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राप्ती लाल निशान पार, 40 गांवों में बाढ़ का कहर
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श्रावस्ती। नेपाल में हुई तेज बरसात के कारण राप्ती का जलस्तर शुक्रवार सुबह बढ़ गया। सुबह छह बजे ही नदी खतरे के निशान को पार करके 127.80 मीटर पर पहुंच गई। हर एक घंटे में नदी का जल स्तर बढ़ता रहा। इससे 11 बजे तक नदी 128.20 मीटर पर पहुंच गई। दोपहर 12 बजे के बाद जल स्तर में कुछ कमी आई।
इसके बाद भी राप्ती खतरे के निशान के ऊपर ही रही। राप्ती का जलस्तर बढ़ने के कारण करीब 40 गांव बाढ़ की जद में आ गए। रास्ते में जलभराव के कारण कई गांवों का आवागमन बाधित हो गया। कई गांवों में पुलिस व एसएसबी को रेस्क्यू करना पड़ा। वहीं कई गांव के लोगों ने आवागमन के लिए नाव का इस्तेमाल किया।
नेपाल में लगातार हो रही बरसात से राप्ती बैराज पर नदी खतरे के निशान को पार कर गई। इसके चलते नदी गुरुवार देर रात से ही जमुनहा क्षेत्र में तबाही मचाने लगी। सुबह होते होते राप्ती बैराज पर नदी का जल स्तर 127.80 मीटर पर पहुंच गया। यहां राप्ती के खतरे का निशान 127.70 मीटर पर है।
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सुबह छह बजे नदी खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी। जैसे जैसे लो लैंड का पानी राप्ती में आता गया, वैसे वैसे यहां का जल स्तर बढ़ता चला गया। इसके कारण सर्रा सहित करीब 40 गांवों में राप्ती का पानी घुस गया। इसी के बाद हर घंटे में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। 11 बजे तक नदी का जलस्तर 128.20 मीटर पर पहुंच गया।
इसके बाद दोपहर 12 बजे से नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। इसके बाद भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा। नदी में पानी बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। ककरदरी घाट पर जल स्तर बढ़ने के कारण यहां आसपास के ग्रामीणों ने नाव का प्रयोग शुरू कर दिया।
मल्हीपुर भिनगा मार्ग पर मधवापुर के आगे की रोड पर करीब दो फिट पानी बह रहा है। इससे मार्ग बाधित हो गया। इसी प्रकार हरिहरपुरर, बहोरवा, पिपरहवा, सर्रा उत्तमापुर, चहलवा, भौंसांव , जिगरिया, वीरपुर लौकिहा, अशरफ नगर नरैनापुर व उत्तमापुर सहित कई गांवों में पानी घुस गया। यही नहीं यह गांव टापू के रूप में परिवर्तित हो गए। जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थान की तलाश करना पड़ा।
भिनगा तहसील के ग्राम अशरफ नगर के मजरा अशरफा बाजार में राप्ती कटान कर रही है। इसके चलते एक घर राप्ती में विलीन होने वाला है। कटान को देखते हुए लोग अपने पक्के मकान को तोड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं। ऐसे ही राप्ती ने देखते ही देखते एक घर को जमीदोज कर दिया।
उधर भंगहा मल्हीपुर रोड पर मटखनवा के पास पानी आ जाने से मल्हीपुर भिनगा मार्ग अवरुद्ध हो गया। यहां एएसपी बीसी दुबे ने स्वयं कैंप करके लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया। वहीं सर्रा गांव में पानी लगभग तीन से चार फिट भर जाने के कारण पुलिस ने यहां रेस्क्यू करके ग्रामीणों को बाहर निकाला। पुलिस ने लोगों के घरों के पिलर पर रस्सी बांध कर उन्हें बाहर निकाला।
रेहली विशुनपुर व चरगईहा डिप पर बहाव तेज
जिले में गुरुवार रात हुई बरसात के कारण केन नाले का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया। इससे केन नाले का पानी भिनगा जंगल को जलमग्न करता हुआ रेहली विशुनपुर डिप पर तेजी से बहने लगा। लोगों को पैदल निकलने में भी मुश्किलें हुईं। वहीं डिप पर जलस्तर काफी बढ़ जाने के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर डिप पार पार कर रहे हैं।
वहीं इस मार्ग पर चरगईहा डिप के पास विगत वर्ष बरसात के दौरान केन नाले में तेज बहाव के कारण आधा मुख्य मार्ग कट गया था। इसकी मरम्मत नहीं कराई गई थी। विगत वर्ष ही यहां कटान रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरी में भर कर बालू डाला गया था। इसके चलते मार्ग पर आवागमन बहाल था। गुरुवार रात हुई बरसात के बाद यहां कटान तेज हो गई। इसके चलते क्षेत्र वासियों को जिला मुख्यालय भिनगा आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर जमुनहा क्षेत्र में राप्ती की धारा ने खतरे का निशान पार कर लिया है। इसके चलते नदी का पानी अब तेजी से खेतों को जलमग्न करता हुआ गांवों की ओर बढ़ने लगा है। वहीं बरगदहा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे कछार में बसे घुमना पाझा, बांसगढ़ी पाझा, शिवपुरा पाझा, रामपुर पाझा, बाबा पाझा, हरिहर पाझा, दयाली पाझा, गनेशपुर पाझा आदि टापू बन गए हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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इसके बाद भी राप्ती खतरे के निशान के ऊपर ही रही। राप्ती का जलस्तर बढ़ने के कारण करीब 40 गांव बाढ़ की जद में आ गए। रास्ते में जलभराव के कारण कई गांवों का आवागमन बाधित हो गया। कई गांवों में पुलिस व एसएसबी को रेस्क्यू करना पड़ा। वहीं कई गांव के लोगों ने आवागमन के लिए नाव का इस्तेमाल किया।
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नेपाल में लगातार हो रही बरसात से राप्ती बैराज पर नदी खतरे के निशान को पार कर गई। इसके चलते नदी गुरुवार देर रात से ही जमुनहा क्षेत्र में तबाही मचाने लगी। सुबह होते होते राप्ती बैराज पर नदी का जल स्तर 127.80 मीटर पर पहुंच गया। यहां राप्ती के खतरे का निशान 127.70 मीटर पर है।
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सुबह छह बजे नदी खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी। जैसे जैसे लो लैंड का पानी राप्ती में आता गया, वैसे वैसे यहां का जल स्तर बढ़ता चला गया। इसके कारण सर्रा सहित करीब 40 गांवों में राप्ती का पानी घुस गया। इसी के बाद हर घंटे में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। 11 बजे तक नदी का जलस्तर 128.20 मीटर पर पहुंच गया।
इसके बाद दोपहर 12 बजे से नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। इसके बाद भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा। नदी में पानी बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। ककरदरी घाट पर जल स्तर बढ़ने के कारण यहां आसपास के ग्रामीणों ने नाव का प्रयोग शुरू कर दिया।
मल्हीपुर भिनगा मार्ग पर मधवापुर के आगे की रोड पर करीब दो फिट पानी बह रहा है। इससे मार्ग बाधित हो गया। इसी प्रकार हरिहरपुरर, बहोरवा, पिपरहवा, सर्रा उत्तमापुर, चहलवा, भौंसांव , जिगरिया, वीरपुर लौकिहा, अशरफ नगर नरैनापुर व उत्तमापुर सहित कई गांवों में पानी घुस गया। यही नहीं यह गांव टापू के रूप में परिवर्तित हो गए। जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थान की तलाश करना पड़ा।
भिनगा तहसील के ग्राम अशरफ नगर के मजरा अशरफा बाजार में राप्ती कटान कर रही है। इसके चलते एक घर राप्ती में विलीन होने वाला है। कटान को देखते हुए लोग अपने पक्के मकान को तोड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं। ऐसे ही राप्ती ने देखते ही देखते एक घर को जमीदोज कर दिया।
उधर भंगहा मल्हीपुर रोड पर मटखनवा के पास पानी आ जाने से मल्हीपुर भिनगा मार्ग अवरुद्ध हो गया। यहां एएसपी बीसी दुबे ने स्वयं कैंप करके लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया। वहीं सर्रा गांव में पानी लगभग तीन से चार फिट भर जाने के कारण पुलिस ने यहां रेस्क्यू करके ग्रामीणों को बाहर निकाला। पुलिस ने लोगों के घरों के पिलर पर रस्सी बांध कर उन्हें बाहर निकाला।
रेहली विशुनपुर व चरगईहा डिप पर बहाव तेज
जिले में गुरुवार रात हुई बरसात के कारण केन नाले का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया। इससे केन नाले का पानी भिनगा जंगल को जलमग्न करता हुआ रेहली विशुनपुर डिप पर तेजी से बहने लगा। लोगों को पैदल निकलने में भी मुश्किलें हुईं। वहीं डिप पर जलस्तर काफी बढ़ जाने के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर डिप पार पार कर रहे हैं।
वहीं इस मार्ग पर चरगईहा डिप के पास विगत वर्ष बरसात के दौरान केन नाले में तेज बहाव के कारण आधा मुख्य मार्ग कट गया था। इसकी मरम्मत नहीं कराई गई थी। विगत वर्ष ही यहां कटान रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरी में भर कर बालू डाला गया था। इसके चलते मार्ग पर आवागमन बहाल था। गुरुवार रात हुई बरसात के बाद यहां कटान तेज हो गई। इसके चलते क्षेत्र वासियों को जिला मुख्यालय भिनगा आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर जमुनहा क्षेत्र में राप्ती की धारा ने खतरे का निशान पार कर लिया है। इसके चलते नदी का पानी अब तेजी से खेतों को जलमग्न करता हुआ गांवों की ओर बढ़ने लगा है। वहीं बरगदहा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे कछार में बसे घुमना पाझा, बांसगढ़ी पाझा, शिवपुरा पाझा, रामपुर पाझा, बाबा पाझा, हरिहर पाझा, दयाली पाझा, गनेशपुर पाझा आदि टापू बन गए हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।