{"_id":"68f2a21c6e877f415a06cd2a","slug":"mla-writes-to-cm-demanding-construction-of-sitadwar-corridor-shravasti-news-c-104-1-slko1011-115020-2025-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: सीताद्वार कॉरीडोर बनाने की मांग विधायक ने सीएम को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: सीताद्वार कॉरीडोर बनाने की मांग विधायक ने सीएम को लिखा पत्र
Sat, 18 Oct 2025 01:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 18 Oct 2025 01:37 AM IST
विज्ञापन
सीताद्वार मंदिर। - संवाद
इकौना/वीरपुर। लव-कुश की नगरी व माता सीता के वनवास स्थल सीताद्वार में काॅरीडोर निर्माण की मांग तेज हो गई है। सीताद्वार को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने के लिए श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कॉरीडोर निर्माण की मांग की है। उन्होंने सीताद्वार मंदिर परिसर में दीपोत्सव में इस बार 31 हजार दीये जलाने की बात भी कही है।
विधायक रामफेरन पांडेय ने बताया कि मान्यता है कि त्रेतायुग में परित्याग के बाद माता सीता को श्रावस्ती के जंगलों में छोड़ दिया गया था। सीताद्वार माता सीता का दरबार था। यहां लक्ष्मण ने माता सीता के लिए बाण से 172 हेक्टेयर की झील का निर्माण किया था।
धर्मशास्त्र के अनुसार श्रावस्ती लव-कुश की नगरी रही है। ऐसे में कॉरीडोर का निर्माण होने से सीताद्वार पर्यटन स्थल के रूप में विश्व विख्यात होगा और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही जिला माता सीता के दरबार के रूप में जाना जाएगा।
विज्ञापन
विधायक ने बताया कि वर्तमान में जिला भगवान बुद्ध की तपोस्थली के रूप में विख्यात है, जिस कारण सीताद्वार का अस्तित्व विलुप्त होता जा रहा है। मुख्यमंत्री को श्रावस्ती आगमन के दौरान भी यह मांग की जा चुकी है।
मंदिर परिसर में दीपोत्सव में पर इस बार जगमगाएंगे 31 हजार दीये
इकौना के टेंडवा महंत स्थित सीताद्वार मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। मुख्य आयोजक श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय ने बताया कि बीते साल 21 हजार दीये जलाने का रिकार्ड बना था। इस पर इसे और भव्य बनाया जाएगा, 31 हजार दीये जलाए जाएंगे। 18 अक्तूबर को शाम पांच बजे से दीपोत्सव का आयोजन होगा। दीये जलाने के बाद माता सीता व भगवान लव-कुश की पूजा-अर्चना की जाएगी। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, साकेत मिश्रा, जिलाध्यक्ष डॉ. मिश्रीलाल वर्मा समेत प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया गया है।
विज्ञापन
विधायक रामफेरन पांडेय ने बताया कि मान्यता है कि त्रेतायुग में परित्याग के बाद माता सीता को श्रावस्ती के जंगलों में छोड़ दिया गया था। सीताद्वार माता सीता का दरबार था। यहां लक्ष्मण ने माता सीता के लिए बाण से 172 हेक्टेयर की झील का निर्माण किया था।
विज्ञापन
धर्मशास्त्र के अनुसार श्रावस्ती लव-कुश की नगरी रही है। ऐसे में कॉरीडोर का निर्माण होने से सीताद्वार पर्यटन स्थल के रूप में विश्व विख्यात होगा और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही जिला माता सीता के दरबार के रूप में जाना जाएगा।
विज्ञापन
विधायक ने बताया कि वर्तमान में जिला भगवान बुद्ध की तपोस्थली के रूप में विख्यात है, जिस कारण सीताद्वार का अस्तित्व विलुप्त होता जा रहा है। मुख्यमंत्री को श्रावस्ती आगमन के दौरान भी यह मांग की जा चुकी है।
मंदिर परिसर में दीपोत्सव में पर इस बार जगमगाएंगे 31 हजार दीये
इकौना के टेंडवा महंत स्थित सीताद्वार मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। मुख्य आयोजक श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय ने बताया कि बीते साल 21 हजार दीये जलाने का रिकार्ड बना था। इस पर इसे और भव्य बनाया जाएगा, 31 हजार दीये जलाए जाएंगे। 18 अक्तूबर को शाम पांच बजे से दीपोत्सव का आयोजन होगा। दीये जलाने के बाद माता सीता व भगवान लव-कुश की पूजा-अर्चना की जाएगी। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, साकेत मिश्रा, जिलाध्यक्ष डॉ. मिश्रीलाल वर्मा समेत प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया गया है।