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अनुशासित व देश भक्त होता है कैडेट......
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श्रावस्ती के सीआरबी इंटर कालेज दस दिवसीय एनसीसी कैंप के दौरान मौजूद कैडेट तथा मौजूद सेना के अधिक?
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। चौधरी राम बिहारी बुद्ध इंटर कॉलेज कटरा में 51 यूपी एनसीसी का दस दिवसीय कैंप आयोजित किया गया है। इसकी शुरुआत कर्नल ने एनसीसी ध्वज फहरा कर किया। इस दौरान कर्नल विकास गोस्वामी ने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर अनुशासित व देशभक्त नागरिकों में देश के युवाओं को संवारने में लगे सेना, नौसेना एवं वायु सेना का एक त्रिकोणीय सेवा संगठन है। इसकी शुरुआत 15 जुलाई 1948 में हुई थी। एनसीसी की उत्पत्ति सेना की कमी को पूरा करने के लिए वस्तु के साथ, भारतीय रक्षा अधिनियम 1917 के तहत हुई थी। 1920 में भारतीय प्रादेशिक अधिनियम पारित किया गया था। बाद में इसे विश्वविद्यालय प्रशिक्षण कोर (यूटीसी) ने बदल दिया था।
इसका उद्देश्य यूटीसी की स्थिति को बढ़ाने और युवाओं के लिए इसे और अधिक आकर्षक बनाना था। यूटीसी अधिकारियों और कैडेटों को सेना की तरह कपड़े पहनना पड़ा था। यह सशस्त्र बलों के भारतीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। राष्ट्रीय कैडेट कोर 1942 में ब्रिटिश सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, जो विश्वविद्यालय अधिकारी प्रशिक्षण कोर के एक उत्तराधिकारी के रूप में माना जा सकता है। पंडित हेमवती कुंजरू की अध्यक्षता वाली समिति ने एक राष्ट्रीय स्तर पर स्कूलों और कॉलेजों में स्थापित करने के लिए एक कैडेट संगठन की सिफारिश की।
राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम गवर्नर जनरल ने स्वीकार कर लिया और 15 जुलाई 1948 को नेशनल कैडेट कोर अस्तित्व में आया था। सूबेदार मेजर संतोष कुमार ने बताया कि इस कैंप में 510 एनसीसी कैडेट प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें एमएलके पीजी कॉलेज बलरामपुर, केडीसी बहराइच, महाराज सिंह इंटर कॉलेज बहराइच, बालिका इंटर कॉलेज बलरामपुर, एमपीपी इंटर कॉलेज बलरामपुर आदि विद्यालयों के एनसीसी कैडेट कैंप में प्रतिभाग कर रहे हैं। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मुन्नालाल यादव, हवलदार जुबेर हुसैन, एसएन शुक्ला, राजेश कुमार यादव आदि एनसीसी स्टाफ तथा कैडेट मौजूद रहे।
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इसका उद्देश्य यूटीसी की स्थिति को बढ़ाने और युवाओं के लिए इसे और अधिक आकर्षक बनाना था। यूटीसी अधिकारियों और कैडेटों को सेना की तरह कपड़े पहनना पड़ा था। यह सशस्त्र बलों के भारतीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। राष्ट्रीय कैडेट कोर 1942 में ब्रिटिश सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, जो विश्वविद्यालय अधिकारी प्रशिक्षण कोर के एक उत्तराधिकारी के रूप में माना जा सकता है। पंडित हेमवती कुंजरू की अध्यक्षता वाली समिति ने एक राष्ट्रीय स्तर पर स्कूलों और कॉलेजों में स्थापित करने के लिए एक कैडेट संगठन की सिफारिश की।
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राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम गवर्नर जनरल ने स्वीकार कर लिया और 15 जुलाई 1948 को नेशनल कैडेट कोर अस्तित्व में आया था। सूबेदार मेजर संतोष कुमार ने बताया कि इस कैंप में 510 एनसीसी कैडेट प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें एमएलके पीजी कॉलेज बलरामपुर, केडीसी बहराइच, महाराज सिंह इंटर कॉलेज बहराइच, बालिका इंटर कॉलेज बलरामपुर, एमपीपी इंटर कॉलेज बलरामपुर आदि विद्यालयों के एनसीसी कैडेट कैंप में प्रतिभाग कर रहे हैं। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मुन्नालाल यादव, हवलदार जुबेर हुसैन, एसएन शुक्ला, राजेश कुमार यादव आदि एनसीसी स्टाफ तथा कैडेट मौजूद रहे।
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