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कुपोषण को खत्म कर सकती पोषण वाटिका
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श्रावस्ती। कुपोषण को दूर भगाने के लिए जिले में पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को पोषण वाटिका लगाई गई। इसमें प्रधान के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहजन, आंवला, अमरूद के साथ अन्य फलों व मौसमी सब्जियों के पौधे लगाए।
जिले में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है। इसका कारण गर्भवती को उचित पोषण नहीं मिल पाना है। इसी के लिए जिले में इस समय पोषण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका लगाई जा रही है। इस वाटिका में फलों के साथ मौसमी सब्जी के पौधों की बोआई की जा रही है।
अभियान के तहत बुधवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका लगाई गई। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने कहा कि सभी ग्रामवासियों के घर के आसपास खाली जमीन पड़ी है। इसका उपयोग पोषण वाटिका लगाने के लिए कर सकते है।
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इस वाटिका में आम, अमरूद, नीबू , केला सहित अन्य फलों के पौध का रोपण किया जा सकता है। इसके साथ ही साग सब्जी के पौधे भी लगा सकते है। इससे श्रम के साथ पैसा भी कम लगता है। यह पोषण वाटिका हमेशा ताजे फल व सब्जी देती रहेगी। इससे परिवारीजन स्वस्थ रहेंगे। उधर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण उनके घर जा कर किया। यह अभियान एक साथ पूरे जिले में चलाया गया।
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जिले में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है। इसका कारण गर्भवती को उचित पोषण नहीं मिल पाना है। इसी के लिए जिले में इस समय पोषण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका लगाई जा रही है। इस वाटिका में फलों के साथ मौसमी सब्जी के पौधों की बोआई की जा रही है।
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अभियान के तहत बुधवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका लगाई गई। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने कहा कि सभी ग्रामवासियों के घर के आसपास खाली जमीन पड़ी है। इसका उपयोग पोषण वाटिका लगाने के लिए कर सकते है।
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इस वाटिका में आम, अमरूद, नीबू , केला सहित अन्य फलों के पौध का रोपण किया जा सकता है। इसके साथ ही साग सब्जी के पौधे भी लगा सकते है। इससे श्रम के साथ पैसा भी कम लगता है। यह पोषण वाटिका हमेशा ताजे फल व सब्जी देती रहेगी। इससे परिवारीजन स्वस्थ रहेंगे। उधर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण उनके घर जा कर किया। यह अभियान एक साथ पूरे जिले में चलाया गया।