फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Nirbhaya gets justice, late decision taken

निर्भया को मिला इंसाफ, देर से हुआ सही फैसला

Fri, 20 Mar 2020 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
Nirbhaya gets justice, late decision taken
श्रावस्ती। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद शुक्रवार की सुबह निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दे दी गई। इस सूचना पर सभी ने हर्ष जताया है। खास कर आधी आबादी के चेहरे पर सुकून नजर आया। शुक्रवार को बातचीत के दौरान महिलाओं ने अपनी राय रखते हुए इसे आधी आबादी के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। कहा कि चारों आरोपियों को फांसी होने से निर्भया को इंसाफ मिला है। देर से ही पर सही फैसला हुआ है। इससे अपराधियों में भय होगा और महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा। महिलाएं व बेटियां अब खुद को सुरक्षित महसूस करेगी।
विज्ञापन

दिल्ली में सात वर्ष पूर्व निर्भया से हुई दरिंदगी के मामले में न्यायालय ने दोषी अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता, मुकेश सिंह व विनय शर्मा को फांसी की सजा सुनाई थी। इससे बचने के लिए चारों दोषियों की ओर से कई बार कानूनी दांव पेच के सहारे सजा को टाला जाता रहा। शुक्रवार की सुबह निर्भया के चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। इस सूचना के बाद जिलेवासियों में खुशी दिखी। लोगों ने माना कि देर से ही सही लेकिन निर्भया के दरिंदों को उनके कर्मों का फल मिला। वहीं निर्भया से दरिंदगी करने का एक आरोपी नाबालिग होने के कारण फांसी से बच गया। जिसकी टीस भी लोगों के चेहरे पर दिखी।
विज्ञापन

निर्भया के साथ घटी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। दिल्ली की इस घटना के बाद बच्चियों के दिलों में जो दहशत बैठ गई थी, वह अब उसके दोषियों को फांसी मिलने के बाद अपराधियों में भी दिखेगी। भले ही देर लगी लेकिन निर्भया के दोषियों को उनके कर्मों का फल मिल गया। - अपराजिता
विज्ञापन
विज्ञापन

निर्भया के दोषियों के आज फंदे पर लटकने के बाद सभी के दिलों को सुकून मिला गया है। मामले में दोषियों व उनके अधिवक्ता की ओर से बचाव के लिए जिस तरह से चाल चली गई उससे निर्भया के परिवारीजनों को परेशान होना पड़ा। लेकिन सत्य परेशान तो हो सकता है लेकिन पराजित नहीं। - बीना
निर्भया के दोषियों में शामिल राम सिंह को समय रहते अपने कृत्यों का आभास हो गया था। इससे उसने स्वयं फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी थी। लेकिन एक नाबालिग दोषी आज भी खुला घूम रहा है। यह टीस लोगों के दिलों में रहेगी। सरकार को चाहिए कि वह उस पर दोबारा मुकदमा चला कर उसे भी फांसी दे। - कुसुम लता
दोषी कितनी भी पहुंच वाला क्यों न हो, भले ही उसे बचाने के लिए कितने लोग उसकी मदद कर रहे हो, फिर भी उसे अपनी करनी का फल अवश्य मिलता है। निर्भया के दोषियों को हुई फांसी से लोगों में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा है। देर से ही मगर सही फैसला हुआ है। - प्रीती
निर्भया के परिवारीजनों के सात साल कैसे गुजरे होंगे, यह उनकी आत्मा ही जानती होगी। अपनी बच्ची से दरिंदगी करने वालों को देखने के बाद भी कुछ भी करने में लाचार माता पिता न्याय के लिए न्यायालय का चक्कर लगाते रहे। आरोपियों की फांसी के बाद आज निर्भया की आत्मा को शांती मिली होगी। - डाली
निर्भया के चारो दोषियों को तब फांसी मिली जब सारे दांव पेच खत्म हो गए। इनसे सिर्फ निर्भया के परिवारीजनों को ही नहीं देश वासियों को भी कई बार निराश मिली। इसके बावजूद उसके माता पिता ने उम्मीद नहीं छोड़ी, आज पूरा देश फैसले से खुश है। ऐसे जालिमों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए। - नीरज

यह बात आज निर्भया के दोषियों को फांसी के साथ प्रमाणित हुई कि ईश्वर के घर देर हैं लेकिन अंधेर नहीं। अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो लेकिन उसे अपने कर्म का फल जरूर मिलता है। आज निर्भया की आत्मा को भी शांति मिल गई होगी कि उसके हत्यारे को फांसी हो गई। - प्रीती
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed