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Shravasti News: बूढ़ी राप्ती को भगीरथ का इंतजार

Thu, 26 Jun 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Thu, 26 Jun 2025 12:45 AM IST
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Old Rapti is waiting for Bhagirath
भिनगा में सिसवा के निकट ​स्थित बूढ़ी राप्ती ।
श्रावस्ती। कभी भिनगा नगर के पास से होकर बहने वाली बूढ़ी राप्ती नदी व भकला नाला को भगीरथ का इंतजार है। इसका जीर्णोद्धार हो जाए तो न सिर्फ कछार के कई गांवों को बाढ़ की विभीषिका से राहत मिल सकती है, बल्कि नदी के किनारे स्थित कई गांवों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी भी मिलेगा।
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जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली राप्ती नदी अपने उद्गम काल से ही रास्ता बदलने के लिए जानी जाती है। यह नदी कभी भी स्थिर नहीं रही। करीब पांच दशक पूर्व भिनगा के सिसवा व वर्गीवर्गा के मध्य बहने वाली राप्ती ने रास्ता बदला तो करीब 12 किलोमीटर दूर लक्ष्मननगर तिलकपुर गांव के मध्य बहने लगी। इस बीच नदी जमुनहा में भकला नाला में मिली तो यह भकला नदी बन गई। जो भिनगा में बूढ़ी राप्ती नदी के नाम पर जानी जाने लगी। बाद में राप्ती नदी ने बूढ़ी राप्ती नदी के मुहाने को जमुनहा क्षेत्र में सिल्ट व मलबे से पाट दिया है। इससे नदी का पानी अब बूढ़ी राप्ती में नहीं आता। इससे यह नदी अपना मूल स्वरूप खो चुकी है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि यदि इसका कायाकल्प करा दिया जाए तो न सिर्फ इनके किनारे बसे गांवों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिल जाएगा। बल्कि बारिश में कछार के गांवों को राप्ती नदी की बाढ़ की विभीषिका से राहत मिलेगी।
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बनी कार्ययोजना पर नहीं हुआ अमल
करीब 10 वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम नितीश कुमार ने बूढ़ी राप्ती नदी को मूल स्वरूप में लाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराई थी। तब यह तय हुआ था कि जिन-जिन ग्राम पंचायतों से होकर बूढ़ी राप्ती नदी गुजरती है। वे सभी ग्राम पंचायतें मनरेगा से व सभी विभाग श्रमदान कर राप्ती नदी की सफाई कराएंगे। इससे जमुनहा क्षेत्र में जहां नदी राप्ती से जुड़ेगी, वहीं बाढ़ के दौरान राप्ती का पानी बूढ़ी राप्ती नदी से होते हुए इकौना क्षेत्र में राप्ती नदी में दोबारा मिल जाएगा। इससे जन व धन हानि की संभावना काफी कम हो जाएगी। डीएम के स्थानांतरण के बाद यह कार्ययोजना अधर में लटक गई।
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