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कटान विस्थापितों की शुरू हुई जांच
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जमुनहा (श्रावस्ती)। राप्ती की कटान से विस्थापित हो बरगदहा के मजरा दुर्गापुरवा निवासी कुछ ग्रामीण कलकलवा मर्जिनल बांध के निकट आशियाना बना लिया। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद यहां रह रही एक महिला का आशियाना ढहा दिया गया था। इसकी शिकायत के बाद एसडीएम जमुनहा ने अन्य विस्थापितों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
इसके अनुपालन में बुधवार को मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जमुनहा तहसील क्षेत्र के ग्राम बरगदहा के मजरा दुर्गापुरवा निवासी मायादेवी पत्नी मनीराम ने एसडीएम जमुनहा मयाशंकर यादव से मिल कर उन्हें एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें पीड़िता ने आरोप था कि उसका गांव राप्ती की बाढ़ में कट गया था।
इससे विस्थापित होकर अन्य ग्रामीणों के साथ कलकलवा मार्जिनल बांध के निकट खाली पड़ी भूमि पर मकान बना कर रह रही थी। क्षेत्र के एक व्यक्ति की शिकायत पर तीन दिन पूर्व उसका फूस व टीनशेड का आवास गिरा दिया गया, जबकि अन्य मकानों को छोड़ दिया गया।
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ऐसे में पीड़िता ने सवाल उठाया कि यदि उसका मकान गिराया गया तो शेष लोगों के आवास क्यों छोड़े गए। इस पर एसडीएम जमुनहा ने तहसीलदार नारायण सिंह व नायब तहसीलदार जानकी प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक बलराम वर्मा, जमुनहा पुलिस चौकी प्रभारी रजनीश शुक्ला की टीम गठित कर मौके पर जांच करने का निर्देश दिया था।
इस पर बुधवार को मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गिराए गए मकान को देखने के साथ ही आबादी की जमीन पर बने अन्य मकानों की जानकारी लेकर उसकी सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। इस बारे में तहसीलदार ने बताया कि गांव का गाटा संख्या 466 बंजर व 465 नवीन परती में दर्ज है। इसमें करीब 37 लोगों ने कच्चा व पक्का मकान बनाया हुआ है। इसकी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
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इसके अनुपालन में बुधवार को मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जमुनहा तहसील क्षेत्र के ग्राम बरगदहा के मजरा दुर्गापुरवा निवासी मायादेवी पत्नी मनीराम ने एसडीएम जमुनहा मयाशंकर यादव से मिल कर उन्हें एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें पीड़िता ने आरोप था कि उसका गांव राप्ती की बाढ़ में कट गया था।
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इससे विस्थापित होकर अन्य ग्रामीणों के साथ कलकलवा मार्जिनल बांध के निकट खाली पड़ी भूमि पर मकान बना कर रह रही थी। क्षेत्र के एक व्यक्ति की शिकायत पर तीन दिन पूर्व उसका फूस व टीनशेड का आवास गिरा दिया गया, जबकि अन्य मकानों को छोड़ दिया गया।
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ऐसे में पीड़िता ने सवाल उठाया कि यदि उसका मकान गिराया गया तो शेष लोगों के आवास क्यों छोड़े गए। इस पर एसडीएम जमुनहा ने तहसीलदार नारायण सिंह व नायब तहसीलदार जानकी प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक बलराम वर्मा, जमुनहा पुलिस चौकी प्रभारी रजनीश शुक्ला की टीम गठित कर मौके पर जांच करने का निर्देश दिया था।
इस पर बुधवार को मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गिराए गए मकान को देखने के साथ ही आबादी की जमीन पर बने अन्य मकानों की जानकारी लेकर उसकी सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। इस बारे में तहसीलदार ने बताया कि गांव का गाटा संख्या 466 बंजर व 465 नवीन परती में दर्ज है। इसमें करीब 37 लोगों ने कच्चा व पक्का मकान बनाया हुआ है। इसकी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।