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स्कूलों में नहीं गुरु जी, कैसे होगी पढ़ाई

Mon, 15 Nov 2021 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 11:06 PM IST
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Guru ji, not in schools, how will studies be done?
श्रावसती के भिनगा स्थित राजकीय विद्यालय में मौजूद छात्राएं - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। भारत नेपाल सीमा पर स्थित तराई वाले इस जिले में शिक्षा की हालत पहले से ही खराब है। इसीलिए नीति आयोग ने इस जिले को आकांक्षी जिले के तहत लेते हुए यहां शिक्षा में सुधार का प्रयास किया था। लेकिन यह प्रयास माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में आते आते धीमे पड़ जा रहे हैं। यही कारण है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित राजकीय विद्यालयों में छात्रों का नामांकन तो है, लेकिन उनको पढ़ाने के लिए गुरुजनों की कमी है। राजकीय हाईस्कूल व इंटर कालेज में शैक्षिक स्थिति महज कागजी है। इंटरमीडिएट के चार स्कूलों में प्रधानाध्यापक का पद रिक्त है। यही स्थिति राजकीय हाईस्कूल की है, यहां भी 23 के सापेक्ष 21 पद रिक्त हैं।
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आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में मात्र चार राजकीय इंटर कालेज है। इसमें सभी स्थानों पर प्रधानाचार्यों का पद रिक्त है। प्रवक्ता व सहायक अध्यापक भी नियत संख्या से आधे भी नहीं है। यही स्थिति राजकीय हाईस्कूलों की भी है। यहां 23 प्रधानाध्यापक में से 21 पद रिक्त है। पूरे जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो राजकीय इंटर कालेज में 70 के सापेक्ष 32 पद रिक्त हैं। राजकीय हाईस्कूल में 184 के सापेक्ष 61 पद रिक्त है। यह पद शिक्षक व प्रधानाध्यापक के है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व क्लर्क के पद सभी स्थानों पर खली है। माध्यमिक शिक्षा के लिए जिले में केवल राजकीय विद्यालय व सहायता प्राप्त विद्यालय है। यह सभी यूपी बोर्ड से ही संचालित हैं। जिले में सीबीएसई व आईएससी बोर्ड का एक भी विद्यालय संचालित नहीं है।
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जिला मुख्यालय भिनगा स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज में तैनात उर्दू शिक्षक अकीला बानो व मीनाक्षी का स्थानांतरण हो गया है। यहां तैनात शिक्षिका मीनू मलिक ने त्याग पत्र दे दिया है। यहां कक्षा 9, 10 व 11 के दो दो सेक्शन की कक्षाएं संचालित हो रही है, जहां 14 शिक्षिकाएं तैनात हैं। यहां हाईस्कूल उर्दू, संस्कृत, विज्ञान, इंटरमीडिएट गणित एवं हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के शारीरिक शिक्षा विषय के शिक्षकों की तैनाती न होने से इन विषयों की छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सीडीओ ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि राजकीय माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी समस्या है। इसका कुछ समाधान जनवरी में हुआ है। जिले को कुछ शिक्षक मिले हैं, अभी भी मानक के अनुरूप शिक्षक नहीं है। जिसके लिए पत्राचार हो रहा है।
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राजकीय इंटर कालेज की यह है स्थिति
पदनाम सृजित पद कार्यरत रिक्त पद
प्रधानाचार्य 04 00 04
प्रवक्ता 39 22 17
सहायक अध्यापक 27 16 11
राजकीय हाईस्कूल की यह है स्थिति
पदनाम सृजित पद कार्यरत रिक्त पद
प्रधानाध्यापक 23 02 21
सहायक अध्यापक 161 121 40
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