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Shravasti News: दिन में सड़क तो रात में खेतों पर छुट्टा गोवंशों का कब्जा
Sun, 03 Sep 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 03 Sep 2023 11:55 PM IST
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जमुनहा (श्रावस्ती)। छुट्टा गोवंशों से किसान परेशान हैं। वह इन मवेशियों को पशु आश्रय स्थल ले जाने की मांग कर रहे हैं। वहीं जिले में छुट्टा गोवंशों की संख्या ज्यादा व आश्रय कम होने पर अधिकतर पशु खुले में घूम रहे हैं। जिनका दिन में सड़क तो रात में खेतों पर कब्जा देखा जा रहा है।
छुट्टा गांवशों को गोआश्रय स्थल में रखने की व्यवस्था है। इसके साथ ही उन किसानों को जो पशु रख सकते हैं उन्हें अनुदान देने के लिए प्रशासन ने पहले ही घोषणा की है। किसानों को प्राकृतिक व ऑर्गेनिक खेती में इन पशुओं की उपयोगिता बताई जा रही है। इसके बावजूद किसान इन पशुओं को अपने घर पर नहीं रखना चाहते हैं। न ही गोआश्रय स्थल पर इतना स्थान है कि सभी निराश्रित पशुओं को वहां रखा जा सके। इसके चलते इन मवेशियों ने सड़क किनारे व खाली स्थान पर अपना आसरा बना रखा है।
दिन भर यह मल्हीपुर बैरियल, गंगापुर, बनगई, जमुनहा बस स्टैंड, जमुनहा बाजार, इंडो नेपाल हाइवे के रामपुर चौराहा, कल कलवा, कोदिया गांव, गंगा भगड़, सागर गांव आदि स्थानों पर जमे रहते हैं। वहीं रात होते ही पशु किसानों की फसलों पर टूट पड़ते हैं। यदि किसान कुछ देर भी चूक जाएं ताे पूरी फसल तबाह हो जाती है। ऐसे में किसानों ने डीएम कृतिका शर्मा व मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह से मांग की है कि इन छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थल पहुंचाया जाए ताकि उनकी फसल बच सके।
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छुट्टा गांवशों को गोआश्रय स्थल में रखने की व्यवस्था है। इसके साथ ही उन किसानों को जो पशु रख सकते हैं उन्हें अनुदान देने के लिए प्रशासन ने पहले ही घोषणा की है। किसानों को प्राकृतिक व ऑर्गेनिक खेती में इन पशुओं की उपयोगिता बताई जा रही है। इसके बावजूद किसान इन पशुओं को अपने घर पर नहीं रखना चाहते हैं। न ही गोआश्रय स्थल पर इतना स्थान है कि सभी निराश्रित पशुओं को वहां रखा जा सके। इसके चलते इन मवेशियों ने सड़क किनारे व खाली स्थान पर अपना आसरा बना रखा है।
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दिन भर यह मल्हीपुर बैरियल, गंगापुर, बनगई, जमुनहा बस स्टैंड, जमुनहा बाजार, इंडो नेपाल हाइवे के रामपुर चौराहा, कल कलवा, कोदिया गांव, गंगा भगड़, सागर गांव आदि स्थानों पर जमे रहते हैं। वहीं रात होते ही पशु किसानों की फसलों पर टूट पड़ते हैं। यदि किसान कुछ देर भी चूक जाएं ताे पूरी फसल तबाह हो जाती है। ऐसे में किसानों ने डीएम कृतिका शर्मा व मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह से मांग की है कि इन छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थल पहुंचाया जाए ताकि उनकी फसल बच सके।
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