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Shravasti News: जाको राखे साइयां, मार सके न कोई

Tue, 22 Aug 2023 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Tue, 22 Aug 2023 11:06 PM IST
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Jako Rakhe Saiyan, no one can kill you
श्रावस्ती। एक लावारिस मिली नवजात बच्ची के प्रति डॉक्टरों में कितनी उदासीनता होती है इसकी मिसाल श्रावस्ती में देखने को मिली। हंसती-खेलती बच्ची से पीछा छुड़ाने के लिए जानबूझ कर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। लेकिन वहां कहीं भी भर्ती नहीं किया सका तो डीएम के आदेश पर फिर उसे जिले में ही सीएचसी में भर्ती कराया गया। शुक्र है कि नवजात स्वस्थ है।
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शनिवार गिलौला के ग्राम हरिहरपुर के पास नहर के किनारे एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी मिली थी। चाइल्ड लाइन ने लावारिस नवजात को संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। यहां नवजात की हालत सामान्य थी। इसके बावजूद सोमवार शाम करीब छह बजे चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था।
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शाम को ही गिलौला थाने से एक महिला पुलिस के साथ उपनिरीक्षक चाइल्ड लाइन के साथ मेडिकल कॉलेज लखनऊ पहुंचे। जहां वेंटिलेटर खाली न होने की बात कह कर उसे राम मनोहर लोहिया में रेफर कर दिया गया। वहां भी पहुंचने पर यही रोना रोते हुए कर्मचारियों ने झलकारी बाई अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां से पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया।
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जहां पहुंचने पर टीम को पांच हजार रुपए प्रति दिन के हिसाब से दो दिन के लिए जमा करने को कहा गया। इतना पैसा जमा करना मुश्किल था। पूरी रात बिना इलाज के नवजात और उसके साथ गए चाइल्ड लाइन के कर्मचारी अधिकारियों से बात करते रहे, लेकिन कहीं इलाज न मिला।
एंबुलेंस से वापस आने के बाद टीम के सदस्यों ने चंदा लगाकर एक एंबुलेंस किराए पर लेकर वापस श्रावस्ती का रुख किया। यहीं नहीं टीम ने पूरी घटना फोन पर डीएम को बताया। डीएम ने बहराइच के सीएमओ से बात कर बहराइच पहुंची नवजात को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती कराया। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने नवजात को पूरी तरह से स्वस्थ बताया। नवजात के स्वस्थ होने पर डीएम ने उसे तत्काल संयुक्त जिला चिकित्सालय में बुला कर स्वयं भर्ती कराया।

अब प्रश्न यह उठता है कि जब नवजात गंभीर ही नहीं थी तो उसे लखनऊ के लिए रेफर क्यों किया गया। इस मामले में डीएम कृतिका शर्मा बताती है कि नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है उसका श्रावस्ती के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया गया है। उसके नियमित जांच के लिए टीम बनाने का आदेश दिया गया है। ।
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