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घोड़े में मिला ग्लैंडर्स का वायरस

Mon, 19 Aug 2019 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 10:57 PM IST
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Glanders virus found in horse
घोड़े में ग्लैंडर्स के वायरस की पुष्टि के बाद जहर का इंजेक्शन देकर मारते पशु चिकित्सक। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। घोड़ों में होने वाली खतरनाक बीमारी ग्लैंडर्स का वायरस गिलौला क्षेत्र में मिला है। दंदौली के मजरा सौरैय्या में एक घोड़े में इस लाइलाज बीमारी की पुष्टि हुई है। राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार से पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को पशु चिकित्सकों की टीम की ओर से उसे जहर का इंजेक्शन देकर मारा गया। इसके बाद मिट्टी के नीचे दबा दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार यह जानलेवा बीमारी मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए संक्रमित घोड़े को चिकित्सकों की टीम ने इंजेक्शन देकर मार डाला।
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जिले में कुछ दिन पूर्व घोड़ों की जांच के लिए सीरम नमूने एकत्रित किए गए थे, जिसे जांच के लिए पशुपालन विभाग ने डीआरडीई भेजे थे। जिसकी रिपोर्ट जिले में आते ही हड़कंप मच गया।
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गिलौला विकास क्षेत्र के दंदौली गांव के मजरा सौरैय्या में एक घोड़ा ग्लैंडर्स के संक्रामक से प्रभावित पाया गया। जिसे डीएम के आदेश पर चिकित्सक व प्रशासन की संयुक्त टीम ने गांव से बाहर ले जाकर जहर का इंजेक्शन लगाकर मार डाला। इसके बाद मृत घोड़े को मिट्टी के नीचे दबा दिया गया है। जिले में इस संक्रमण को खोजने के लिए पशु पालन विभाग की ओर से 21 घोड़ों का ब्लड सैंपल लिया गया था।
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घातक है ग्लैंडर्स
ग्लैंडर्स की बीमारी ग्लैंडर्स बरखेलडेरिया मेलिआई जीवाणु जनित रोग है। यह बीमारी घोड़ों के बाद मनुष्यों, स्तनधारी पशुओं में पहुंचती है। यह नोटिफाईएबल है, जिसे जेनोटिक रोगों की श्रेणी में रखा गया है। इसका संक्रमण नाक, मुंह के म्यूकोसल सरफेस एवं सांस से होता है। मैलिन नाम के टेस्ट से बीमारी को कंफर्म किया जाता है।

यह है ग्लैंडर्स के लक्षण
ग्लैंडर्स का संक्रमण होने पर घोड़े, खच्चर व गधों के शरीर की गांठों में इंफेक्शन एवं पस बन जाता है। जानवर उठ नहीं पाता, शरीर में सूजन आ जाती है। बीमारी से पीड़ित होने पर मौत निश्चित है। यह संक्रमण पीड़ित पशु के पास के पशुओं में सौ प्रतिशत छह से दस किलोमीटर की परिधि में भी फैल सकता है। जबकि मनुष्यों में यह संक्रमण होने के बाद मानव के मांस पेशियों में दर्द, छाती में दर्द, शरीर में अकड़न, तेज सिरदर्द व नाक से पानी बहने लगता है।
- डॉ. जेआई सिंह, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी
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