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Shravasti News: बंद होंगे बिना मान्यता चल रहे मदरसे
Fri, 08 Mar 2024 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:58 AM IST
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- एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में शासन से की सिफारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जिले में संचालित 297 में से 192 मदरसे बगैर मान्यता के चल रहे हैं। एसआईटी की जांच में अवैध रूप से संचालित इन मदरसों को बंद करने की सिफारिश सरकार से की गई है।
नेपाल सीमा से सटे जिलों में एसआईटी ने मदरसों की जांच की थी। जिसमें सामने आया कि 297 में से 192 मदरसे बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इनके संचालन के लिए पैसा कहां से आता है अथवा कौन दे रहा है। इसकी जानकारी मदरसा संचालक नहीं दे पाए। इतना ही नहीं नेपाल सीमा से सटे भरथा रोशनगढ़ व मदारगढ़ क्षेत्र में कुछ मदरसे ऐसे भी मिले। जिनका एक दरवाजा भारत तो दूसरा नेपाल में खुलता है। ऐसे में यह मदरसे अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। इन मदरसों को बंद करने की सिफारिश एसआईटी ने सरकार से की है।
एसआईटी का मानना है कि यह भी मुमकिन है कि साजिशन टेरर फंडिंग से जुटाई रकम को हवाला के जरिए मदरसों के निर्माण के लिए भेजा गया है। क्योंकि ज्यादातर मदरसा संचालक इसका निर्माण चंदे के पैसे से होना बता रहे हैं। लेकिन यह चंदा कहां से, किसने किस तरह दिया, इसकी कोई जानकारी नहीं दे पाया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम ने बताया कि मदरसों पर कार्रवाई के संबंध में अभी आदेश नहीं मिला। आदेश मिलते ही अनुपालन कराया जाएगा।
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श्रावस्ती। जिले में संचालित 297 में से 192 मदरसे बगैर मान्यता के चल रहे हैं। एसआईटी की जांच में अवैध रूप से संचालित इन मदरसों को बंद करने की सिफारिश सरकार से की गई है।
नेपाल सीमा से सटे जिलों में एसआईटी ने मदरसों की जांच की थी। जिसमें सामने आया कि 297 में से 192 मदरसे बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इनके संचालन के लिए पैसा कहां से आता है अथवा कौन दे रहा है। इसकी जानकारी मदरसा संचालक नहीं दे पाए। इतना ही नहीं नेपाल सीमा से सटे भरथा रोशनगढ़ व मदारगढ़ क्षेत्र में कुछ मदरसे ऐसे भी मिले। जिनका एक दरवाजा भारत तो दूसरा नेपाल में खुलता है। ऐसे में यह मदरसे अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। इन मदरसों को बंद करने की सिफारिश एसआईटी ने सरकार से की है।
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एसआईटी का मानना है कि यह भी मुमकिन है कि साजिशन टेरर फंडिंग से जुटाई रकम को हवाला के जरिए मदरसों के निर्माण के लिए भेजा गया है। क्योंकि ज्यादातर मदरसा संचालक इसका निर्माण चंदे के पैसे से होना बता रहे हैं। लेकिन यह चंदा कहां से, किसने किस तरह दिया, इसकी कोई जानकारी नहीं दे पाया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम ने बताया कि मदरसों पर कार्रवाई के संबंध में अभी आदेश नहीं मिला। आदेश मिलते ही अनुपालन कराया जाएगा।
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