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सड़क बनी तालाब, तैर रहीं बतख
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इकौना (श्रावस्ती)। इकौना को एनएच से जोड़ने वाला मार्ग बदहाल है। मार्ग पर पानी भरा होने से यह तालाब का रूप ले चुका है। इस जलभराव में बतख विचरण करती नजर आती है। इसकी जानकारी के बाद भी संबंधित विभाग और अधिकारी मार्ग को दुरुस्त कराने की अब तक पहल भी नहीं सक सके हैं। इससे इस मार्ग पर लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
जिले में संपर्क मार्गों की स्थिति बदहाल है। गड्ढा मुक्ति के नाम पर केवल औपचारिकताएं ही निभाई गई। यहां तक कि कुछ महत्वपूर्ण मार्गों की स्थिति ऐसी हो गई है कि यह भी नहीं पता चल पा रहा है कि वहां कभी सड़क भी थी। अब लोगों ने अपने चलने के लिए सड़क के किनारे पगडंडी का रास्ता बना लिया है। ऐसा ही कुछ इकौना बाईपास पर एनएच व कस्बे को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति बन गई है।
यह सड़क वर्षों से टूटी हुई है। विगत कई महीनों से सड़क टूट कर धीरे धीरे गड्ढे का रूप ले चुकी है। अब यहां जलभराव से तालाब नजर आता है। बरसात हो या न हो सड़क पर पानी हमेशा भरा रहता है। जिसके चलते आने जाने वाले लोगों ने सड़क से हटकर पगडंडी का रास्ता बना लिया है। वहीं दूसरी ओर सड़क पर हमेशा पानी होने के कारण इसमें बतख विचरण करती नजर आती हैं। गड्ढा बड़ा होने के कारण लोग सड़क के बीच से होकर नहीं गुजरते हैं।
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कई और मार्गों को गड्ढा मुक्ति का इंतजार
सड़क पर जलभराव या फिर सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे यह केवल इकौना एनएच बाईपास का ही मामला नहीं है, कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क भी गड्ढा मुक्ति का इंतजार कर रही है। जिसमें से भिनगा भचकाही मार्ग प्रमुख है। यह सड़क भारत नेपाल सीमा से जिले को जोड़ती है। इस पर एसएसबी का आना जाना लगा रहता है। ऐसे ही खरगौरा से सेमरी मार्ग। यह सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
सड़क पर गड्ढे के अतिरिक्त कुछ दिखता ही नहीं जबकि इस सड़क पर करीब पांच से छह लाख आबादी का आना जाना बना रहता है। यह सड़क दोआब क्षेत्र के मुख्य सड़क के रूप में जानी जाती है। सेमरी से बहराइच जाने वाले इसी सड़क का इस्तेमाल करके फोरलेन तक आते जाते हैं।
जिले की सड़कों को पहले गड्ढामुक्त कराया गया है। जबकि अत्यंत जर्जर सड़कों के रिनीवल का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द ही स्थिति बदलेगी। - एपी सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी
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जिले में संपर्क मार्गों की स्थिति बदहाल है। गड्ढा मुक्ति के नाम पर केवल औपचारिकताएं ही निभाई गई। यहां तक कि कुछ महत्वपूर्ण मार्गों की स्थिति ऐसी हो गई है कि यह भी नहीं पता चल पा रहा है कि वहां कभी सड़क भी थी। अब लोगों ने अपने चलने के लिए सड़क के किनारे पगडंडी का रास्ता बना लिया है। ऐसा ही कुछ इकौना बाईपास पर एनएच व कस्बे को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति बन गई है।
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यह सड़क वर्षों से टूटी हुई है। विगत कई महीनों से सड़क टूट कर धीरे धीरे गड्ढे का रूप ले चुकी है। अब यहां जलभराव से तालाब नजर आता है। बरसात हो या न हो सड़क पर पानी हमेशा भरा रहता है। जिसके चलते आने जाने वाले लोगों ने सड़क से हटकर पगडंडी का रास्ता बना लिया है। वहीं दूसरी ओर सड़क पर हमेशा पानी होने के कारण इसमें बतख विचरण करती नजर आती हैं। गड्ढा बड़ा होने के कारण लोग सड़क के बीच से होकर नहीं गुजरते हैं।
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कई और मार्गों को गड्ढा मुक्ति का इंतजार
सड़क पर जलभराव या फिर सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे यह केवल इकौना एनएच बाईपास का ही मामला नहीं है, कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क भी गड्ढा मुक्ति का इंतजार कर रही है। जिसमें से भिनगा भचकाही मार्ग प्रमुख है। यह सड़क भारत नेपाल सीमा से जिले को जोड़ती है। इस पर एसएसबी का आना जाना लगा रहता है। ऐसे ही खरगौरा से सेमरी मार्ग। यह सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
सड़क पर गड्ढे के अतिरिक्त कुछ दिखता ही नहीं जबकि इस सड़क पर करीब पांच से छह लाख आबादी का आना जाना बना रहता है। यह सड़क दोआब क्षेत्र के मुख्य सड़क के रूप में जानी जाती है। सेमरी से बहराइच जाने वाले इसी सड़क का इस्तेमाल करके फोरलेन तक आते जाते हैं।
जिले की सड़कों को पहले गड्ढामुक्त कराया गया है। जबकि अत्यंत जर्जर सड़कों के रिनीवल का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द ही स्थिति बदलेगी। - एपी सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी