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सूरज डूबने के बाद व सूर्योदय से पहले महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती पुलिस
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श्रावस्ती। पुलिस किसी भी दशा में किसी भी महिला, युवती अथवा बालिका को सूरज डूबने के बाद गिरफ्तार नहीं कर सकती। उनकी गिरफ्तारी के लिए सूर्योदय का इंतजार करना होगा। अपनी मर्जी से पुलिस किसी महिला को थाने में बारह घंटे से अधिक नहीं बैठा सकती है।
ये बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज मृत्युंजय श्रीवास्तव ने भिनगा के डीपीआरसी भवन में कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व संरक्षा के लिए कानून में कई प्रावधान हैं। इसकी जानकारी प्रत्येक महिला को होना चाहिए ताकि उनका कोई शोषण न कर सके।
उन्होंने प्री-लिटिगेशन के लिए 22 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष लोक अदालत के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही नालसा थीम व नालसा सांग को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाकर उसके बारे में भी जानकारी दी गई।
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सिविल जज ने मौजूद आमजन को वैवाहिक विवादों से संबंधित मामले सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने के बारे में बताया। इस दौरान अधिवक्ता विष्णुदत्त अस्थाना, अशोक शर्मा, बृजेश पांडे, रामनवल प्रजापति व आशीष कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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ये बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज मृत्युंजय श्रीवास्तव ने भिनगा के डीपीआरसी भवन में कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व संरक्षा के लिए कानून में कई प्रावधान हैं। इसकी जानकारी प्रत्येक महिला को होना चाहिए ताकि उनका कोई शोषण न कर सके।
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उन्होंने प्री-लिटिगेशन के लिए 22 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष लोक अदालत के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही नालसा थीम व नालसा सांग को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाकर उसके बारे में भी जानकारी दी गई।
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सिविल जज ने मौजूद आमजन को वैवाहिक विवादों से संबंधित मामले सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने के बारे में बताया। इस दौरान अधिवक्ता विष्णुदत्त अस्थाना, अशोक शर्मा, बृजेश पांडे, रामनवल प्रजापति व आशीष कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।