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नेपाल के रास्ते चीन से हो रही मटर की तस्करी
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नेपाल के रास्ते मल्हीपुर होते हुए मटर ले जाते ट्रैक्टर ट्राली।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। नेपाल के रास्ते चीन से हरी मटर की खेप श्रावस्ती होकर लखनऊ तक पहुंच रही है। 15 दिन में तस्कर जिले से लगभग 25 ट्रॉली मटर तस्करी करने में कामयाब भी रहे। जिले में शनिवार को भी सात ट्रॉली चायनीज मटर पहुंची। इसकी जानकारी पर कोरोना वायरस से भयभीत स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की। इस पर सक्रिय हुई पुलिस सिर्फ एक ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ सकी, शेष गाड़ियां बहराइच जिले में पहुंच गई।
जिले का मल्हीपुर इलाका इस समय नेपाल से वस्तुओं की तस्करी का प्रमुख अड्डा बन चुका है। इस रास्ते खाद्य पदार्थ से लेकर अन्य मादक वस्तुएं भी तस्करी होकर भारत पहुंच रही है। इसका खुलासा विगत पंद्रह दिनों में कई बार हुआ। इस समय भारी मात्रा में चीन की हरी मटर नेपाल के रास्ते जिले में दाखिल हो रही है। इसके बाद यहां से यह मटर बहराइच और लखनऊ पहुंचाई जा रही है। मटर की इस तस्करी में स्थानीय लोगों के साथ बहराइच के कुछ लोग भी शामिल हैं।
शनिवार को ऐसे ही मल्हीपुर के रोशनपुरवा से होते हुए सात ट्रैक्टर ट्रॉलियां चीन की मटर लाद कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुईं। इसकी जानकारी पर कोरोना वायरस से भयभीत स्थानीय लोगों ने सूचना श्रावस्ती व बहराइच के एसपी सहित मल्हीपुर व सोनवा पुलिस को दी। इसके बाद भी इन सात गाड़ियों को रोकने के लिए कोई पुलिस कर्मी आगे नहीं आया। मामला जब एसपी श्रावस्ती के पास पहुंचा तो उन्होंने सोनवा पुलिस को बहराइच की ओर जा रही इन सात ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पकड़ने का निर्देश दिया। इस पर सक्रीय हुई सोनवा पुलिस सिर्फ एक ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ सकी, वहीं छह गाड़ियां बहराइच पहुंच गईं। पकड़े गए वाहन को पुलिस ने थाने लाकर उस कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कोरोना वायरस के भय से ग्रामीण कर रहे मदद
नेपाल क्षेत्र में मटर की उत्पादकता न के बराबर है। भारत ही वहां ज्यादातर सब्जियां नेपाल गंज बार्डर से आपूर्ति करता है। तस्कर चीन से आने वाली मटर को श्रावस्ती के रास्ते लखनऊ तक पहुंचा रहे हैं। लोगों को आशंका है कि इस मटर के साथ चीन में फैला कोरोना वायरस भी भारत में आ सकता है। इसीलिए स्थानीय लोग इस मटर को पकड़वाने में पुलिस की मदद कर रहे हैं। जैसे ही चीन की मटर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होती है, इसकी सूचना पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को देते हैं।
एसएसबी पर सवाल उठा रहे स्थानीय लोग
एसएसबी की तैनाती नोमेंस लैंड के सटे हुए इलाके में है। यहां जंगल में एसएसबी की कई बीओपी है। इसलिए एसएसबी बीओपी से बीओपी तक पैदल गश्त करती रहती है। इसके बाद भी ट्रैक्टर ट्रॉली से तस्करी का सामान नेपाल से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहा है, जबकि इन वाहनों की आवाज दूर तक जाती है। यही आवाज सुन कर ग्रामीणों को तस्करी की जानकारी होती है और वह इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हैं। वहीं बगल तैनात बीओपी के जवानों को यह आवाज सुनाई नहीं देती। इससे स्थानीय लोग ही एसएसबी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
कई बार पकड़ी गई तस्करी की मटर
महीने में चीन की मटर की तस्करी कई बार होती है। 23 जनवरी को एसएसबी ने ट्रैक्टर ट्रॉली पर 520 बोरी हरी मटर के साथ कई लोगों को पकड़ा था। इसी के बाद 27 जनवरी, 20 फरवरी को स्थानीय लोगों की शिकायत तस्करी की मटर बरामद की गई थी। ग्रामीणों की माने तो प्रतिदिन दस से पंद्रह ट्रॉली चीन की मटर जिले के रास्ते बहराइच पहुंच रही है। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी है इसके बाद भी उसकी बरामदगी नहीं हो पाती।
गैर पारंपरिक रास्तों से हो रही तस्करी
श्रावस्ती की सीमा नेपाल से सटी हुई है। यहां कई गैर पारंपरिक रास्ते हैं। इसीलिए यहां कस्टम की तैनाती नहीं है। चीन से आने वाली मटर, मसाला व अन्य खाद्य व मादक पदार्थ नेपाल के रास्ते सीधे मल्हीपुर पहुंच जाते हैं। यहां से बहराइच और फिर देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाता है। इससे एक्साइज ड्यूटी का नुकसान होता है, साथ ही अवैध वस्तुएं भी जिले में पहुंच रही है।
