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प्लांट की जगह मैनुवल बन रहा पीएमजीएसवाई रोड
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जमुनहा में पीएमजीएसवाई की मेनवल बन रही सड़क
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। जमुनहा भवनियापुर से परसोहना तक बन रही पीएमजीएसवाई सड़क में मानकों की धज्जियां उड़ रही है। कार्यदायी संस्था प्लांट की जगह पर मैनुअल सड़क का निर्माण कर रही है। अधिशाषी अभियंता व जेई का कहना है कि मैनुअल सड़क निर्माण पर रोक पहले ही लगा दी गई है, जबकि मौके पर रविवार को सड़क की पेंटिंग की जा रही थी।
पांच किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही प्लांट से सड़क निर्माण की शर्त रखी गई थी। टेंडर के समय कार्यदायी संस्था दीना कंस्ट्रक्शन ने खुद के पास प्लांट होने का अभिलेख भी टेंडर में लगाया था। लेकिन जब सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ तो प्रारंभ से ही पूरी प्रक्रिया मैनुअल शुरू कर दी गई। गिट्टी बिछाने से लेकर सारे कार्य पूरे हो चुके है। अब प्लांट से पेंटिंग करने का समय आया तब भी संस्था द्वारा प्लांट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। संस्था ने हैंडमेड मिक्सर से सड़क की पेंटिंग प्रारंभ कर दी है। निर्माण के समय शीलकोट के लिए इस्तेमाल होने वाला इमल्सन न डाल कर उसकी जगह पर बिटुमिन (तारकोल) मानक विहीन तरीके से डाला जा रहा है।
सड़क की गुणवत्ता को लेकर प्रश्नचिह्न उठ रहा है। सड़क निर्माण में केवल मानकों की ही धज्जियां नहीं उड़ाई जा रही है। बल्कि निर्माण कार्य में लगे अधिकांश श्रमिक नाबालिग हैं। मालूम रहे कि प्लांट व मैनुअल सड़क निर्माण में लगभग 30 प्रतिशत मजबूती प्रभावित होती है। प्लांट से किए गए कार्य में बिटुमिन व गिट्टी एक निश्चित तापमान पर गर्म होकर मिल जाती है। जिसे प्लांट के माध्यम से सड़क पर बिछाया जाता है। इससे सरफेस ठीक होता है, साथ ही रोलिंग होने पर सड़क की मजबूती बढ़ती है, मैनुअली ऐसा संभव नहीं है। अधिशाषी अभियंता पीएमजीएसवाई एसके हरित ने बताया कि दीना कंस्ट्रक्शन को मैनुअली सड़क निर्माण करने के लिए पहले ही रोका जा चुका है। इसके बाद भी यदि वह निर्माण कर रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
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पांच किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही प्लांट से सड़क निर्माण की शर्त रखी गई थी। टेंडर के समय कार्यदायी संस्था दीना कंस्ट्रक्शन ने खुद के पास प्लांट होने का अभिलेख भी टेंडर में लगाया था। लेकिन जब सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ तो प्रारंभ से ही पूरी प्रक्रिया मैनुअल शुरू कर दी गई। गिट्टी बिछाने से लेकर सारे कार्य पूरे हो चुके है। अब प्लांट से पेंटिंग करने का समय आया तब भी संस्था द्वारा प्लांट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। संस्था ने हैंडमेड मिक्सर से सड़क की पेंटिंग प्रारंभ कर दी है। निर्माण के समय शीलकोट के लिए इस्तेमाल होने वाला इमल्सन न डाल कर उसकी जगह पर बिटुमिन (तारकोल) मानक विहीन तरीके से डाला जा रहा है।
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सड़क की गुणवत्ता को लेकर प्रश्नचिह्न उठ रहा है। सड़क निर्माण में केवल मानकों की ही धज्जियां नहीं उड़ाई जा रही है। बल्कि निर्माण कार्य में लगे अधिकांश श्रमिक नाबालिग हैं। मालूम रहे कि प्लांट व मैनुअल सड़क निर्माण में लगभग 30 प्रतिशत मजबूती प्रभावित होती है। प्लांट से किए गए कार्य में बिटुमिन व गिट्टी एक निश्चित तापमान पर गर्म होकर मिल जाती है। जिसे प्लांट के माध्यम से सड़क पर बिछाया जाता है। इससे सरफेस ठीक होता है, साथ ही रोलिंग होने पर सड़क की मजबूती बढ़ती है, मैनुअली ऐसा संभव नहीं है। अधिशाषी अभियंता पीएमजीएसवाई एसके हरित ने बताया कि दीना कंस्ट्रक्शन को मैनुअली सड़क निर्माण करने के लिए पहले ही रोका जा चुका है। इसके बाद भी यदि वह निर्माण कर रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
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