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राप्ती में बढ़ा पानी, कटान के निशाने पर 28 गांव
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श्रावस्ती। राप्ती का जलस्तर बुधवार सुबह से ही बढ़ने लगा है, लेकिन अभी तक नदी खतरे के निशान तक नहीं पहुंची है। पानी तेजी के साथ डिस्चार्ज हो रहा है। इससे नदी के मुहाने पर बसे ग्रामीणों को आशंका है कि जैसे जैसे नदी घटेगी वैसे वैसे कटान बढ़ेगी। इससे करीब 28 गांव प्रभावित होंगे।
इस समय मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। विगत दो दिनों से कभी दिन तो कभी रात में बरसात हो रही है। यही स्थिति नेपाल स्थित पहाड़ों की भी है। रुक रुक कर हो रही बरसात का पानी राप्ती में आ रहा है। इसके चलते नदी का जलस्तर बुधवार सुबह अचानक बढ़ गया। सुबह राप्ती का जलस्तर 127.60 मीटर पर पहुंच गया था।
इससे पहले जल स्तर 127.55 मीटर था। यह जलस्तर दोपहर बारह बजे तक स्थिर रहा। इस दौरान नदी में पानी निकलने की क्षमता 36026 क्यूसेक प्रति घंटे थी। इस बढ़े जलस्तर का प्रभाव हरिहरपुररानी व जमुनहा क्षेत्र में भी देखने को मिला। यह बात और है कि नदी के स्थिर हो जाने के कारण इसके अभी खतरे के निशान तक पहुंचने में समय है। इसका खौफ नदी के तट पर बसे लोगों में दिखा। अशरफ नगर में राप्ती एक मकान की नींव से सट कर बह रही है।
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यहां रहने वाले ग्रामीणों को आशंका है जब नदी का जलस्तर घटेगा तो यही मकान कटकर राप्ती में विलीन हो जाएगा। इसी तरह की स्थिति कई और गांवों की भी है। जहां जलस्तर घटने के बाद कटान प्रारंभ हो जाएगी।
यहां कटान की आशंका
अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुरथाजोत, खरगौरा गनेश, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, कोटवा, भुतहा, चक्रभंडार राजगढ़ गुलहरिया, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया व मझौवा सुमाल गांव नदी की कटान के जद में हैं।
नदी का जलस्तर फिलहाल सामान्य है। कहीं भी कटान व अन्य प्रकार की सूचना नहीं है। यदि कहीं कटान होती है तो वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - योगानंद पांडेय, एडीएम
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इस समय मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। विगत दो दिनों से कभी दिन तो कभी रात में बरसात हो रही है। यही स्थिति नेपाल स्थित पहाड़ों की भी है। रुक रुक कर हो रही बरसात का पानी राप्ती में आ रहा है। इसके चलते नदी का जलस्तर बुधवार सुबह अचानक बढ़ गया। सुबह राप्ती का जलस्तर 127.60 मीटर पर पहुंच गया था।
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इससे पहले जल स्तर 127.55 मीटर था। यह जलस्तर दोपहर बारह बजे तक स्थिर रहा। इस दौरान नदी में पानी निकलने की क्षमता 36026 क्यूसेक प्रति घंटे थी। इस बढ़े जलस्तर का प्रभाव हरिहरपुररानी व जमुनहा क्षेत्र में भी देखने को मिला। यह बात और है कि नदी के स्थिर हो जाने के कारण इसके अभी खतरे के निशान तक पहुंचने में समय है। इसका खौफ नदी के तट पर बसे लोगों में दिखा। अशरफ नगर में राप्ती एक मकान की नींव से सट कर बह रही है।
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यहां रहने वाले ग्रामीणों को आशंका है जब नदी का जलस्तर घटेगा तो यही मकान कटकर राप्ती में विलीन हो जाएगा। इसी तरह की स्थिति कई और गांवों की भी है। जहां जलस्तर घटने के बाद कटान प्रारंभ हो जाएगी।
यहां कटान की आशंका
अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुरथाजोत, खरगौरा गनेश, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, कोटवा, भुतहा, चक्रभंडार राजगढ़ गुलहरिया, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया व मझौवा सुमाल गांव नदी की कटान के जद में हैं।
नदी का जलस्तर फिलहाल सामान्य है। कहीं भी कटान व अन्य प्रकार की सूचना नहीं है। यदि कहीं कटान होती है तो वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - योगानंद पांडेय, एडीएम