टर तक सब मानक विहीन
सरयू नहर खंड छह की ओर से निकाले गए टेंडर में निर्माण के लिए ए क्लास ईट, मौरंग से चिनाई व प्लास्टर, चिनाई सामग्री अनुपात एक चार यानी की एक बोरी सीमेंट के साथ अधिकतम चार बोरी मौरंग का मानक रखा गया था। मौके पर मौरंग की जगह बालू का उपयोग व इसकी जोड़ाई में प्रयोग की गई सामग्री का अनुपात एक आठ में हो रहा है।
कुछ दूरी पर रहते अधिकारी फिर भी कार्य मानकविहीन
सरयू नहर खंड छह का कार्यालय अभी किराए के भवन में चल रहा है। जिस स्थान पर सरयू नहर खंड छह का कार्यालय बन रहा है। वह मौजूदा कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है। इस कार्यालय में अधिशासी अभियंता के साथ ही एई व जेई की तैनाती है। इसके बाद भी उन्हीं का कार्यालय मानक विहीन बनाया बन रहा है।
एई को भेजकर मामले की जांच की जाएगी। यदि गुणवत्ता विहीन कार्य पाया गया तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, एक्सइएन, सरयू नहर खंड छह
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सरयू नहर खंड छह कार्यालय का निर्माण भिनगा के पुलिस लाइन व जिला पंचायत के पीछे हो रहा है। निर्माणाधीन कार्यालय को सुरक्षित करने के लिए लगभग दो सौ मीटर क्षेत्र में चारों ओर बाउंड्रीवॉल का निर्माण होना था। इसके लिए जिस विभाग का कार्यालय है, वह स्वयं ही कार्यदायी संस्था है। इसके लिए कुछ दिन पूर्व निकाले गए टेंडर में विभाग ने ही लिखा था कि बाउंड्रीवॉल का निर्माण क्लास ए की ईट के साथ चिनाई व प्लास्टर का कार्य मौरंग से किया जाएगा।
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अब जब बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जा रहा है तो शर्तों के विपरीत कार्य हो रहा है। मौके पर बी क्लास ईट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं ईट जोड़ाई के लिए मौरंग के बजाए घाघरा नदी के बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस अनियमितता की किसी को जानकारी न हो, इस लिए जितनी भी ईट की चिनाई की जाती है, उतने को तत्काल प्लास्टर कर दिया जाता है। प्लास्टर भी घाघरा के बालू से ही किया जा रहा है। ऐसे में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में बने रही बाउंड्रीवॉल कितने दिनों तक खड़ी रहेगी, इसके बारे में कुछ कहना भी मुश्किल है।
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चिनाई से लेकर प्लास्टर तक सब मानक विहीन
सरयू नहर खंड छह की ओर से निकाले गए टेंडर में निर्माण के लिए ए क्लास ईट, मौरंग से चिनाई व प्लास्टर, चिनाई सामग्री अनुपात एक चार यानी की एक बोरी सीमेंट के साथ अधिकतम चार बोरी मौरंग का मानक रखा गया था। मौके पर मौरंग की जगह बालू का उपयोग व इसकी जोड़ाई में प्रयोग की गई सामग्री का अनुपात एक आठ में हो रहा है।
कुछ दूरी पर रहते अधिकारी फिर भी कार्य मानकविहीन
सरयू नहर खंड छह का कार्यालय अभी किराए के भवन में चल रहा है। जिस स्थान पर सरयू नहर खंड छह का कार्यालय बन रहा है। वह मौजूदा कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है। इस कार्यालय में अधिशासी अभियंता के साथ ही एई व जेई की तैनाती है। इसके बाद भी उन्हीं का कार्यालय मानक विहीन बनाया बन रहा है।
एई को भेजकर मामले की जांच की जाएगी। यदि गुणवत्ता विहीन कार्य पाया गया तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, एक्सइएन, सरयू नहर खंड छह