नेपाल के रास्ते तस्करी कर लाई गई चीन की मटर से भरी एक ट्रॉली को सोनवा पुलिस ने पकड़ा है। मामले की जांच की जा रही है। कुछ व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आए हैं। जिनकी संलिप्तता इन कार्यों में बताई जा रही है। फिलहाल जल्द ही इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - बीसी दुबे, एएसपी
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जिले का मल्हीपुर इलाका इस समय नेपाल से वस्तुओं की तस्करी का प्रमुख अड्डा बन चुका है। इस रास्ते खाद्य पदार्थ से लेकर अन्य मादक वस्तुएं भी तस्करी होकर भारत पहुंच रही है। इसका खुलासा विगत पंद्रह दिनों में कई बार हुआ। इस समय भारी मात्रा में चीन की हरी मटर नेपाल के रास्ते जिले में दाखिल हो रही है। इसके बाद यहां से यह मटर बहराइच और लखनऊ पहुंचाई जा रही है। मटर की इस तस्करी में स्थानीय लोगों के साथ बहराइच के कुछ लोग भी शामिल हैं।
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शनिवार को ऐसे ही मल्हीपुर के रोशनपुरवा से होते हुए सात ट्रैक्टर ट्रॉलियां चीन की मटर लाद कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुईं। इसकी जानकारी पर कोरोना वायरस से भयभीत स्थानीय लोगों ने सूचना श्रावस्ती व बहराइच के एसपी सहित मल्हीपुर व सोनवा पुलिस को दी। इसके बाद भी इन सात गाड़ियों को रोकने के लिए कोई पुलिस कर्मी आगे नहीं आया। मामला जब एसपी श्रावस्ती के पास पहुंचा तो उन्होंने सोनवा पुलिस को बहराइच की ओर जा रही इन सात ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पकड़ने का निर्देश दिया। इस पर सक्रीय हुई सोनवा पुलिस सिर्फ एक ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ सकी, वहीं छह गाड़ियां बहराइच पहुंच गईं। पकड़े गए वाहन को पुलिस ने थाने लाकर उस कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कोरोना वायरस के भय से ग्रामीण कर रहे मदद
नेपाल क्षेत्र में मटर की उत्पादकता न के बराबर है। भारत ही वहां ज्यादातर सब्जियां नेपाल गंज बार्डर से आपूर्ति करता है। तस्कर चीन से आने वाली मटर को श्रावस्ती के रास्ते लखनऊ तक पहुंचा रहे हैं। लोगों को आशंका है कि इस मटर के साथ चीन में फैला कोरोना वायरस भी भारत में आ सकता है। इसीलिए स्थानीय लोग इस मटर को पकड़वाने में पुलिस की मदद कर रहे हैं। जैसे ही चीन की मटर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होती है, इसकी सूचना पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को देते हैं।
एसएसबी पर सवाल उठा रहे स्थानीय लोग
एसएसबी की तैनाती नोमेंस लैंड के सटे हुए इलाके में है। यहां जंगल में एसएसबी की कई बीओपी है। इसलिए एसएसबी बीओपी से बीओपी तक पैदल गश्त करती रहती है। इसके बाद भी ट्रैक्टर ट्रॉली से तस्करी का सामान नेपाल से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहा है, जबकि इन वाहनों की आवाज दूर तक जाती है। यही आवाज सुन कर ग्रामीणों को तस्करी की जानकारी होती है और वह इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हैं। वहीं बगल तैनात बीओपी के जवानों को यह आवाज सुनाई नहीं देती। इससे स्थानीय लोग ही एसएसबी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
कई बार पकड़ी गई तस्करी की मटर
महीने में चीन की मटर की तस्करी कई बार होती है। 23 जनवरी को एसएसबी ने ट्रैक्टर ट्रॉली पर 520 बोरी हरी मटर के साथ कई लोगों को पकड़ा था। इसी के बाद 27 जनवरी, 20 फरवरी को स्थानीय लोगों की शिकायत तस्करी की मटर बरामद की गई थी। ग्रामीणों की माने तो प्रतिदिन दस से पंद्रह ट्रॉली चीन की मटर जिले के रास्ते बहराइच पहुंच रही है। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी है इसके बाद भी उसकी बरामदगी नहीं हो पाती।
गैर पारंपरिक रास्तों से हो रही तस्करी
श्रावस्ती की सीमा नेपाल से सटी हुई है। यहां कई गैर पारंपरिक रास्ते हैं। इसीलिए यहां कस्टम की तैनाती नहीं है। चीन से आने वाली मटर, मसाला व अन्य खाद्य व मादक पदार्थ नेपाल के रास्ते सीधे मल्हीपुर पहुंच जाते हैं। यहां से बहराइच और फिर देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाता है। इससे एक्साइज ड्यूटी का नुकसान होता है, साथ ही अवैध वस्तुएं भी जिले में पहुंच रही है।
नेपाल के रास्ते तस्करी कर लाई गई चीन की मटर से भरी एक ट्रॉली को सोनवा पुलिस ने पकड़ा है। मामले की जांच की जा रही है। कुछ व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आए हैं। जिनकी संलिप्तता इन कार्यों में बताई जा रही है। फिलहाल जल्द ही इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - बीसी दुबे, एएसपी