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ग्यारह माह बाद गुलजार हुए जूनियर विद्यालय
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उच्च प्राथमिक विद्यालय जमुनहा में सेनेटाइज कराते शिक्षक।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मार्च माह से बंद हुए जूनियर स्तर के विद्यालय बुधवार को शर्तों के साथ खुल गए। ऐसे में इन विद्यालयों का ग्यारह माह बाद सन्नाटा टूटा। बच्चों के आने से विद्यालय गुलजार हुए। इस दौरान कहीं कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन हुआ तो कहीं इसकी अनदेखी भी हुई। हालांकि पहले दिन विद्यालय खुलने के कारण छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही। ज्यादातर विद्यालयों में आने वाले बच्चों की न तो थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था दिखी और न उनके चेहरे पर मास्क ही। सोशल डिस्टेंसिंग का भी अधिकांश विद्यालयों में अनुपालन होता नहीं दिखा।
सीन-एक
उच्च प्राथमिक विद्यालय जमुनहा के परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। यह विद्यालय सुबह 8:30 बजे खुला मिला। यहां तैनात शिक्षक विद्यालय आने वाले छात्रों के कक्ष में प्रवेश से पूर्व सैनिटाइजेशन करते दिखे। यहां पंजीकृत 116 के सापेक्ष 36 छात्र ही विद्यालय में मौजूद मिले। थर्मल स्कैनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी विद्यालय नहीं पहुंचा। जबकि प्रधान अध्यापक अमर नाथ ने इसके लिए सीएचसी मल्हीपुर के अधीक्षक डॉ. रवींद्र सोनकर व पीएचसी जमुनहा अधीक्षक डॉ. सुमन बाबू थारू को फोन भी किया था।
सीन-दो
उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट मल्हीपुर कला प्रथम व द्वितीय में पंजीकृत 41 के सापेक्ष 18 बच्चे ही उपस्थित रहे। यहां कक्षा 6, 7 व 8 के बच्चों को एक साथ बैठाया गया था। इस दौरान प्रधानाध्यापक अशोक कुमार, दो सहायक अध्यापक व तीन अध्यापिका एवं तीन शिक्षामित्र मौजूद मिले। स्कूल में न तो बच्चों को सैनिटाइज किया गया और न ही बच्चे मास्क का प्रयोग ही करते दिखे। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन होते नहीं दिखा।
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सीन-तीन
उच्च प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मनपुर सेमरहनिया में चार बच्चे ही मौजूद थे। प्रधानाचार्य भूपेंद्र ने बताया कि साबुन से सभी बच्चों का हाथ धुलाया गया है। सैनिटाइजर नहीं है। अभी बच्चों को मास्क देकर लगवाया गया है। मध्याह्न भोजन में मेन्यू के हिसाब से दूध व तहरी दी गई। यहां प्रधानाचार्य सहित सहायक अध्यापक आलोक वर्मा, वंदना शिक्षामित्र राजेश कुमार मौजूद रहे। वहीं शिक्षामित्र अंजू देवी दवा लेने अस्पताल गई थीं।
सीन-चार
उच्च प्राथमिक विद्यालय धोबिहा में कक्षा छह में पांच बच्चे तो आठ में सिर्फ एक छात्रा आई हुई थी। यहां खाने में तहरी बनाई जा रही थी। मौजूद प्रधानाचार्य सौभाग्य पांडे ने बताया कि सभी बच्चों के हाथ धुलाकर सैनिटाइज कराया गया है। साथ में मास्क भी पहनाया गया है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित सहायक अध्यापक अलका चौधरी, पवन गंगवार, विक्रम तिवारी व शिक्षामित्र अंबरलाल यादव मौजूद रहे।
सीन पांच
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुन्ननपुर में कुछ बच्चों ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था तो कुछ बगैर मास्क के थे। यहां एक बेंच पर दो से तीन बच्चों को बैठाया गया था। जिससे कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन होता नहीं दिखा। विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखी। बच्चे भी पूरे मनोयोग के साथ शिक्षण कार्य करते नजर आए।
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सीन-एक
उच्च प्राथमिक विद्यालय जमुनहा के परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। यह विद्यालय सुबह 8:30 बजे खुला मिला। यहां तैनात शिक्षक विद्यालय आने वाले छात्रों के कक्ष में प्रवेश से पूर्व सैनिटाइजेशन करते दिखे। यहां पंजीकृत 116 के सापेक्ष 36 छात्र ही विद्यालय में मौजूद मिले। थर्मल स्कैनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी विद्यालय नहीं पहुंचा। जबकि प्रधान अध्यापक अमर नाथ ने इसके लिए सीएचसी मल्हीपुर के अधीक्षक डॉ. रवींद्र सोनकर व पीएचसी जमुनहा अधीक्षक डॉ. सुमन बाबू थारू को फोन भी किया था।
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सीन-दो
उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट मल्हीपुर कला प्रथम व द्वितीय में पंजीकृत 41 के सापेक्ष 18 बच्चे ही उपस्थित रहे। यहां कक्षा 6, 7 व 8 के बच्चों को एक साथ बैठाया गया था। इस दौरान प्रधानाध्यापक अशोक कुमार, दो सहायक अध्यापक व तीन अध्यापिका एवं तीन शिक्षामित्र मौजूद मिले। स्कूल में न तो बच्चों को सैनिटाइज किया गया और न ही बच्चे मास्क का प्रयोग ही करते दिखे। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन होते नहीं दिखा।
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सीन-तीन
उच्च प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मनपुर सेमरहनिया में चार बच्चे ही मौजूद थे। प्रधानाचार्य भूपेंद्र ने बताया कि साबुन से सभी बच्चों का हाथ धुलाया गया है। सैनिटाइजर नहीं है। अभी बच्चों को मास्क देकर लगवाया गया है। मध्याह्न भोजन में मेन्यू के हिसाब से दूध व तहरी दी गई। यहां प्रधानाचार्य सहित सहायक अध्यापक आलोक वर्मा, वंदना शिक्षामित्र राजेश कुमार मौजूद रहे। वहीं शिक्षामित्र अंजू देवी दवा लेने अस्पताल गई थीं।
सीन-चार
उच्च प्राथमिक विद्यालय धोबिहा में कक्षा छह में पांच बच्चे तो आठ में सिर्फ एक छात्रा आई हुई थी। यहां खाने में तहरी बनाई जा रही थी। मौजूद प्रधानाचार्य सौभाग्य पांडे ने बताया कि सभी बच्चों के हाथ धुलाकर सैनिटाइज कराया गया है। साथ में मास्क भी पहनाया गया है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित सहायक अध्यापक अलका चौधरी, पवन गंगवार, विक्रम तिवारी व शिक्षामित्र अंबरलाल यादव मौजूद रहे।
सीन पांच
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुन्ननपुर में कुछ बच्चों ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था तो कुछ बगैर मास्क के थे। यहां एक बेंच पर दो से तीन बच्चों को बैठाया गया था। जिससे कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन होता नहीं दिखा। विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखी। बच्चे भी पूरे मनोयोग के साथ शिक्षण कार्य करते नजर आए।