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सीधे घर लौटे प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा राशन किट व एक हजार
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श्रावस्ती। घर लौटे अब सभी प्रवासी मजदूरों को राशन किट उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का लाभ उन प्रवासियों को भी मिलेगा जो पहले ही बिना किसी सूचना के अपने घर लौट चुके हैं। अभी तक स्क्रीनिंग सेंटर पर जाकर अपना नाम दर्ज न करा पाने वाले मजदूरों के घर प्रशासन राशन किट पहुंचाएगा। इस किट के साथ ही उन्हें एक हजार रुपये की सहायता उनके बैंक खाते के जरिये दी जाएगी।
प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की सलाह स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही है। क्वारंटीन अवधि में मजदूरों को खाने की दिक्कत न हो, इसलिए उन्हें लगभग पंद्रह दिनों का राशन किट उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन किट में दस किलो आटा, दस किलो चावल, पांच किलोग्राम आलू, दो किलो भुना चना, दो किलो अरहर दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम धनिया, एक लीटर सरसों का तेल जिसकी लागत लगभग 1200 रुपये है, दी जा रही है।
राशन किट का वितरण स्क्रीनिंग सेंटर से ही प्रवासी मजदूरों को किया जा रहा है लेकिन जो प्रवासी मजदूर वितरण की पूर्व तिथियों में पैदल या निजी साधनों से घर वापसी कर चुके हैं और उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला था, सरकार ने अब ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। जो किसी भी माध्यम से अब तक जिले में आए हैं, इस राशन किट के साथ उन्हें एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उनके खाते में दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन गांव लौट चुके सभी प्रवासियों की सूची तैयार कर रहा है।
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लॉकडाउन के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगभग 46787 लोगों की वापसी हो चुकी है। ये वह प्रवासी मजदूर हैं जिन्होंने थर्मल स्क्रीनिंग सेंटर पर आकर अपनी जांच व पंजीकरण कराया। ऐसे में यदि सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में लौटे लगभग 39487 मजदूरों के साथ गैर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
घर लौटे प्रवासी मजदूरों में ऐसे मजदूर जो श्रम विभाग में पंजीकृत हैं, उन्हें नकद एक हजार रुपये की सहायता नहीं मिलेगी। इसका कारण है कि वह पहले ही नकद सहायता योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
एडीएम योगानंद पांडे ने बताया कि अब सभी प्रवासी मजदूरों को राशन किट देने का आदेश मिला है। सभी तहसीलों से घर वापस आए प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार कराई जा रही है। सूची मिलने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने मजदूर इस लाभ के दायरे में आते हैं।
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प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की सलाह स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही है। क्वारंटीन अवधि में मजदूरों को खाने की दिक्कत न हो, इसलिए उन्हें लगभग पंद्रह दिनों का राशन किट उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन किट में दस किलो आटा, दस किलो चावल, पांच किलोग्राम आलू, दो किलो भुना चना, दो किलो अरहर दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम धनिया, एक लीटर सरसों का तेल जिसकी लागत लगभग 1200 रुपये है, दी जा रही है।
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राशन किट का वितरण स्क्रीनिंग सेंटर से ही प्रवासी मजदूरों को किया जा रहा है लेकिन जो प्रवासी मजदूर वितरण की पूर्व तिथियों में पैदल या निजी साधनों से घर वापसी कर चुके हैं और उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला था, सरकार ने अब ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। जो किसी भी माध्यम से अब तक जिले में आए हैं, इस राशन किट के साथ उन्हें एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उनके खाते में दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन गांव लौट चुके सभी प्रवासियों की सूची तैयार कर रहा है।
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लॉकडाउन के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगभग 46787 लोगों की वापसी हो चुकी है। ये वह प्रवासी मजदूर हैं जिन्होंने थर्मल स्क्रीनिंग सेंटर पर आकर अपनी जांच व पंजीकरण कराया। ऐसे में यदि सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में लौटे लगभग 39487 मजदूरों के साथ गैर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
घर लौटे प्रवासी मजदूरों में ऐसे मजदूर जो श्रम विभाग में पंजीकृत हैं, उन्हें नकद एक हजार रुपये की सहायता नहीं मिलेगी। इसका कारण है कि वह पहले ही नकद सहायता योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
एडीएम योगानंद पांडे ने बताया कि अब सभी प्रवासी मजदूरों को राशन किट देने का आदेश मिला है। सभी तहसीलों से घर वापस आए प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार कराई जा रही है। सूची मिलने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने मजदूर इस लाभ के दायरे में आते हैं।