{"_id":"625c51ac1bcd0679a756bfc1","slug":"reservoir-started-drying-up-in-summer-srawasti-news-lko626559934","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी में चढ़ा पारा सूखने लगे जलाशय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी में चढ़ा पारा सूखने लगे जलाशय
विज्ञापन
गर्मी के चलते दोपहर बाद भिनगा सिरसिया मार्ग पर पसरा सन्नाटा
- फोटो : SRAWASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। धूप की तपन दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसके चलते लोगों का घरों से निकलना दूभर बना हुआ है। तेज पछुआ हवाओं के बीच चलने वाले लू के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो रहा है। बरसात न होने के कारण पारंपरिक जलस्रोत भी अब सूख रहे हैं। जल अभाव में किसान अपने खेतों में लगी फसल की सिंचाई करने को विवश हैं। वहीं मवेशियों के सामने पेयजल का संकट गहराता जा रहा है।
तराई में विगत एक पखवाड़े से चलने वाली पछुआ हवाओं के कारण भीषण गर्मी पड़ रही है। लोगों को पंखे के नीचे भी पसीना पसीना देखा जा रहा है। वहीं सुबह से निकल रही चिलचिलाती धूप के कारण सुबह 9 बजे के बाद घरों से बाहर निकलना दूभर हो चुका है। पछुआ हवाओं के कारण चलने वाली लू के थपेड़े जहां राहगीरों की राह रोक रहे हैं। वहीं लोगों को राह चलते पांव में जलन भी महसूस हो रही है। गर्मी व लू के थपेड़ों के कारण छाया में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। इसका असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु पक्षियों पर भी पड़ रहा है। रविवार को जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस मापा गया। ऐसे में जलाशय सूखने लगे हैं।
कई स्थानों पर पारंपरिक जलस्रोतों के सूख जाने के कारण जहां मवेशियों के सामने पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं खेतों में लगी जायद व सब्जियों की फसलों को सूखने से बचाने के लिए किसानों को तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। दूसरी ओर, श्रावस्ती आने वाले पर्यटकों पर गर्मी कहर बनकर टूट रही है। सूरज की तपिश के चलते विदेशी मेहमानों का आना इस समय थम सा गया है, जबकि इक्का दुक्का आने वाले मेहमानों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। गर्मी का पारा चढ़ते ही होटलों में वीरानी छाई हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तराई में विगत एक पखवाड़े से चलने वाली पछुआ हवाओं के कारण भीषण गर्मी पड़ रही है। लोगों को पंखे के नीचे भी पसीना पसीना देखा जा रहा है। वहीं सुबह से निकल रही चिलचिलाती धूप के कारण सुबह 9 बजे के बाद घरों से बाहर निकलना दूभर हो चुका है। पछुआ हवाओं के कारण चलने वाली लू के थपेड़े जहां राहगीरों की राह रोक रहे हैं। वहीं लोगों को राह चलते पांव में जलन भी महसूस हो रही है। गर्मी व लू के थपेड़ों के कारण छाया में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। इसका असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु पक्षियों पर भी पड़ रहा है। रविवार को जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस मापा गया। ऐसे में जलाशय सूखने लगे हैं।
विज्ञापन
कई स्थानों पर पारंपरिक जलस्रोतों के सूख जाने के कारण जहां मवेशियों के सामने पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं खेतों में लगी जायद व सब्जियों की फसलों को सूखने से बचाने के लिए किसानों को तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। दूसरी ओर, श्रावस्ती आने वाले पर्यटकों पर गर्मी कहर बनकर टूट रही है। सूरज की तपिश के चलते विदेशी मेहमानों का आना इस समय थम सा गया है, जबकि इक्का दुक्का आने वाले मेहमानों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। गर्मी का पारा चढ़ते ही होटलों में वीरानी छाई हुई है।
विज्ञापन